लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पार्टी के खिलाफ चल रहे दुष्प्रचार और कथित स्टिंग ऑपरेशन को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को बसपा की बढ़ती लोकप्रियता और आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले पार्टी के जनाधार को नुकसान पहुँचाने की एक सुनियोजित और गहरी राजनीतिक साजिश करार दिया है। मायावती ने साफ तौर पर कहा कि विरोधी दल और मीडिया का एक वर्ग मिलकर पार्टी की छवि धूमिल करने के लिए भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं।
“पूंजीपतियों के इशारे पर नहीं, सर्वजन के सहयोग से चलती है बसपा”
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी बात रखते हुए मायावती ने बसपा के वैचारिक धरातल को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज पार्टी डॉ. भीमराव अंबेडकर के बताए ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के रास्ते पर चलने वाली इकलौती अंबेडकरवादी पार्टी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बसपा दूसरी पार्टियों की तरह बड़े-बड़े पूंजीपतियों और धन्नासेठों की बैसाखी पर टिकी नहीं है। मायावती के अनुसार, पार्टी का अस्तित्व आम कार्यकर्ताओं के ‘तन, मन और धन’ से बना है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी की यही स्वायत्तता संकीर्ण, जातिवादी और पूंजीवादी ताकतों को खटकती है, इसलिए वे चुनाव के करीब आते ही तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर पार्टी और उनके नेतृत्व को बदनाम करने की कोशिश करते हैं।
उम्मीदवारों के चयन की पारदर्शी प्रक्रिया
बसपा सुप्रीमो ने पार्टी में टिकट वितरण को लेकर चल रहे सवालों पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि बसपा में उम्मीदवारों का चयन कोई आकस्मिक घटना नहीं, बल्कि एक बहुस्तरीय और बेहद पारदर्शी प्रक्रिया है। उन्होंने बताया कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल सहित तमाम छोटे-बड़े पदाधिकारी वर्तमान में संगठन को मजबूत करने और संभावित प्रत्याशियों की सूची तैयार करने में जुटे हैं।
मायावती ने बताया कि पार्टी में प्रत्याशियों की स्क्रीनिंग के दौरान उनकी सामाजिक व राजनीतिक क्षमता, पार्टी के प्रति निष्ठा और टिकाऊपन को परखने के लिए विस्तृत चर्चा की जाती है। उन्होंने कहा, “जिस तरह अदालत में जिरह होती है, उसी तरह हमारे पदाधिकारी भी संभावित प्रत्याशियों से सवाल-जवाब करते हैं ताकि पार्टी का उम्मीदवार हर कसौटी पर खरा उतरे। इस पूरी प्रक्रिया को गलत संदर्भ में पेश करना न केवल अनुचित है, बल्कि मीडिया की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाता है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि बसपा को जो भी आर्थिक सहयोग प्राप्त होता है, वह पूरी तरह से कानूनी और पारदर्शी होता है, जिसे मुख्य रूप से चुनावी तैयारियों और प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने में ही खर्च किया जाता है।
कार्यकर्ताओं से ‘मिशन 2027’ में जुटने का आह्वान
विपक्ष पर सीधा निशाना साधते हुए मायावती ने कहा कि दूसरी पार्टियों की चुनावी कुप्रबंधन और उनकी कमियों पर से जनता का ध्यान हटाने के लिए मीडिया का एक वर्ग बसपा को निशाना बना रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि बसपा के कार्यकर्ताओं की सक्रियता ने विरोधियों की नींद उड़ा दी है, जिसकी बौखलाहट ऐसे झूठे प्रोपेगेंडा में दिखाई देती है।
अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा, “विरोधी दलों द्वारा रची गई किसी भी प्रायोजित साजिश का शिकार न बनें और न ही गुमराह हों। आप अपने पूरे ध्यान को आगामी ‘मिशन 2027’ की तैयारियों पर केंद्रित करें।” उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि वे अफवाहों के बजाय तथ्यों पर आधारित रिपोर्टिंग करें। मायावती ने स्पष्ट किया कि बसपा का कारवां बाबा साहेब के मिशन को आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है और उसे ऐसे किसी भी प्रोपेगेंडा से डिगाया नहीं जा सकता।



















































