उत्तर प्रदेश के भदोही जिले से असहिष्णुता और हिंसा की एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहां महज ‘शरीयत’ से जुड़ा एक सवाल पूछने पर एक युवक की जान पर बन आई। मस्जिद के हाफिज के उकसावे पर उग्र हुई भीड़ ने न केवल युवक को बेरहमी से पीटा, बल्कि उसके घर पर भी हमला कर भारी तोड़फोड़ की। इस हिंसक वारदात के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव व्याप्त है और एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
- विवाद की वजह: 34 वर्षीय पीड़ित इंतेखाब आलम ने मस्जिद में नमाज के बाद हाफिज से शरीयत को लेकर एक सामान्य सवाल पूछा था।
- हाफिज का रवैया: जवाब देने के बजाय हाफिज ने बाहर आकर अपने परिचितों को बुलाया और युवक पर हमला करवा दिया।
- भीड़ का तांडव: 25 से 30 लोगों की उग्र भीड़ ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से युवक को सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।
- घर पर हमला: जान बचाकर भागे युवक के घर में घुसकर भीड़ ने उसकी गाड़ी, दरवाजा और सीसीटीवी कैमरे तोड़ डाले।
- पुलिसिया कार्रवाई: औराई थाना पुलिस ने 12 नामजद और 20 अज्ञात (कुल 32 से अधिक) लोगों पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ईद की पूर्व संध्या पर घोसिया इलाके में फैला भारी तनाव
उत्तर प्रदेश के कालीन नगरी कहे जाने वाले भदोही जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। औराई थाना क्षेत्र के घोसिया स्थित सदर मोहाल में ईद-उल-अज़हा (बकरीद) की ठीक पूर्व संध्या पर जमकर बवाल हुआ। त्योहार की खुशियों और तैयारियों के बीच अचानक भड़की इस हिंसा ने पूरे इलाके में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। घटना के बाद से ही स्थानीय निवासियों में डर और नाराजगी का माहौल है, क्योंकि एक सामान्य से धार्मिक विमर्श ने पल भर में हिंसक रूप अख्तियार कर लिया।
शरीयत के एक सवाल पर भड़के हाफिज, दे डाला ऐसा सिला
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह पूरी घटना बुधवार रात करीब 9 बजे की है। घोसिया के सदर मोहाल के रहने वाले 34 वर्षीय इंतेखाब आलम मस्जिद में नमाज अदा करने गए थे। नमाज खत्म होने के बाद इंतेखाब ने वहां मौजूद हाफिज से किसी मसले पर शरीयत के नियमों को लेकर एक सामान्य सवाल पूछ लिया। एक आम नागरिक होने के नाते वह धार्मिक नियमों की सही जानकारी चाहता था, लेकिन उसका यह सवाल हाफिज को नागवार गुजरा।
हाफिज ने धार्मिक जिज्ञासा को शांत करने और तार्किक जवाब देने के बजाय आपा खो दिया। वह तुरंत मस्जिद से बाहर आए और अपने कुछ परिचितों को आवाज देकर मौके पर बुला लिया। इसके बाद हाफिज और उनके साथियों ने इंतेखाब के साथ सरेआम गाली-गलौज शुरू कर दी और देखते ही देखते विवाद हाथापाई में बदल गया।
लाठी-डंडों और रॉड से लैस भीड़ का तांडव, लहूलुहान हुआ युवक
बात सिर्फ गाली-गलौज और मामूली हाथापाई तक ही सीमित नहीं रही। औराई थाना प्रभारी निरीक्षक (SHO) अश्विनी कुमार त्रिपाठी ने बताया कि मस्जिद से बाहर निकले अन्य लोग भी हाफिज के पक्ष में आ गए और वहां एक हिंसक भीड़ जमा हो गई। करीब 25 से 30 लोगों की इस उग्र भीड़ ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से इंतेखाब आलम पर जानलेवा हमला बोल दिया।
भीड़ ने इंतेखाब को सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। अकेला युवक इस उन्मादी भीड़ के सामने बिल्कुल बेबस था। वह अपनी जान बचाने के लिए लहूलुहान हालत में वहां से भागा और किसी तरह अपने घर के अंदर घुसकर मुख्य दरवाजा बंद कर लिया।
घर में घुसकर हमला, गाड़ी और सीसीटीवी कैमरे तोड़े
लेकिन उग्र भीड़ का गुस्सा इतने पर भी शांत नहीं हुआ। इंतेखाब का पीछा करते हुए हिंसक भीड़ उसके घर तक जा पहुंची। दंगाइयों ने उसके घर के मुख्य दरवाजे को तोड़ने की कोशिश की और घर के बाहर खड़ी उसकी गाड़ी को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। साक्ष्यों को मिटाने और अपनी पहचान छुपाने के इरादे से भीड़ ने घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों को भी लाठियों से तोड़ डाला। घर के भीतर मौजूद परिवार के लोग इस अप्रत्याशित हमले से बुरी तरह दहशत में आ गए और पूरे घर में चीख-पुकार मच गई।
32 दंगाइयों पर मुकदमा दर्ज, इलाके में भारी पुलिस बल मुस्तैद
घटना की सूचना जैसे ही पुलिस को मिली, औराई पुलिस भारी बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस की गाड़ियों का सायरन सुनते ही उपद्रवी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने सबसे पहले गंभीर रूप से घायल इंतेखाब आलम को भीड़ के चंगुल से सुरक्षित निकालकर तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
थाना प्रभारी अश्विनी कुमार त्रिपाठी ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 नामजद और 20 से अधिक अज्ञात हमलावरों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। चूंकि मामला दो पक्षों और धार्मिक स्थल से जुड़ा था, इसलिए घोसिया इलाके में सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
बकरीद जैसे पवित्र त्योहार के मौके पर धार्मिक विमर्श और सवाल-जवाब को लेकर इस तरह की हिंसक वारदात होना सामाजिक सौहार्द को चोट पहुंचाता है। जहां धर्म सहिष्णुता, शांति और ज्ञान का मार्ग सिखाता है, वहीं एक सवाल के बदले लाठियां और लोहे की रॉड चलाना पूरी तरह कानून व्यवस्था के खिलाफ है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय इनपुट के आधार पर फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।





















































