उत्तर प्रदेश में शातिर अपराधियों के खिलाफ पुलिस का कड़ा प्रहार लगातार जारी है। राज्य के दो अलग-अलग जनपदों—मुजफ्फरनगर और हाथरस—में पुलिस टीमों की बदमाशों के साथ सीधी मुठभेड़ हुई, जिसमें दोनों ही मामलों में एक-एक अपराधी गोली लगने से घायल हुआ। दोनों अभियानों में खाकी ने मुस्तैदी दिखाते हुए कुल आठ अपराधियों को सलाखों के पीछे भेज दिया। मुजफ्फरनगर में जहां बिजली और अन्य तारों की चोरी करने वाले एक सक्रिय अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ, वहीं हाथरस में मकान पर दहशतगर्दी और ताबड़तोड़ हवाई फायरिंग करने वाले हिस्ट्रीशीटर तत्वों को पुलिस ने दबोच लिया।
मुजफ्फरनगर में तार चोर गिरोह से तितावी पुलिस का आमना-सामना
मुजफ्फरनगर के थाना तितावी क्षेत्र में बुधवार तड़के गश्त और चेकिंग के दौरान पुलिस टीम को तार चोर गिरोह के सक्रिय होने की गुप्त सूचना मिली थी। मुखबिर से मिले सटीक इनपुट के आधार पर जब पुलिस दल संदिग्ध मार्ग पर पहुंचा, तो सामने से कुछ संदिग्ध आते दिखाई दिए। पुलिस कर्मियों ने उन्हें रुकने का संकेत दिया, लेकिन खुद को घिरता देख बदमाशों ने जान से मारने की नीयत से पुलिस बल पर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ संतुलित जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली लगी और वह जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए भागने की कोशिश कर रहे उसके तीन अन्य साथियों को भी घेराबंदी कर मौके पर ही दबोच लिया।
घायल शाहनवाज अस्पताल में भर्ती, दिल्ली तक फैला था नेटवर्क
मुठभेड़ में घायल हुए अभियुक्त की शिनाख्त शाहनवाज के रूप में की गई है, जिसे प्राथमिक उपचार के लिए तुरंत नजदीकी अस्पताल भेजा गया। पकड़े गए अन्य तीन आरोपियों के नाम जुनैद उर्फ शाहरुख, ताहिर और आसिफ हैं। पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि शाहनवाज, जुनैद और ताहिर छपार थाना क्षेत्र के ग्राम भैंसाहेड़ी के निवासी हैं, जबकि इनका चौथा साथी आसिफ देश की राजधानी दिल्ली का रहने वाला है। तलाशी के दौरान इनके पास से दो अवैध तमंचे, जिंदा कारतूस, दो धारदार चाकू और दो मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। इसके अतिरिक्त पुलिस ने मौके से 10 क्विंटल से अधिक चोरी का तार और इसे दिल्ली खपाने के लिए उपयोग में लाई जा रही एक टाटा मैजिक गाड़ी भी जब्त की। पुलिस गिरोह के पूर्व आपराधिक इतिहास और अन्य कड़ियों की पड़ताल कर रही है।
हाथरस में फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले बदमाशों की घेराबंदी
दूसरी ओर, जनपद हाथरस में भी पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने मंगलवार देर रात एक सफल ऑपरेशन को अंजाम दिया। हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव नगला इमलिया में 14 और 15 सितंबर की मध्यरात्रि को अरविंद नामक व्यक्ति अपने सशस्त्र साथियों के साथ एक आवासीय परिसर में घुस गया था। वहां अभद्रता और गाली-गलौज करते हुए आरोपियों ने दहशत फैलाने के मकसद से खुलेआम हवाई फायरिंग की थी और अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले थे। इस गंभीर घटना के बाद से ही एसओजी और स्थानीय थाने की टीमें लगातार फरार आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दे रही थीं।
जवाबी फायरिंग में मुख्य आरोपी अरविंद ढेर होने से बचा, हथियार बरामद
मंगलवार देर रात जब पुलिस को सूचना मिली कि फायरिंग की वारदात में शामिल आरोपी क्षेत्र से गुजर रहे हैं, तो तुरंत नाकेबंदी की गई। पुलिस को देखते ही आरोपियों ने बच निकलने के प्रयास में फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस द्वारा की गई सटीक जवाबी फायरिंग में मुख्य सूत्रधार अरविंद के पैर में गोली लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं ढेर हो गया। मौके का लाभ उठाकर भागने की फिराक में लगे उसके तीन अन्य साथियों—उमेश मीना, दिनेश उर्फ दिन्ना और संजय—को पुलिस ने चारों तरफ से घेरकर गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए इन अभियुक्तों के पास से चार अवैध तमंचे, भारी मात्रा में जिंदा कारतूस और वारदात में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। पुलिस दोनों मामलों में वैधानिक कार्रवाई पूरी कर आरोपियों को अदालत में पेश करने की तैयारी में है।





















































