काकोरी ट्रेन एक्शन की 101वीं वर्षगांठ के ऐतिहासिक अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ देशप्रेम के रंग में रंगी नजर आई। स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानियों की स्मृति को नमन करते हुए ‘हर घर तिरंगा अभियान’ के तहत ‘तिरंगा यात्रा युवाओं के साथ’ का भव्य शुभारंभ किया गया। इस विशेष समारोह की अगुवाई करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्र निर्माण में युवाओं की अहम भूमिका पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत का युवा असीम प्रतिभा और ऊर्जा का भंडार है। यदि युवाओं को सही समय पर सही मार्गदर्शन और बेहतर मंच दिया जाए, तो वे दुनिया के सामने खड़ी किसी भी चुनौती को मात देने का हौसला रखते हैं।
तिरंगा केवल ध्वज नहीं, भारत की आन-बान और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक
कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि हमारा तिरंगा केवल कपड़े का एक टुकड़ा या राष्ट्रीय ध्वज मात्र नहीं है, बल्कि यह भारत की सादगी, निरंतर विकास, समृद्ध विरासत और देश की आन-बान-शान का सबसे बड़ा प्रतीक है। तिरंगा हर भारतीय के भीतर राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति का नया ज्वार पैदा करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए सीएम योगी ने कहा कि आज देश में राष्ट्रीय प्रतीकों और ऐतिहासिक विरासत के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि भारत में रहते हुए देश के महापुरुषों और सांस्कृतिक विरासत का अनादर करने वाली प्रवृत्तियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।
पारंपरिक शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों से जुड़ें युवा
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘तिरंगा यात्रा’ का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को भारत के गौरवशाली स्वतंत्रता संग्राम और अमर शहीदों के अभूतपूर्व त्याग से रूबरू कराना है। आज का युवा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहे, बल्कि वह अपनी शैक्षणिक योग्यता के साथ-साथ समाज और देश के समक्ष आने वाली हर विषम परिस्थिति से निपटने में सक्षम बने। इसके लिए उन्हें एक मजबूत प्लेटफॉर्म देना हमारी प्राथमिकता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने काकोरी एक्शन के नायकों के साथ-साथ देश के संविधान और अखंडता के शिल्पकार डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. बी.आर. आंबेडकर और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को भी सादर नमन किया।
वंदे मातरम के 150 वर्ष: राष्ट्रीय अस्मिता का गौरवशाली पर्व
अपने संबोधन के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक पड़ाव का भी विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह वर्ष देश की स्वतंत्रता की ज्वाला सुलगाने वाले इस अमर गीत के लिए बेहद खास है। पूरे देश में इस समय ‘वंदे मातरम’ का गुंजन हो रहा है, जो हर नागरिक को अपनी माटी से जोड़ता है। राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान हमारी राष्ट्रीय अस्मिता के वे स्तंभ हैं, जिनके प्रति अटूट सम्मान बनाए रखना हर भारतवासी का मौलिक कर्तव्य है।
तिरंगे की ताकत से सीमाओं की सुरक्षा और खेल के मैदान में विजय
समारोह में मौजूद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी युवाओं और कार्यकर्ताओं में जोश भरा। उन्होंने कहा कि जब आकाश में तिरंगा लहराता है, तो 140 करोड़ भारतीयों का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। यही वह पवित्र ध्वज है जिसकी रक्षा के लिए हमारी सेना के जवान माइनस डिग्री तापमान में भी सीमाओं पर सीना ताने खड़े रहते हैं। खेल के वैश्विक मंचों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ी तिरंगे को लहराते देखते हैं, तो उनके भीतर नामुमकिन को भी मुमकिन बनाने का नया आत्मविश्वास जग उठता है।
शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में ‘हर घर तिरंगा’ का आह्वान
इस गरिमामयी कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी सहित पार्टी के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी और हजारों की संख्या में युवा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। मंच से सभी दिग्गज नेताओं ने प्रदेशवासियों से आगामी स्वतंत्रता दिवस पर ‘हर घर तिरंगा अभियान’ को एक विशाल जन-आंदोलन बनाने और हर घर पर स्वाभिमान का प्रतीक तिरंगा फहराने का पुरजोर आह्वान किया।





















































