उत्तर प्रदेश के हरदोई जनपद से एक बड़ी दुर्घटना सामने आई है, जहां कोतवाली शहर इलाके में बिलग्राम मार्ग पर स्थित जल निगम ग्रामीण के अधीन संचालित एनसीसी लिमिटेड के भंडार गृह (स्टोर) में भोर के समय अचानक भीषण आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग की ऊंची लपटों और धुएं के गुबार ने पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें हरकत में आईं और छह दमकल वाहनों की मदद से करीब चार घंटे के सघन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद लपटों पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सका। राहत की बात यह रही कि इस अग्निकांड में किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई, यद्यपि गोदाम में रखा सारा साजो-सामान पूरी तरह जलकर खाक हो गया।
भोर में 3:30 बजे उठीं लपटें, मची अफरा-तफरी
घटनाक्रम के अनुसार, बिलग्राम रोड स्थित एनसीसी लिमिटेड के स्टोर परिसर में तड़के लगभग 3:30 बजे अचानक धुआं और लपटें उठती दिखाई दीं। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, आग ने पूरे परिसर को घेर लिया। स्थानीय निवासियों द्वारा तुरंत आपातकालीन सेवा और अग्निशमन दल को मामले से अवगत कराया गया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) महेश सिंह के मुताबिक, नियंत्रण कक्ष से सूचना प्राप्त होते ही सदर फायर स्टेशन से तत्काल प्रभाव से पहली गाड़ी को मौके के लिए रवाना किया गया था।
विशाल लपटें देख बढ़ाई गई दमकल गाड़ियों की संख्या
घटनास्थल पर पहुंची पहली टीम ने स्थिति का जायजा लिया तो आग विकराल रूप धारण कर चुकी थी और लपटें लगातार फैल रही थीं। हालात की गंभीरता और संभावित खतरे को भांपते हुए जिले के अन्य दमकल केंद्रों से फौरन अतिरिक्त सहायता मांगी गई। इसके बाद सदर स्टेशन से दो और गाड़ियां, संडीला फायर स्टेशन से दो गाड़ियां तथा बिलग्राम से एक गाड़ी को तुरंत मौके पर भेजा गया। इस प्रकार कुल छह दमकल वाहनों ने मोर्चा संभालते हुए चौतरफा पानी की बौछारें शुरू कीं।
प्लास्टिक स्क्रैप ने बढ़ाई चुनौती, सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
अग्निशमन कर्मियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती गोदाम के पास खुले में डंप किया गया प्लास्टिक का भारी स्क्रैप था। यदि आग इस स्क्रैप तक पहुंच जाती, तो लपटों को संभालना बेहद मुश्किल हो जाता और आसपास की बस्तियों को भी गंभीर खतरा पैदा हो सकता था। दमकल कर्मियों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए सबसे पहले प्लास्टिक स्क्रैप और गोदाम के चारों तरफ कूलिंग प्रक्रिया शुरू की। इस रणनीतिक घेराबंदी के चलते आग को बाहरी इलाके में फैलने से रोक लिया गया और करीब चार घंटे तक चले निरंतर अभियान के बाद आग को पूरी तरह शांत कर दिया गया।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, नुकसान के आकलन में जुटा प्रशासन
मुख्य अग्निशमन अधिकारी महेश सिंह ने स्पष्ट किया कि इस भीषण अग्निकांड में कोई हताहत नहीं हुआ है, जो एक बहुत बड़ी राहत है। प्राथमिक पड़ताल के आधार पर अंदेशा जताया जा रहा है कि यह हादसा शॉर्ट सर्किट की वजह से हुआ हो सकता है। हालांकि, तकनीकी टीम द्वारा वास्तविक कारणों की गहराई से जांच की जा रही है। साथ ही गोदाम के भीतर जले हुए उपकरणों और सामग्रियों के कुल वित्तीय नुकसान का सटीक आकलन करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।













































