बदायूं। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक कलयुगी पति ने अपने नाजायज प्रेम संबंधों के रास्ते में रोड़ा बन रही पत्नी को बेहद बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। इस खौफनाक हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी ने साक्ष्य मिटाने के लिए जो किया, उसने पुलिस प्रशासन के भी होश उड़ा दिए। पुलिस ने इस पूरे मामले का भंडाफोड़ करते हुए मुख्य आरोपी पति और उसके दो मददगार रिश्तेदारों को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पुलिस की सतर्कता और वैज्ञानिक जांच के चलते इस पूरे जघन्य हत्याकांड की परतों को बेनकाब करने में कामयाबी मिली है।
गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश
इस पूरे घटनाक्रम का विवरण देते हुए क्षेत्राधिकारी (सीओ) अंशुमान श्रीवास्तव ने बताया कि यह खौफनाक वारदात बीती 1 और 2 जून की दरमियानी रात को अंजाम दी गई थी। मृतका की पहचान 26 वर्षीय सत्यवती यादव के रूप में हुई है, जिसकी गला दबाकर हत्या की गई थी। वारदात को एक सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम देने के बाद मुख्य आरोपी पति जय सिंह यादव ने खुद को बेकसूर दिखाने के लिए बिसौली थाने में अपनी पत्नी के अचानक लापता होने की एक झूठी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी।
शुरुआती दौर में पुलिस इसे एक सामान्य गुमशुदगी का मामला मानकर चल रही थी। तफ्तीश के दौरान पुलिस ने जब मृतका के पति और उसके बहनोई के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर जांच की दिशा बदली, तो शक की सुई सीधे पति पर जाकर टिक गई।
पानी की टंकी में छुपाया शव, फिर श्मशान घाट में चुपके से फूंका
जांच अधिकारी सीओ अंशुमान श्रीवास्तव के मुताबिक, आरोपी जय सिंह यादव के किसी अन्य महिला से अवैध संबंध चल रहे थे। इन संबंधों की जानकारी जब उसकी पत्नी सत्यवती को हुई, तो घर में आए दिन कलह होने लगी। जय सिंह अपनी पत्नी को अपने एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर में सबसे बड़ी बाधा मानने लगा था और इसी वजह से उसने सत्यवती को हमेशा के लिए अपने रास्ते से हटाने का मन बना लिया।
योजना के तहत आरोपियों ने सबसे पहले सत्यवती का गला घोंट दिया। हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने की तत्काल व्यवस्था न होने पर उन्होंने लाश को कई दिनों तक घर के भीतर ही पानी के टैंक में छिपाकर रखा। जब मामला थोड़ा शांत हुआ, तो आरोपी शव को चुपके से स्थानीय श्मशान घाट ले गए और वहां उसका अंतिम संस्कार कर दिया। अपराध को पूरी तरह छुपाने और वैज्ञानिक साक्ष्यों को नष्ट करने के उद्देश्य से आरोपियों ने मृतका की अस्थियों और अवशेषों को सोत नदी के तेज बहाव में फेंक दिया।
वैज्ञानिक जांच से खुला राज, सोत नदी से मिले अहम सुराग
बदायूं पुलिस ने इस पेचीदा मामले को सुलझाने के लिए आधुनिक फॉरेंसिक तकनीकों, वैज्ञानिक साक्ष्यों और संदिग्धों से कड़ाई से की गई पूछताछ का सहारा लिया। गहन जांच-पड़ताल के बाद पुलिस ने घटनास्थल और उसके आसपास से कई अहम सबूत जुटाए हैं। पुलिस की बरामदगी सूची में मृतका की टूटी हुई चूड़ियां, पायल, बिछिया, सिंदूर, पहने हुए कपड़े, दुपट्टा समेत अपराध में इस्तेमाल किए गए औजार जैसे फावड़ा, तसला, बाल्टी, एक मोबाइल फोन और वारदात के समय उपयोग की गई मोटरसाइकिल शामिल है।
इस सामूहिक अपराध में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी जय सिंह यादव के साथ उसके दो सक्रिय मददगार रिश्तेदारों—रामभान यादव और चंदेले यादव उर्फ झाकड़ को धर दबोचा है।
दो आरोपी अब भी फरार, पुलिस दे रही दबिश
क्षेत्राधिकारी ने बताया कि इस वीभत्स हत्याकांड में सबूतों को पूरी तरह से नष्ट करने के प्रयास के कारण मुकदमे में साक्ष्य मिटाने से जुड़ी संबंधित कानूनी धाराएं भी बढ़ा दी गई हैं। पकड़े गए तीनों आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वहीं, इस साजिश में शामिल दो अन्य सह-आरोपी सर्वेश यादव और विजय यादव उर्फ छोटे फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस प्रशासन ने दावा किया है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उन्हें भी सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।





















































