उत्तर प्रदेश के मऊ से विधायक अब्बास अंसारी की सुरक्षा व्यवस्था में एक बेहद हैरान करने वाली लापरवाही सामने आई है। संवेदनशीलता के बावजूद विधायक की साए की तरह रक्षा करने वाला सरकारी गनर बिना किसी अनुमति के अचानक अपनी ड्यूटी छोड़कर जिले से ही लापता हो गया। इस गंभीर अनुशासनहीनता का संज्ञान लेते हुए मऊ के पुलिस अधीक्षक ने त्वरित और सख्त कदम उठाते हुए बड़ी कार्रवाई की है।
- कड़ा एक्शन: मऊ के एसपी कमलेश बहादुर ने कर्तव्य में घोर लापरवाही बरतने वाले कांस्टेबल उपेंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
- गंभीर चूक: जांच में पाया गया कि मऊ सदर विधायक अब्बास अंसारी की सुरक्षा में तैनात गनर बिना विभाग को सूचित किए और बिना अनुमति जिला छोड़ बाहर चला गया था।
- हाई-प्रोफाइल सुरक्षा: विधायक अब्बास अंसारी की सुरक्षा संवेदनशीलता को देखते हुए गनर का इस तरह लापता होना पुलिस महकमे में हड़कंप का कारण बन गया।
- वैकल्पिक व्यवस्था: मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने बिना देर किए अब्बास अंसारी की सुरक्षा के लिए तत्काल दूसरा गनर तैनात कर दिया है।
- राजनीतिक संदर्भ: अब्बास अंसारी ने 2022 का विधानसभा चुनाव सुभासपा (SBSP) के टिकट पर जीता था, जो वर्तमान में भाजपा नीत एनडीए गठबंधन का हिस्सा है।
हाई-प्रोफाइल सुरक्षा घेरे में बड़ी सेंध, बिना बताए जिला पार कर गया गनर
उत्तर प्रदेश के मऊ जिले से एक बड़ी प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी लापरवाही की खबर सामने आई है। मऊ सदर विधानसभा क्षेत्र से विधायक अब्बास अंसारी की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात एक पुलिसकर्मी को गंभीर लापरवाही और विभागीय अनुशासनहीनता के आरोपों के चलते मंगलवार को निलंबित कर दिया गया है।
सुरक्षा जैसे संवेदनशील मामलों में इस तरह की कोताही सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मऊ के पुलिस अधीक्षक (SP) कमलेश बहादुर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी कांस्टेबल उपेंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया है।
पुलिस महकमे में अनुशासनहीनता पर बरती जाएगी जीरो टॉलरेंस: एएसपी
इस पूरे घटनाक्रम पर रोशनी डालते हुए अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) अनूप कुमार ने बताया कि विधायक अब्बास अंसारी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष तौर पर सरकारी गनर की तैनाती की गई थी। हालांकि, नियमित आंतरिक जांच और आकस्मिक समीक्षा के दौरान यह चौंकाने वाली बात सामने आई कि संबंधित पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी पर मौजूद नहीं था।
गहन पड़ताल में पता चला कि कांस्टेबल उपेंद्र कुमार बिना किसी पूर्व अनुमति या विभागीय स्वीकृति के मऊ जिले की सीमा को लांघकर बाहर चला गया था। सबसे गंभीर बात यह रही कि उसने इस संबंध में अपने किसी भी उच्चाधिकारी या नियंत्रण कक्ष (Control Room) को सूचित करने की जहमत तक नहीं उठाई।
एएसपी अनूप कुमार ने कड़े शब्दों में कहा कि पुलिस विभाग एक अनुशासित बल है। ड्यूटी के दौरान बिना किसी वैध अनुमति के अपनी तैनाती वाले स्थान को छोड़ना बेहद गंभीर श्रेणी की अनुशासनहीनता माना जाता है। सुरक्षा में तैनात किसी भी कर्मी द्वारा इस तरह का व्यवहार घोर लापरवाही को प्रदर्शित करता है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
अब्बास अंसारी की सुरक्षा क्यों है इतनी संवेदनशील? जानिए बैकग्राउंड
विधायक अब्बास अंसारी की सुरक्षा को लेकर हमेशा से ही प्रशासन सतर्क रहता है। मऊ सदर सीट से विधायक अब्बास अंसारी का राजनीतिक और पारिवारिक बैकग्राउंड काफी चर्चाओं में रहा है। उन्होंने साल 2022 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के बैनर तले लड़ा था और जीत हासिल की थी।
गौरतलब है कि साल 2022 में सुभासपा ने यह चुनाव समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन में लड़ा था। हालांकि, बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच वर्तमान समय में सुभासपा का रुख बदल चुका है और वह केंद्र व राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) गठबंधन का एक सक्रिय हिस्सा बन चुकी है। ऐसे राजनीतिक और पारिवारिक रसूख वाले जनप्रतिनिधि के सुरक्षा घेरे में इतनी बड़ी लापरवाही होना अपने आप में कई बड़े सवाल खड़े करता है।
मऊ पुलिस की त्वरित कार्रवाई, नए सुरक्षाकर्मी की हुई तैनाती
गनर के अचानक गायब होने की पुष्टि होते ही मऊ जिला पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के मोर्चे पर तत्काल कदम उठाए। सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी संभावित खतरे को टालने और स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए अधिकारियों ने बिना एक पल गंवाए अब्बास अंसारी की सुरक्षा के लिए एक नए और मुस्तैद गनर की तैनाती सुनिश्चित कर दी है।
इसके साथ ही, निलंबित किए गए कांस्टेबल उपेंद्र कुमार के खिलाफ अब विभागीय जांच (Departmental Inquiry) भी शुरू कर दी गई है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वह किस वजह से अपनी वीवीआईपी ड्यूटी छोड़कर जिला सीमा से बाहर गया था।
जनप्रतिनिधियों और विशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों का इस तरह गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाना पूरी सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाता है। मऊ एसपी कमलेश बहादुर द्वारा की गई यह त्वरित और निलंबन की सख्त कार्रवाई अन्य पुलिसकर्मियों के लिए एक कड़ा संदेश है। कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने और वीवीआईपी सुरक्षा में किसी भी प्रकार के ‘लूपहोल’ को रोकने के लिए प्रशासन अब पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है।















































