मेरठ के चर्चित अंजलि शर्मा हत्याकांड में पुलिस ने मुख्य आरोपी सूफियान को गिरफ्तार कर लिया है। शादी से इनकार और आपसी विवाद के चलते सूफियान ने अपनी बहन के साथ मिलकर अंजलि को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद स्कूटी पर शव ले जाने के रोंगटे खड़े कर देने वाले सीसीटीवी फुटेज ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है।
- मेरठ मेडिकल कॉलेज की संविदा नर्स अंजलि शर्मा हत्याकांड का मुख्य आरोपी सूफियान गिरफ्तार।
- लोहियानगर में शादी को लेकर हुए विवाद के बाद बहन साजिदा के साथ मिलकर की थी हत्या।
- वारदात को छिपाने के लिए स्कूटी और ई-रिक्शा का इस्तेमाल, राहगीरों ने अनजाने में की आरोपियों की मदद।
- हत्या के सबूत मिटाने में अस्पताल के वार्ड बॉय जबर सिंह ने दिया था साथ, वह भी हो चुका है गिरफ्तार।
- पुलिस ने धर्मांतरण के एंगल को किया पूरी तरह खारिज, निजी संबंधों को बताया वारदात की मुख्य वजह।
खौफनाक साजिश और एक दर्दनाक अंत
उत्तर प्रदेश का मेरठ शहर इन दिनों एक ऐसी खौफनाक वारदात का गवाह बना है, जिसने इंसानियत की रूह कंपा दी है। 21 मई की सुबह जब मेडिकल कॉलेज में संविदा नर्स के पद पर कार्यरत अंजलि शर्मा अपने घर (जागृति विहार) से ड्यूटी के लिए निकली थी, तो किसी ने नहीं सोचा था कि वह कभी लौटकर नहीं आएगी।
पुलिस की गहन जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी सूफियान ने एक सोची-समझी साजिश के तहत अंजलि को बहाने से लोहियानगर स्थित अपने किराये के कमरे पर बुलाया था। कमरे के अंदर शादी और निजी संबंधों को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हुई। विवाद इतना बढ़ गया कि सूफियान ने अपनी बहन साजिदा के साथ मिलकर रस्सी से अंजलि का गला घोंट दिया और एक हंसती-खेलती जिंदगी को हमेशा के लिए शांत कर दिया।
रोंगटे खड़े कर देने वाला CCTV फुटेज
इस हत्याकांड का सबसे खौफनाक पहलू वह सीसीटीवी फुटेज है, जिसे देखकर किसी के भी पसीने छूट जाएं। हत्या के बाद दोनों भाई-बहनों ने अंजलि के शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। परिजनों द्वारा जुटाए गए एक सीसीटीवी वीडियो में साफ दिख रहा है कि सूफियान अंजलि के बेजान शरीर को अपनी गोद में उठाकर घर से बाहर लाता है।
बाहर उसकी बहन साजिदा स्कूटी स्टार्ट करके तैयार खड़ी रहती है। सूफियान शव को गोद में लेकर पीछे बैठ जाता है। सड़क पर चलते वक्त अंजलि के पैर जमीन पर घिसट रहे थे। सबसे दर्दनाक बात यह रही कि रास्ते में कुछ राहगीरों ने अंजलि को बीमार समझकर हमदर्दी में उसके पैरों को उठाकर स्कूटी के अंदर कर दिया। उन्हें भनक तक नहीं थी कि वे किसी मरीज की नहीं, बल्कि एक कातिल की मदद कर रहे हैं।
ई-रिक्शा, हेलमेट और गुमराह करने का शातिर खेल
आरोपियों का मकसद सिर्फ हत्या करना नहीं था, बल्कि पुलिस को उलझाना भी था। शव को स्कूटी पर ले जाने के बाद, आरोपियों ने पूरी घटना को आत्महत्या या सामान्य मौत का रूप देने की कोशिश की। उन्होंने शव को एक ई-रिक्शा में रखा और मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड के बाहर लावारिस हालत में छोड़ दिया।
सीसीटीवी कैमरों की जांच में पुलिस ने देखा कि हेलमेट पहने एक युवती शव को छोड़कर भाग रही है। बाद में उस युवती की पहचान सूफियान की बहन साजिदा के रूप में हुई। इस खौफनाक खेल में मेडिकल कॉलेज के वार्ड बॉय जबर सिंह की भूमिका भी सामने आई। उसने अस्पताल के अंदर सुबूत मिटाने और आरोपियों की मदद करने का काम किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए साजिदा और जबर सिंह को पहले ही जेल भेज दिया था, और अब मुख्य आरोपी सूफियान भी सलाखों के पीछे है।
रहस्यमयी युवती और सुबूत मिटाने की दूसरी कोशिश
मामले की परतें यहीं खत्म नहीं होतीं। पुलिस के हाथ एक और अहम सीसीटीवी फुटेज लगा है, जिसने इस केस में एक नया सस्पेंस जोड़ दिया है। यह वीडियो हत्या के लगभग 45 मिनट बाद का है। इसमें सूफियान एक अज्ञात युवती के साथ दोबारा अपने उसी कमरे पर पहुंचता दिखाई दे रहा है, जहां अंजलि की हत्या की गई थी।
माना जा रहा है कि दोनों ने मिलकर वारदात की जगह से अहम सुबूतों को नष्ट किया और खून या संघर्ष के निशान मिटाए। इसके बाद वे दोनों वहां से फरार हो गए। पुलिस की कई टीमें अब उस रहस्यमयी युवती की सरगर्मी से तलाश कर रही हैं, जिसकी गिरफ्तारी के बाद कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
धर्मांतरण का एंगल खारिज, प्रेम-प्रसंग बनी वजह
इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद सोशल मीडिया और शहर में तरह-तरह की अफवाहें फैलने लगी थीं। कई लोगों ने इसे ‘लव जिहाद’ या धर्मांतरण से जोड़कर देखना शुरू कर दिया था। हालांकि, एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने इन तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया है।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि पुलिस ने हर एंगल से इस मामले की बेहद बारीकी से जांच की है और अब तक की तफ्तीश में धर्मांतरण का कोई मामला सामने नहीं आया है। यह पूरी तरह से निजी संबंधों, प्रेम-प्रसंग और शादी को लेकर हुए विवाद के चलते की गई हत्या का मामला है।
यह हत्याकांड न सिर्फ कानून-व्यवस्था के लिए एक चुनौती है, बल्कि समाज में पनप रही उस विकृत मानसिकता का भी परिचायक है, जहां रिश्ते पल भर में खूनी खेल में तब्दील हो जाते हैं। लोगों की जान बचाने के पेशे से जुड़ी अंजलि को अपनों से ही मौत मिली। अब जनता की निगाहें पुलिस और न्यायपालिका पर टिकी हैं, ताकि अंजलि को जल्द से जल्द इंसाफ मिल सके और इस जघन्य अपराध में शामिल हर एक चेहरे को कड़ी सजा दी जा सके।





















































