प्रयागराज: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के भव्य आयोजन से पहले उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक अनूठी और अद्भुत पहल देखने को मिली। संगम नगरी में बहने वाली यमुना नदी के ऐतिहासिक बरगद घाट पर तैराकों ने जल के बीच ‘जल योग’ का अभ्यास कर लोगों को अचंभित कर दिया। हाथों में योग और स्वास्थ्य के संदेश लिखे पोस्टर थामे तैराकों ने जब पानी के अंदर योगासन किए, तो घाट पर मौजूद हर कोई इस दृश्य को देखकर मंत्रमुग्ध हो गया।
जल और योग का अनूठा संगम
शुक्रवार को आयोजित इस विशेष सत्र में केवल तैराकों ने ही नहीं, बल्कि स्विमिंग सीखने आए बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान प्रशिक्षकों ने पानी में रहकर सूर्य नमस्कार, शवासन, वज्रासन और मत्स्यासन जैसी कठिन मुद्राओं का अभ्यास कराया। साथ ही, नदी के शांत वातावरण में सामूहिक रूप से ‘ओम’ का उच्चारण कर समूचे माहौल को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया गया। जल में योग करने से शारीरिक संतुलन और मानसिक एकाग्रता का एक नया स्तर देखने को मिला।
चार दशकों से जारी है फिटनेस की यह परंपरा
इस अनूठे अभ्यास के पीछे नवजीवन स्विमिंग एकेडमी के प्रशिक्षक त्रिभुवन निषाद की प्रमुख भूमिका है। पिछले 40 वर्षों से तैराकी का प्रशिक्षण दे रहे कोच निषाद ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के आह्वान के बाद उन्होंने तैराकी के साथ योग को जोड़ने का निर्णय लिया। उनका मानना है कि जल के भीतर योग करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) और स्टैमिना में आश्चर्यजनक सुधार होता है। यह विशेष रूप से सर्वाइकल जैसी समस्याओं और सांस संबंधी विकारों में राहत प्रदान करने में कारगर साबित हो रहा है।
तीन साल के नन्हे बच्चों से लेकर 80 वर्ष के बुजुर्ग तक शामिल
इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता इसकी व्यापकता रही। घाट पर तीन साल के नन्हे बच्चों से लेकर 80 वर्ष के वरिष्ठ नागरिकों तक को योग करते देखा गया। कोच ने साझा किया कि यहां आने वाले हर व्यक्ति को तैराकी के साथ-साथ योग की शिक्षा अनिवार्य रूप से दी जाती है। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि योग अब केवल भारत ही नहीं, बल्कि 150 से अधिक देशों में अपनी पहचान बना चुका है, इसलिए संगम की पावन धरा पर जल योग के माध्यम से स्वस्थ रहने का संदेश देना हमारा गौरव है।
तैराकों में उत्साह, स्वास्थ्य के प्रति बढ़ी जागरूकता
जल योग में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों का कहना है कि इसके फायदे दोगुने हैं। पानी में किए गए योगासन शरीर को ताजगी प्रदान करते हैं और दिनभर ऊर्जावान बनाए रखते हैं। एक महिला प्रतिभागी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में वे नियमित रूप से यह अभ्यास कर रही हैं, जिससे उन्हें स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं से छुटकारा मिला है। वहीं, एक बुजुर्ग महिला ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके इस प्रेरणादायक अभियान ने समाज में योग के प्रति एक सकारात्मक लहर दौड़ाई है, जिससे युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक का जीवन बदल रहा है।


















































