उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अति-महत्वपूर्ण सरकारी परिसरों में शुमार जवाहर भवन में सोमवार की सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब इमारत के एक हिस्से से अचानक धुआं उठने लगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जवाहर भवन की चौथी मंजिल पर स्थित कैंटीन इस आग की चपेट में आ गई थी, जिसके चलते कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुर्घटना की खबर मिलते ही प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई। हालांकि, समय रहते दमकल विभाग, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों ने मोर्चा संभाल लिया और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया। गनीमत यह रही कि इस गंभीर हादसे में किसी भी प्रकार की जनहानि या हताहत होने की कोई सूचना सामने नहीं आई है, जिससे प्रशासन और पीड़ित परिवारों ने राहत की सांस ली है।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और अधिकारियों ने संभाली स्थिति, समय रहते खाली कराई गई इमारत
घटना की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने तुरंत पूरे मामले की कमान संभाली और स्थिति की जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि आग की शुरुआत चौथी मंजिल पर स्थित कैंटीन के क्षेत्र से हुई थी। समय रहते त्वरित कार्रवाई करते हुए सुरक्षा बलों ने पूरी बहुमंजिला इमारत को पूरी तरह खाली करा लिया, जिससे अंदर काम कर रहे कर्मचारियों और अन्य आगंतुकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर ने मीडिया को विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन को इस दुर्घटना की सूचना सोमवार सुबह करीब 10 बजे प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बिना एक पल गंवाए घटनास्थल पर पहुंच गईं। राहत एवं बचाव अभियान के दौरान यह पुष्टि कर ली गई कि इमारत के भीतर कोई भी व्यक्ति फंसा हुआ नहीं था। आग बुझाने के इस अभियान में 10 से अधिक दमकल गाड़ियों को लगाया गया था, जिन्होंने अपनी सूझबूझ से आग को अन्य कार्यालयों तक फैलने से रोक लिया।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, डीजी फायर सर्विस ने दिए निष्पक्ष जांच के आदेश
फायर सर्विस की महानिदेशक (डीजी) पद्मजा चौहान ने स्थिति का जायजा लेते हुए बताया कि जवाहर भवन एक प्रमुख सरकारी कार्यालयों की इमारत है, जहां कई विभागों के दफ्तर संचालित होते हैं। आग बुझाने के बाद अब विभाग का पूरा फोकस इस बात का पता लगाने पर है कि इस दुर्घटना के पीछे के वास्तविक कारण क्या थे। हालांकि प्रारंभिक तौर पर इस भीषण आग के पीछे शॉर्ट सर्किट होने की गहरी आशंका जताई जा रही है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि तकनीकी विशेषज्ञों और फॉरेंसिक जांच के पूरा होने के बाद ही की जाएगी।
घटना के तुरंत बाद पूरे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया तथा भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित हिस्से का निरीक्षण किया जा रहा है ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी अनहोनी से पूरी तरह बचा जा सके। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और प्रशासनिक अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।





















































