उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। जारचा कोतवाली पुलिस और एक कुख्यात अपराधी के बीच बुलंदशहर बॉर्डर के पास भीषण मुठभेड़ हुई है, जिसमें 17 गंभीर मुकदमों में वांछित आरोपी पैर में गोली लगने से घायल हो गया। इस एनकाउंटर ने दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आपराधिक नेटवर्क को एक बार फिर हिला कर रख दिया है।
बुलंदशहर बॉर्डर पर चेकिंग के दौरान अचानक मची खलबली
गौतमबुद्धनगर (ग्रेटर नोएडा) के जारचा थाना क्षेत्र में बुधवार, 27 मई को कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने के उद्देश्य से पुलिस पूरी तरह मुस्तैद थी। जारचा पुलिस की एक विशेष टीम बुलंदशहर बॉर्डर के बेहद करीब समाना नहर के पास संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सामने से एक मोटरसाइकिल सवार आता हुआ दिखाई दिया। उसकी संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए पुलिस टीम ने उसे रुकने का इशारा किया। पुलिस को सामने देख मोटरसाइकिल सवार ने यू-टर्न लेने का प्रयास किया और रफ्तार बढ़ाकर भागने लगा। जब पुलिसकर्मियों ने उसे घेरना शुरू किया, तो खुद को चारों तरफ से घिरता देख आरोपी ने आव देखा न ताव और पुलिस टीम पर सीधे जान से मारने की नीयत से गोलियां चलानी शुरू कर दीं।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई और शातिर बदमाश का अस्पताल में इलाज
अचानक हुई इस फायरिंग से मौके पर हड़कंप मच गया, लेकिन जारचा पुलिस ने त्वरित सूझबूझ और बहादुरी का परिचय दिया। पुलिस टीम ने तत्काल खुद का बचाव करते हुए आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। दोनों ओर से हुई इस मुठभेड़ में पुलिस की एक गोली सीधे बदमाश के पैर में जा लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर अपनी बाइक समेत वहीं गिर पड़ा। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए उसे दबोच लिया। मौके पर छानबीन करने पर पुलिस को आरोपी के कब्जे से एक अवैध देसी तमंचा, दो कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की जा रही बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल बरामद हुई। पुलिस ने घायल बदमाश की स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार चल रहा है।
कलौंदा का रहने वाला है शहजाद, अपराध की दुनिया में है पुराना नाम
मुठभेड़ के बाद जब पुलिस ने घायल आरोपी की शिनाख्त की, तो उसकी पहचान शहजाद (उम्र 30 वर्ष) के रूप में हुई। शहजाद गौतमबुद्धनगर के ही जारचा थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम कलौंदा का निवासी है। पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर जो सच सामने आया, उसने अधिकारियों को भी चौंका दिया। आरोपी शहजाद कोई आम अपराधी नहीं है, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की पुलिस के लिए लंबे समय से सिरदर्द बना एक शातिर अपराधी है। उसके खिलाफ बुलंदशहर और आसपास के जिलों में अपराध का एक लंबा-चौड़ा इतिहास मौजूद है, जिसकी वजह से पुलिस काफी समय से उसकी तलाश में जुटी हुई थी।
विभिन्न जिलों के थानों में दर्ज हैं 17 से ज्यादा संगीन मुकदमे
पुलिस द्वारा तैयार किए गए आपराधिक इतिहास के अनुसार, शहजाद के खिलाफ चोरी, नकबजनी (घर में सेंधमारी), अवैध हथियार रखने (आर्म्स एक्ट) और उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट जैसी गंभीर धाराओं के तहत कुल 17 मुकदमे दर्ज हैं। उसका नेटवर्क बुलंदशहर जिले के कई थानों तक फैला हुआ था। पुलिस रिकॉर्ड बताते हैं कि शहजाद पर बुलंदशहर के थाना ककोड़, औरंगाबाद, छतारी, पहासू, शिकारपुर, अहमदगढ़, खुर्जा देहात और कोतवाली देहात सहित कई अन्य थानों में मामले दर्ज हैं। हाल ही में उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की भी कई गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की गई थी।
आपराधिक नेटवर्क और गैंग के अन्य सदस्यों की कुंडली खंगालने में जुटी पुलिस
ग्रेटर नोएडा के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इस मुठभेड़ और गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि शहजाद का पकड़ा जाना इलाके में अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़ी कामयाबी है। वह काफी समय से दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी यूपी के जिलों में सक्रिय था और लगातार नई वारदातों को अंजाम देने की फिराक में रहता था। जारचा पुलिस अब अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद आरोपी को रिमांड पर लेकर कड़ाई से पूछताछ करने की तैयारी में है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शहजाद के इस नेटवर्क में और कौन-कौन से अपराधी शामिल हैं, वह अवैध हथियार कहां से लाता था, और चुराए गए वाहनों को कहां खपाता था। पुलिस का दावा है कि जल्द ही उसके पूरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया जाएगा।
ग्रेटर नोएडा में हुई इस ताजा मुठभेड़ ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि यूपी पुलिस अपराधियों के खिलाफ किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है। बुलंदशहर और गौतमबुद्धनगर की सीमाओं पर चौकसी बढ़ाने के बाद हुए इस एनकाउंटर ने जहां स्थानीय निवासियों में सुरक्षा की भावना को मजबूत किया है, वहीं सरहद पार कर भागने की कोशिश करने वाले बदमाशों को भी कड़ा संदेश दिया है। शहजाद जैसे शातिर अपराधी का सलाखों के पीछे जाना क्षेत्र में चोरी और छिनैती जैसी घटनाओं पर लगाम लगाने में एक बड़ा और प्रभावी कदम साबित होगा।





















































