दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए बुनियादी ढांचे और सफर को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से विमानों के प्रस्तावित संचालन से ठीक पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह हाईटेक करने का महाप्लान तैयार किया है। इसके तहत नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में जल्द ही 500 इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर दौड़ती नजर आएंगी, जिससे यात्रियों का सफर बेहद सुगम और आधुनिक हो जाएगा।
- जेवर एयरपोर्ट का तोहफा: 15 जून से प्रस्तावित विमान संचालन से पहले एनसीआर के सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ करने के सख्त निर्देश।
- पहले चरण में 110 ई-बसें: शुरुआत में कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए तत्काल प्रभाव से 110 इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतारी जाएंगी।
- ईवी चार्जिंग का महाजाल: यूपी में 2030 तक 10,000 चार्जिंग स्टेशन बनाने का लक्ष्य, अब तक 2,500 स्टेशन हो चुके हैं चालू।
- एक्सप्रेसवे के लिए डेडलाइन: आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल, जेवर और झांसी लिंक एक्सप्रेसवे का भूमि अधिग्रहण जून के अंत तक पूरा करने का अल्टीमेटम।
- मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक हब: ग्रेटर नोएडा में बन रहे इस मेगा प्रोजेक्ट की निविदा (Tender) तिथि बढ़ाकर 6 जुलाई 2026 की गई।
जेवर एयरपोर्ट से उड़ानों से पहले चमकेगा ट्रांसपोर्ट सिस्टम, सीएम योगी का कड़ा रुख
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कर दिया है कि राज्य में विकास कार्यों और वैश्विक स्तर के निवेश में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लखनऊ में राज्य परिवर्तन आयोग (STC) की चौथी महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के आसपास कनेक्टिविटी बढ़ाने पर सबसे ज्यादा जोर दिया।
सीएम योगी ने निर्देश दिया कि 15 जून से जेवर हवाईअड्डे से प्रस्तावित उड़ानों के शुरू होने से पहले सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को चाक-चौबंद कर लिया जाए। इसके लिए नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यीडा (YEIDA) क्षेत्र में कुल 500 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की योजना की समीक्षा की गई, जिसके पहले चरण में यात्रियों की सुविधा के लिए 110 अत्याधुनिक ई-बसें तुरंत उपलब्ध कराई जाएंगी।
यूपी में इलेक्ट्रिक वाहनों की क्रांति: 2030 तक बनेगा बड़ा चार्जिंग नेटवर्क
उत्तर प्रदेश देश में सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के पंजीकरण वाला राज्य बन चुका है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान में प्रदेश के भीतर लगभग 15.5 लाख इलेक्ट्रिक वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इस क्रांति को और आगे बढ़ाने के लिए योगी सरकार बुनियादी ढांचे के विस्तार में जुटी हुई है।
बैठक में सीएम ने निर्देश दिए कि ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग स्टेशनों का तेजी से विस्तार किया जाए। सरकार ने साल 2030 तक पूरे सूबे में 10,000 नए चार्जिंग स्टेशन विकसित करने का विशाल लक्ष्य निर्धारित किया है। राहत की बात यह है कि इस दिशा में काम तेजी से चल रहा है और अब तक लगभग 2,500 चार्जिंग स्टेशन पूरी तरह क्रियाशील हो चुके हैं।
एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार, जून के अंत तक डेडलाइन तय
उत्तर प्रदेश को ‘एक्सप्रेसवे प्रदेश’ के रूप में स्थापित करने के बाद अब सरकार विभिन्न क्षेत्रों को आपस में जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे पर ध्यान केंद्रित कर रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि बेहतर रोड कनेक्टिविटी से न केवल औद्योगिक विकास को गति मिलती है, बल्कि निवेश और बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होते हैं।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए आवश्यक भूमि का लगभग 55 प्रतिशत हिस्सा प्राप्त किया जा चुका है। वहीं, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, जेवर लिंक एक्सप्रेसवे और झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण की सभी औपचारिकताएं जून के अंत तक हर हाल में पूरी कर ली जाएं। इसके अलावा, मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे के ‘एलाइनमेंट’ को भी मंजूरी दे दी गई है और भूमि अधिग्रहण की कार्ययोजना पर काम शुरू हो गया है।
मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक और ट्रांसपोर्ट हब: निवेशकों के लिए बड़ा मौका
ग्रेटर नोएडा में बनने जा रहे ‘मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब’ (MMLH) और ‘मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब’ (MMTH) को लेकर भी बैठक में महत्वपूर्ण प्रगति रिपोर्ट साझा की गई। लॉजिस्टिक हब के लिए निर्धारित 323 हेक्टेयर भूमि में से 301 हेक्टेयर भूमि पर प्रशासन को कब्जा मिल चुका है। इस मेगा प्रोजेक्ट के डेवलपर चयन के लिए अंतरराष्ट्रीय निविदा (Tender) की अंतिम तिथि को बढ़ाकर अब 6 जुलाई 2026 कर दिया गया है, ताकि बेहतरीन वैश्विक कंपनियों को आकर्षित किया जा सके।
इसी तरह, ट्रांसपोर्ट हब के लिए आवश्यक 200 हेक्टेयर भूमि में से 144 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध हो चुकी है और शेष भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेशकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखा जाए और उनके मामलों का निस्तारण बिना किसी लालफीताशाही के तत्काल किया जाए।
लखनऊ में सीड और टेक्सटाइल पार्क, उन्नाव में ‘एक्वा ब्रिज’: वैश्विक बाजार पर नजर
औद्योगिक और बुनियादी ढांचे के साथ-साथ योगी सरकार उत्तर प्रदेश के कृषि और पारंपरिक उद्योगों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की तैयारी में है। बैठक के दौरान लखनऊ में बनने वाले प्रस्तावित ‘सीड पार्क’ (Seed Park) और ‘टेक्सटाइल पार्क’ (Textile Park) की प्रगति की समीक्षा की गई।
इसके साथ ही, जेवर हवाईअड्डे के पास एक आधुनिक कृषि निर्यात केंद्र (Agri-Export Center) और उन्नाव में महत्वाकांक्षी ‘एक्वा ब्रिज परियोजना’ को लेकर भी तेजी से काम करने के निर्देश दिए गए। सीएम योगी ने कहा कि यूपी के कृषि, बागवानी और मत्स्य पालन (Fishes) से जुड़े उत्पादों की गुणवत्ता वैश्विक स्तर की है, बस उन्हें आधुनिक प्रसंस्करण (Processing) और निर्यात सुविधाएं देने की जरूरत है, ताकि किसानों की आय में भारी इजाफा हो सके।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक से साफ है कि आने वाले कुछ महीने उत्तर प्रदेश, विशेषकर दिल्ली-एनसीआर की सूरत बदलने वाले हैं। 15 जून से जेवर एयरपोर्ट का शुरू होना और उसके साथ ही 500 ई-बसों का बेड़ा उतरना इस इलाके में रियल एस्टेट, रोजगार और यात्रा के अनुभव को पूरी तरह बदल देगा। बुनियादी ढांचे के ये मेगा प्रोजेक्ट्स आने वाले समय में उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में रीढ़ की हड्डी साबित होंगे।





















































