गाजियाबाद: शहर के पॉश इलाके राजनगर में बुधवार को एक दो मंजिला मकान में लगी भीषण आग ने स्थानीय लोगों को दहशत में डाल दिया। देखते ही देखते आग की लपटों ने मकान के ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर को अपनी चपेट में ले लिया। आग की विकरालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूरा इलाका काले धुएं के गुबार से भर गया। हालांकि, समय रहते दमकल विभाग की मुस्तैद टीम के पहुंचने से एक बड़ा हादसा टल गया और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
धुएं के गुबार और भीषण गर्मी ने बढ़ाई चुनौती
घटना की जानकारी 1 जुलाई को फायर स्टेशन कोतवाली को प्राप्त हुई, जिसमें बताया गया कि राजनगर के मकान संख्या 14/113 में आग लग गई है। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड ने बिना समय गंवाए ‘इमरजेंसी रिस्पांस’ शुरू कर दिया। अग्निशमन अधिकारी कोतवाली की अगुवाई में एक फायर टैंकर तुरंत रवाना किया गया, जिसके बाद कलेक्ट्रेट और स्वदेशी कंपाउंड से अतिरिक्त फायर टैंकर और फर्स्ट क्विक रिस्पांस व्हीकल (FQRV) को भी घटनास्थल पर तैनात किया गया।
जब दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे, तो स्थिति बेहद गंभीर थी। मकान के अंदर घना धुआं भरा था और तापमान इतना अधिक था कि किसी के लिए भी अंदर कदम रखना जानलेवा हो सकता था। अपनी जान की परवाह न करते हुए अग्निशमन कर्मियों ने ब्रीदिंग अपरेटस (BA) सेट का उपयोग किया और पूरे साहस के साथ आग के केंद्र में प्रवेश किया।
दमकल विभाग की ‘रणनीति’ से काबू में आई आग
आग की तीव्रता को नियंत्रित करने के लिए फायर फाइटर्स ने एक सुनियोजित रणनीति अपनाई। हौज पाइप्स का जाल बिछाते हुए एक पाइप ग्राउंड फ्लोर के लिए इस्तेमाल की गई, जबकि दूसरी तरफ सीढ़ी लगाकर प्रथम तल तक पानी की बौछारें पहुंचाई गईं। पानी की आपूर्ति में कोई बाधा न आए, इसके लिए फायर स्टेशन कोतवाली से अतिरिक्त वाटर ब्राउजर भी मंगवा लिया गया। लगातार जारी पानी की बौछारों और दमकलकर्मियों के समन्वित प्रयासों के चलते आग को धीरे-धीरे ठंडा किया गया और आखिरकार कुछ ही समय में उसे पूर्ण रूप से बुझा दिया गया।
बड़ा हादसा टलने से स्थानीय लोगों ने ली राहत की सांस
दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई का ही परिणाम था कि आग आसपास के अन्य मकानों तक नहीं फैल सकी, वरना राजनगर की घनी आबादी में यह आग तबाही मचा सकती थी। घटनास्थल पर स्थानीय पुलिस ने भी पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया था, ताकि सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे और राहत कार्य में बाधा न आए।
फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट जैसी किसी तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। दमकल विभाग अब मामले की गहराई से पड़ताल कर रहा है ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। स्थानीय निवासियों ने फायर टीम की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि यदि विभाग के पहुंचने में चंद मिनटों की भी देरी होती, तो स्थिति बेहद भयावह हो सकती थी।





















































