उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में ठगी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां अस्पताल खोलने और मुनाफे का लालच देकर एक निवेशक से करीब 39 लाख रुपये ऐंठ लिए गए। मेरठ के रहने वाले एक डॉक्टर और उसकी पत्नी ने इस शातिर जालसाजी को अंजाम दिया था। लंबे समय से कानून की गिरफ्त से दूर चल रहे इस दंपत्ति को आखिरकार सहारनपुर पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से घेराबंदी कर धर दबोचा और न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है।
पार्टनरशिप और भारी मुनाफे का सब्जबाग दिखाकर फंसाया
इस सनसनीखेज धोखाधड़ी का खुलासा सहारनपुर के मिर्जापुर थाना क्षेत्र में हुआ। पुलिस से प्राप्त विवरण के मुताबिक, हरियाणा के यमुनानगर के रहने वाले श्यामलाल ने अगस्त 2025 में इस संबंध में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित का आरोप था कि मेरठ के रहने वाले डॉक्टर नितिन, उसकी पत्नी अन्नू और उनके एक अन्य सहयोगी मागेराम ने मिर्जापुर में मिलकर एक नया अस्पताल स्थापित करने की योजना बनाई थी। इन तीनों ने मिलकर श्यामलाल को विश्वास दिलाया कि यदि वे इस स्वास्थ्य परियोजना में अपनी पूंजी निवेश करते हैं, तो उन्हें कारोबार में शानदार हिस्सेदारी और भारी मुनाफा मिलेगा। आरोपियों के चिकनी-चुपड़ी बातों के जाल में फंसकर पीड़ित ने किश्तों में कुल 39 लाख 15 हजार 829 रुपये उनके हवाले कर दिए। विश्वास जीतने के लिए जालसाजों ने उन्हें कुछ फर्जी कागजात और पार्टनरशिप दस्तावेज भी थमा दिए थे।
जब रकम वापसी की बारी आई तो मुकरे आरोपी, शुरू हुआ फरार होने का दौर
समय बीतने के बाद भी जब मिर्जापुर में किसी भी अस्पताल के धरातल पर उतरने के कोई आसार नहीं दिखे, तब जाकर पीड़ित श्यामलाल को अपने साथ हुई बड़ी ठगी का अहसास हुआ। जब उन्होंने आरोपियों से अपनी गाढ़ी कमाई के पैसे वापस मांगे, तो उन्होंने रकम लौटाने से स्पष्ट इंकार कर दिया और रसूख का धौंस दिखाने लगे। कोई अन्य रास्ता न देख पीड़ित ने स्थानीय थाने का दरवाजा खटखटाया और न्याय की गुहार लगाई। मामला दर्ज होने के बाद से ही आरोपी डॉक्टर और उसकी पत्नी पुलिस की पकड़ से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदलते हुए फरार चल रहे थे।
पुलिस की विशेष दबिश और घेराबंदी में धरे गए आरोपी
जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के सख्त निर्देशों के बाद फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मिर्जापुर थाना पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस टीम ने 19 जुलाई को मुख्य जालसाज डॉक्टर नितिन को स्पोर्ट्स कॉलेज जाटोवाला के नजदीक से घेराबंदी कर दबोच लिया। इसके ठीक अगले दिन यानी 20 जुलाई को उसकी पत्नी अन्नू को भी बादशाही बाग बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपियों को कानूनी प्रक्रियाओं के तहत अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पुराना आपराधिक इतिहास खंगाल रही पुलिस, तीसरे साथी की तलाश जारी
पुलिस की गहन छानबीन में यह बात भी सामने आई है कि आरोपी डॉक्टर नितिन का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी संदिग्ध रहा है। उसके खिलाफ शामली जिले में भी धोखाधड़ी और ठगी से जुड़ा एक अन्य मुकदमा पहले से दर्ज है। पुलिस अब उसके पुराने कारनामों और आपराधिक इतिहास की पूरी कुंडली खंगालने में जुटी हुई है। इस पूरे गिरोह के तीसरे और अहम सहयोगी मागेराम की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों का दावा है कि शेष आरोपी को भी जल्द ही कानून के शिकंजे में ले लिया जाएगा।





















































