उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले से एक बड़ी सड़क दुर्घटना की खबर सामने आई है। गुरुवार को नसीराबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत स्कूली बच्चों को लेकर जा रही एक बस अचानक संतुलन खोने के कारण मार्ग के किनारे गहरी खाई में पलट गई। दुर्घटना के वक्त वाहन में कुल 18 मासूम छात्र-छात्राएं सवार थे, जिससे मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में तीन स्कूली बच्चे मामूली रूप से घायल हुए हैं, जबकि बस के चालक और परिचालक को भी चोटें आई हैं। गनीमत यह रही कि 15 अन्य बच्चे पूरी तरह सुरक्षित बच गए और कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई।
अचानक सामने आए बाइक सवार को बचाने के फेर में हुआ हादसा
पुलिस सूत्रों से प्राप्त विस्तृत विवरण के मुताबिक, यह स्कूल बस पड़ोसी जनपद अमेठी के गौरीगंज स्थित एक प्रतिष्ठित पब्लिक स्कूल से संबद्ध है। बस प्रतिदिन की तरह जिले की सीमा से सटे रायबरेली के नसीराबाद क्षेत्र से विद्यार्थियों को स्कूल ले जाने के लिए निकली थी। काजीपुर-तेलियानी संपर्क मार्ग से गुजरते समय अचानक तीव्र गति से एक मोटरसाइकिल बस के सामने आ गई। दोपहिया वाहन चालक को सीधी टक्कर से सुरक्षित बचाने के प्रयास में बस चालक ने वाहन को सड़क से नीचे कच्चे किनारे की ओर मोड़ दिया। बरसात या मिट्टी के कारण पहिया फिसल गया और पूरा वाहन अनियंत्रित होकर सीधे खंती में पलट गया।
स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए शुरू किया बचाव अभियान
बस के पलटते ही अंदर बैठे बच्चों की चीखने-चिल्लाने की आवाजें गूंजने लगीं। तेज आवाज और बच्चों की आवाज सुनकर आसपास खेतों तथा घरों में मौजूद ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की तरफ दौड़े। स्थानीय निवासियों ने अद्वितीय सूझबूझ और तत्परता का प्रदर्शन करते हुए तत्काल राहत एवं बचाव कार्य संभाला। ग्रामीणों ने एक-एक करके खिड़कियों और दरवाजों के सहारे अंदर फंसे सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालना शुरू कर दिया, जिससे बड़ा संकट टल गया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद स्थिति स्थिर
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंच गया। दुर्घटना के शिकार 18 बच्चों में से छतोह क्षेत्र के आलमपुर निवासी दर्शील समेत तीन बच्चों को हल्की चोटें आई थीं। स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों की मदद से घायल तीनों बच्चों, बस चालक और परिचालक को तुरंत नजदीकी नसीराबाद स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया गया। चिकित्सा दल द्वारा त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के बाद डॉक्टरों ने बताया कि सभी की हालत खतरे से बाहर और सामान्य है। किसी भी छात्र को गंभीर या जानलेवा चोट नहीं आई है, जिससे परिजनों और स्कूल प्रशासन ने राहत की सांस ली है।













































