उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक रूह कंपा देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है। खोड़ा कॉलोनी में आपसी विवाद के चलते 17 वर्षीय एक छात्र की उसके ही दोस्त ने अपने साथियों के साथ मिलकर चाकुओं से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी। त्योहार की खुशियों के बीच घर से बुलाकर अंजाम दी गई इस खूनी वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और इलाके में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए इंसाफ की मांग तेज हो गई है।
धोखे से बुलाकर घेरा, फिर सरेआम उतार दिया मौत के घाट
यह दर्दनाक घटना गाजियाबाद के खोड़ा थाना क्षेत्र की है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक किशोर की पहचान 17 वर्षीय सूर्या चौहान के रूप में हुई है, जो स्थानीय प्राइवेट स्कूल में 11वीं कक्षा का छात्र था। सूर्या की बहन ने बताया कि मुख्य आरोपी असद और उसके भाई के बीच करीब 8 महीने पहले एक छोटी सी कहासुनी हुई थी, जिसे परिवार ने मामूली मानकर छोड़ दिया था।
लेकिन असद के मन में रंजिश की आग सुलग रही थी। त्योहार के खास मौके पर असद ने सूर्या को फोन करके मिलने के बहाने बुलाया। परिवार को लगा कि दोस्त आपस में मिलने जा रहे हैं, इसलिए किसी को कोई शक नहीं हुआ। लेकिन जैसे ही सूर्या तय जगह पर पहुंचा, वहां असद अकेले नहीं बल्कि 7 से 8 लोगों के साथ घात लगाकर बैठा था। आरोपियों ने निहत्थे सूर्या को चारों तरफ से घेरा और उस पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल सूर्या को अस्पताल ले जाया गया, जहां शुक्रवार तड़के उसने दम तोड़ दिया।
‘दिव्यांग भाई और बूढ़ी मां का सहारा था वो’— मां का चीत्कार
सूर्या की मौत के बाद उसके घर में कोहराम मचा हुआ है। पिता के साए के बिना बच्चों को पालने वाली मां सरोज का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बेहद भावुक और गुस्से से भरे लहजे में कहा कि वह अपने बेटे के हत्यारे के लिए भी ठीक वैसी ही मौत चाहती हैं।
“मेरे दो बेटे और एक बेटी है। मेरा बड़ा बेटा दिव्यांग है, जो चल-फिर नहीं सकता। मुझे पूरी उम्मीद थी कि मेरा छोटा बेटा सूर्या पढ़-लिखकर मेरा और इस घर का सहारा बनेगा। लेकिन उन जालिमों ने मेरे बुढ़ापे की लाठी ही छीन ली। मैंने 28 मई के बाद से अपने बच्चे का चेहरा तक नहीं देखा है। पुलिस उसके हत्यारे को पकड़े और उसका भी वही हश्र करे जो उसने मेरे मासूम बच्चे का किया है।” – सरोज, मृतक सूर्या की मां
वहीं, सूर्या की बहन ने बताया कि उसे शुक्रवार सुबह करीब 3:30 बजे भाई को चाकू मारे जाने की सूचना मिली थी। जब तक वह अपने ससुराल से मायके पहुंचती, भाई दुनिया छोड़ चुका था। परिवार का कहना है कि उनके घर का चिराग बुझ चुका है और अब इंसाफ के अलावा उनके पास कोई रास्ता नहीं बचा है।
पुलिस की छापेमारी: मुख्य आरोपी असद अभी भी फरार
घटना के बाद मृतक के बड़े भाई यश ने खोड़ा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की। पुलिस ने कुल 4 नामजद आरोपियों में से 3 को फौरन गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में मुख्य आरोपी असद का पिता फरहान, आसिफ और नवाब शामिल हैं।
गाजियाबाद पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि मुख्य शूटर/आरोपी असद अभी भी कानून की गिरफ्त से दूर है। पुलिस की कई टीमें उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं और जगह-जगह छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि बहुत जल्द मुख्य आरोपी को भी दबोच लिया जाएगा।
सीसीटीवी फुटेज डिलीट करने का आरोप, इलाके में बढ़ा आक्रोश
इस जघन्य हत्याकांड के बाद खोड़ा कॉलोनी के स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी है। स्थानीय लोगों और परिजनों का आरोप है कि वारदात मुस्लिम बाहुल्य इलाके की गलियों में हुई थी, जहां लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को सोची-समझी साजिश के तहत या तो डिलीट कर दिया गया है या बंद कर दिया गया है। लोगों का कहना है कि स्थानीय लोग जांच में सहयोग करने और रिकॉर्डिंग साझा करने से कतरा रहे हैं।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए भाजपा नेता रीना भाटी ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि खोड़ा नगर पालिका परिषद के इतिहास में पहले कभी इस तरह का खौफनाक और हिंसक माहौल नहीं देखा गया। उन्होंने अपील की कि समाज के सभी वर्गों को मिलकर अपराधियों का बहिष्कार करना चाहिए और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में सहयोग करना चाहिए। वहीं आक्रोशित स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों का एनकाउंटर किया जाए और उनके अवैध ठिकानों पर बुलडोजर चलाकर कड़ी मिसाल कायम की जाए।
एक हंसते-खेलते 17 साल के स्कूली छात्र की इस तरह बेरहमी से की गई हत्या ने एक बार फिर सामाजिक ताने-बाने और युवाओं में बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रंजिश का बदला लेने के लिए त्योहार के दिन को चुनना आरोपियों की क्रूर मानसिकता को दर्शाता है। अब पीड़ित परिवार और खोड़ा की जनता की नजरें पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि फरार मुख्य आरोपी असद कब तक सलाखों के पीछे पहुंचता है और इस बेबस मां को इंसाफ मिलता है।













































