उत्तर प्रदेश के सियासी और विकासवादी सफर पर देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को एक बड़ा और बेहद महत्वपूर्ण बयान दिया है। लखनऊ में ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ के भव्य लोकार्पण के दौरान उन्होंने कहा कि जो राज्य कभी कानून-व्यवस्था की बदहाली और माफिया तंत्र के साये में जीने को मजबूर था, वह आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सुशासन, सुरक्षा और बेहतरीन निवेश का सबसे बड़ा रोल मॉडल बनकर उभरा है।
लखनऊ के मंच से अतीत का वो दर्द: जब यूपी आने से डरते थे निवेशक
रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने शनिवार को जब जनता को संबोधित किया, तो उनके बयान में उत्तर प्रदेश के अतीत का दर्द और वर्तमान का गौरव साफ झलक रहा था। उन्होंने उन दिनों को याद किया जब उत्तर प्रदेश की छवि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद खराब थी।
राजनाथ सिंह ने कहा, “एक समय था जब उत्तर प्रदेश का नाम आते ही लोगों के जेहन में सिर्फ रंगदारी, अपराध और कमजोर कानून-व्यवस्था की तस्वीरें उभरती थीं। हालात इस कदर खराब थे कि लोग व्यंग्य में इस राज्य को ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ कहकर पुकारने लगे थे।” उन्होंने साफ किया कि इस खराब छवि का सबसे बड़ा नुकसान राज्य के युवाओं को उठाना पड़ा, क्योंकि कोई भी बड़ा उद्योगपति या निवेशक यहां अपनी पूंजी लगाने का जोखिम नहीं लेना चाहता था।
योगी मॉडल की धमक: अपराधियों पर कड़ा प्रहार और ‘ODOP’ का कमाल
अतीत के अंधकार से निकलकर उत्तर प्रदेश ने वर्तमान के उजाले में कैसे कदम रखा, इसका श्रेय रक्षा मंत्री ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशासनिक नीति को दिया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिस दृढ़ता, निष्पक्षता और कड़े फैसलों के बल पर माफिया तंत्र की कमर तोड़ी है, उसने पूरे देश के सामने सुशासन की एक नई मिसाल पेश की है।
“जिस उत्तर प्रदेश को कभी अपराधियों का गढ़ माना जाता था, आज उसी प्रदेश की पहचान ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ (ODOP) जैसी अनूठी और दूरदर्शी योजनाओं से हो रही है। योगी जी ने अपराधियों के हौसले पस्त कर दिए और उद्यमियों के हौसलों को उड़ान दी है।” – राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री
इसी सुरक्षित माहौल का नतीजा है कि आज उत्तर प्रदेश देश के सबसे पसंदीदा ‘इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन’ के रूप में स्थापित हो चुका है और वैश्विक कंपनियां यहां अपने प्रोजेक्ट्स लगाने के लिए उत्सुक हैं।
नौसेना शौर्य वाटिका: सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति का सजीव केंद्र
लोकार्पण समारोह के मुख्य आकर्षण यानी ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ के महत्व को रेखांकित करते हुए राजनाथ सिंह ने इसे केवल एक सुंदर पार्क या पिकनिक स्पॉट मानने से पूरी तरह इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यह स्थल हमारी राष्ट्रीय चेतना, अटूट सैन्य परंपरा और देशभक्ति का एक जीवंत प्रतीक है।
इस वाटिका की सबसे खास बात यह है कि यहां कोई कृत्रिम मॉडल नहीं रखे गए हैं, बल्कि भारतीय सेनाओं के शौर्य की गवाही देने वाले वास्तविक युद्धपोत, मिसाइलें, अत्याधुनिक हथियार और नौसैनिक उपकरण प्रदर्शित किए गए हैं। यह देश का एक ऐसा अनूठा संग्रहालय बनने जा रहा है, जो सीधा थल मार्ग से जुड़े उत्तर प्रदेश के नागरिकों को भारत की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और नौसेना की ताकत का साक्षात अहसास कराएगा।
INS गोमती और नवाबों के शहर का ऐतिहासिक व सांस्कृतिक जुड़ाव
रक्षा मंत्री ने इस बात पर विशेष प्रसन्नता व्यक्त की कि इस शौर्य वाटिका को लखनऊ की जीवनदायिनी गोमती नदी के तट पर विकसित किया गया है। उन्होंने इसके पीछे के गहरे ऐतिहासिक और भौगोलिक संबंध को उजागर करते हुए बताया कि भारतीय नौसेना का एक अत्यंत प्रतिष्ठित और पराक्रमी युद्धपोत ‘आईएनएस गोमती’ (INS Gomati) वर्षों तक देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा करता रहा है।
अब उस युद्धपोत के डीकमिशन होने के बाद उसके ऐतिहासिक अवशेषों को इस वाटिका में सहेजा गया है। लखनऊ की ऐतिहासिक पहचान और गोमती नदी का रिश्ता इस पूरी परियोजना को एक नई भावनात्मक गहराई प्रदान करता है। यह वाटिका उत्तर प्रदेश की जनता और भारतीय नौसेना के बीच एक अटूट और गौरवशाली कड़ी का काम करेगी।
आने वाली पीढ़ियों के लिए संदेश: वर्दी सिर्फ कपड़ा नहीं, राष्ट्र का संकल्प है
समारोह के समापन पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वहां मौजूद आम जनता, युवाओं और अभिभावकों से एक बेहद भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि हर माता-पिता को अपने बच्चों के साथ इस शौर्य वाटिका में जरूर आना चाहिए ताकि हमारी नई पीढ़ी भारतीय नौसैनिकों के बलिदान और उनके संघर्षपूर्ण जीवन को करीब से समझ सके।
उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि सैनिकों की सफेद या ओलिव ग्रीन वर्दी केवल धागों से बुना हुआ कोई कपड़ा नहीं है, बल्कि वह देश के प्रति अटूट समर्पण, कठोर अनुशासन, सर्वोच्च बलिदान और कर्तव्यपरायणता का साक्षात संकल्प है। यह वाटिका आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के हजारों युवाओं को भारतीय सेना में शामिल होकर राष्ट्रसेवा करने के लिए प्रेरित करती रहेगी।
उत्तर प्रदेश का ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ के दौर से निकलकर ‘शौर्य वाटिका’ और ‘डिफेंस कॉरिडोर’ के निर्माण तक पहुंचना इस बात का पुख्ता सबूत है कि यदि नेतृत्व में राजनीतिक इच्छाशक्ति और नीतियां साफ हों, तो किसी भी राज्य की तकदीर और तस्वीर को बदला जा सकता है। लखनऊ की गोमती नदी के किनारे खड़ी यह शौर्य वाटिका न केवल भारतीय नौसेना के पराक्रम की गाथा गाएगी, बल्कि बदलते और सुरक्षित होते नए उत्तर प्रदेश की बुलंद हुंकार को भी दुनिया के सामने प्रदर्शित करेगी।













































