गोरखपुर: भारतीय जनता पार्टी के सांसद और जाने-माने अभिनेता रवि किशन ने विपक्षी खेमे की मंशा पर कड़ा हमला बोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बुधवार को दावा किया कि विपक्षी गठबंधन देश के मौजूदा शांत वातावरण को बिगाड़कर भारत में दोबारा दंगों और बम विस्फोटों का पुराना दौर वापस लाने का प्रयास कर रहा है। भाजपा सांसद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विपक्षी दल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निरंतर चुनावी विजयों और भारतीय जनता पार्टी के लगातार मजबूत होते जनाधार को मानसिक रूप से स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं, जिसके चलते वे राष्ट्र को अस्थिर करने की सियासत पर उतर आए हैं।
‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में हुंकार
गोरखपुर संसदीय क्षेत्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) द्वारा ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ शीर्षक से एक विशाल जन पदयात्रा का आयोजन किया गया था। इस अभियान के तहत आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए सांसद रवि किशन ने राष्ट्रविरोधी तत्वों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि राजग का यह मार्च उन विभाजनकारी ताकतों और तथाकथित ‘टुकड़े-टुकड़े गिरोह’ के षड्यंत्रों के विरुद्ध एक निर्णायक अभियान है, जो समाज में अलगाव और नफरत का जहर घोलना चाहते हैं।
‘मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों को निशाना बनाने की साजिश’
विपक्षी दलों की नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए रवि किशन ने कहा कि देशविरोधी मानसिकता रखने वाले संगठन और उनके राजनीतिक संरक्षक चाहते हैं कि देश के विभिन्न हिस्सों में अशांति फैले। उन्होंने आरोप लगाया कि ये ताकतें भारत के पवित्र मंदिरों और अन्य महत्वपूर्ण जनस्थलों पर एक बार फिर हिंसा और बम धमाकों का मंजर देखना चाहती हैं। सांसद ने कहा कि केंद्र में मजबूत और राष्ट्रहितैषी नेतृत्व होने के चलते ऐसे मंसूबे कभी कामयाब नहीं हो पाएंगे।
राहुल गांधी और चुनावी जीत पर कसा तंज
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि चुनावी पराजयों से हताश नेता यह पचा नहीं पा रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार जनादेश कैसे हासिल कर रहे हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि जनता के अटूट भरोसे के दम पर भारतीय जनता पार्टी वर्ष 2014 से लगातार ऐतिहासिक जनादेश हासिल कर रही है। उन्होंने विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा एक दशक से ज्यादा समय से निष्पक्ष लोकतांत्रिक तरीके से जनता का समर्थन जीत रही है, जबकि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर अब बेवजह के विवाद और चर्चाएं खड़ी की जा रही हैं।




















































