उत्तर प्रदेश के कानपुर में चर्चित दवा कारोबारी विनीत मनोचा हत्याकांड में पुलिस ने एक अत्यंत सनसनीखेज खुलासा करते हुए मृतक के सगे बेटे सुब्रत मनोचा को हिरासत में ले लिया है। इस खौफनाक वारदात की कड़ियां तब जुड़ीं जब पुलिस रिमांड के दौरान मुख्य शूटर और बेटे का आमना-सामना कराया गया। कस्टडी में शूटर द्वारा किए गए चौंकाने वाले दावों के बाद पुलिस ने त्वरित कानूनी शिकंजा कसते हुए आरोपी पुत्र को कोर्ट में पेश करने की औपचारिकता पूरी कर ली है।
रिमांड पर आमना-सामना और शूटर का सनसनीखेज कबूलनामा
कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, भाड़े पर हत्या की वारदात को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी विशाल गौतम, उसके सहयोगी राजकिशोर तथा सुब्रत की पत्नी शालू को 24 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया गया था। इसी पूछताछ के दौरान जब जांच अधिकारियों ने सुब्रत मनोचा को शूटर विशाल के सम्मुख बैठाकर पूछताछ शुरू की, तो पूरे मामले की परतें खुलती चली गईं।
शूटर विशाल ने तफ्तीश दल के सामने सीधे तौर पर सुब्रत की ओर इशारा करते हुए यह खुलासा किया कि उसी ने अपने पिता को रास्ते से हटाने के लिए सुपारी दी थी। इसके एवज में 6 लाख रुपये की भारी-भरकम रकम तय की गई थी।
‘फंसना तो पत्नी पर मढ़ देना दोष’: साजिश की खौफनाक रूपरेखा
शूटर ने पुलिस के समक्ष यह भी दावा किया कि वारदात की साजिश रचते वक्त सुब्रत ने उसे खास हिदायत दी थी कि यदि वह किसी भी सूरत में कानून के शिकंजे में फंस जाए, तो पूरा इल्जाम उसकी पत्नी शालू पर मढ़ दे।
वहीं, जब पुलिस ने शालू को उसके पति और शूटर के सामने खड़ा किया, तो उसने रोते हुए जांचकर्ताओं से कहा कि असली गुनाहगार यानी सुब्रत को बचाने के इरादे से उसे जानबूझकर इस खौफनाक साजिश में फंसाया जा रहा है। हालांकि, पुलिस कमिश्नर का स्पष्ट कहना है कि सुब्रत ने फिलहाल कत्ल का जुर्म स्वीकार नहीं किया है, जिसके चलते पुलिस शूटर के दावों और सुब्रत के बयानों की सत्यता जांचने में जुटी है।
नए सिम कार्ड और कॉल डिटेल से खुला राज
अपराध शाखा और स्थानीय पुलिस की तकनीकी जांच में यह अहम सुराग हाथ लगा है कि वारदात को अंजाम देने से ठीक कुछ दिन पहले शूटर विशाल ने एक नया सिम कार्ड खरीदा था। डिजिटल सर्विलांस के जरिए मिले रिकॉर्ड से स्पष्ट हुआ कि उस नए नंबर से पहली टेलीफोनिक कॉल सीधे सुब्रत मनोचा के मोबाइल पर ही की गई थी।
बुधवार की देर रात तक पुलिस के आला अधिकारियों ने सुब्रत, उसकी पत्नी शालू और शूटर विशाल को अलग-अलग व संयुक्त रूप से बैठाकर कई चरणों में सघन पूछताछ की। पुलिस अब सभी कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), मोबाइल टावर लोकेशन और अन्य डिजिटल व परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कर रही है ताकि अदालत में पुख्ता साक्ष्य रखे जा सकें।
अपार्टमेंट में चाकू घोंपकर हुई थी कारोबारी की हत्या
उल्लेखनीय है कि 60 वर्षीय प्रमुख दवा व्यापारी विनीत मनोचा की बीते 5 सितंबर को कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र स्थित ‘रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट’ में बेरहमी से चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई थी। घर के भीतर हुए इस जघन्य हत्याकांड ने पूरे शहर के व्यापारिक वर्ग को दहला दिया था। अब सगे बेटे की संदिग्ध भूमिका और सुपारी किलर के साथ उसकी संलिप्तता उजागर होने के बाद पुलिस पूरी जांच को अंतिम नतीजे तक पहुंचाने में जुटी हुई है।





















































