उत्तर प्रदेश की राजनीति में पश्चिमी यूपी से एक बड़ा सियासी उलटफेर सामने आया है। सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के परिवार में ही राजनीतिक मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। सांसद के दामाद शायान मसूद ने कांग्रेस का दामन छोड़कर समाजवादी पार्टी का झंडा थाम लिया है। राजधानी लखनऊ में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की, जिसे आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के लिए एक बड़ा रणनीतिक झटका माना जा रहा है।
अखिलेश यादव से मिले शायान मसूद, सपा ने जारी की तस्वीर
लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में शायान मसूद, शादान मसूद और उनके कई समर्थकों ने औपचारिक तौर पर समाजवादी पार्टी की सदस्यता ली। इसके तुरंत बाद सभी नेताओं ने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव से शिष्टाचार भेंट की। समाजवादी पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर इस मुलाकात की तस्वीरें साझा कर नए सदस्यों का स्वागत किया। सपा में शामिल होते ही शायान मसूद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अखिलेश यादव के समर्थन में एक विशेष गाना पोस्ट कर अपने सियासी रुख का स्पष्ट संदेश दिया।
‘पीडीए’ की ताकत और बदलाव की लहर: शायान मसूद
सपा की सदस्यता लेने के बाद मीडिया से बातचीत में शायान मसूद ने कहा कि समाजवादी पार्टी पूरे प्रदेश में लगातार मजबूत हो रही है और जनता के बीच ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का फॉर्मूला बेहद लोकप्रिय हो चुका है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की अवाम अब बदलाव चाहती है और युवाओं में इसे लेकर जबरदस्त उत्साह है। शायान ने दावा किया कि वे सपा की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाएंगे और आगामी चुनावों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के भीतर पार्टी को शानदार चुनावी नतीजे दिलाएंगे।
अखिलेश यादव के विजन की तारीफ, मौजूदा सरकार पर साधा निशाना
सपा अध्यक्ष के नेतृत्व की जमकर सराहना करते हुए शायान मसूद ने उन्हें प्रदेश का सबसे दूरदर्शी और प्रगतिशील नेता करार दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2012 से 2017 के दौरान अखिलेश सरकार ने जो विकास कार्य किए थे, मौजूदा भाजपा सरकार आज तक उनकी बराबरी नहीं कर सकी है। उन्होंने कहा कि चाहे युवाओं को मुफ्त लैपटॉप और साइकिल बांटने की योजना हो या फिर विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे और बुनियादी ढांचे का निर्माण, अखिलेश यादव ने प्रदेश को नई दिशा दी थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वर्तमान सरकार केवल पुरानी योजनाओं की नकल करने की कोशिश कर रही है, लेकिन नकल के लिए भी समझदारी की आवश्यकता होती है।





















































