लखनऊ: दिल्ली के जंतर-मंतर पर लद्दाख की मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को एक बड़ा बयान दिया है। सपा प्रमुख ने जलवायु कार्यकर्ता एवं प्रख्यात शिक्षाविद सोनम वांगचुक की लगातार गिरती सेहत पर गहरी फिक्र जाहिर करते हुए उनसे अपना अनिश्चितकालीन आमरण अनशन तुरंत समाप्त करने का विनम्र अनुरोध किया है। जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के बैनर तले जारी इस ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन के 24वें दिन और सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के 17वें दिन अखिलेश यादव का यह बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने केंद्र की मौजूदा सरकार की कार्यप्रणाली पर भी तीखे सवाल खड़े किए हैं।
‘मानवता और पर्यावरण के लिए अनमोल है आपका जीवन’: सपा प्रमुख
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक बेहद संवेदनशील पोस्ट साझा करते हुए सोनम वांगचुक के संघर्ष को सलाम किया। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “श्री सोनम वांगचुक जी से हमारा अति विनम्र आग्रह और सविनय अपील है कि वह अपना अनशन तोड़ दें। उनका जीवन समस्त विश्व के लिए अनमोल है, क्योंकि उसमें मानवता और पर्यावरण के लिए उतनी ही प्रतिबद्धता है जितनी लोकतंत्र के लिए।” अखिलेश यादव ने इस बात पर जोर दिया कि वांगचुक का सुरक्षित रहना देश के भविष्य, पर्यावरण की रक्षा और आने वाली युवा पीढ़ी के संघर्षों को नई दिशा देने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
केंद्र सरकार पर तीखा हमला: ‘सत्याग्रह का महत्व वो क्या जानें’
अखिलेश यादव ने अपनी अपील के दौरान भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर संवेदनहीनता का गंभीर आरोप मढ़ते हुए कड़ा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिस प्रशासनिक व्यवस्था और सरकार को जगाने के लिए वांगचुक इतने दिनों से भूखे-प्यासे बैठकर आमरण अनशन कर रहे हैं, उससे किसी भी प्रकार की संवेदनशीलता या सहानुभूति की उम्मीद करना पूरी तरह से व्यर्थ है। सपा अध्यक्ष ने लोकतांत्रिक मूल्यों की दुहाई देते हुए आगे कहा कि सत्याग्रह और शांतिपूर्ण आंदोलन का असली महत्व केवल वही लोग समझ सकते हैं, जिनके दिलों में लोकतांत्रिक परंपराओं के प्रति सच्ची निष्ठा और आस्था होती है, न कि वो जो केवल अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करना जानते हैं।
वांगचुक का गिरता स्वास्थ्य बना चिंता का कारण: 17 दिनों में घटा 8 किलो से ज्यादा वजन
इधर, जंतर-मंतर पर जारी इस आंदोलन के आयोजकों ने सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर बेहद चिंताजनक मेडिकल बुलेटिन जारी किया है। अनशन के 17वें दिन वांगचुक के शरीर पर भूख हड़ताल का बेहद खतरनाक असर देखने को मिल रहा है। मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, इस अनिश्चितकालीन अनशन के दौरान सोनम वांगचुक का कुल वजन 8.2 किलोग्राम तक कम हो गया है। इसके अलावा, डॉक्टरों की निगरानी में उनका रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) भी तेजी से गिरकर 107/70 एमएमएचजी (mmHg) के स्तर पर पहुंच गया है। सबसे ज्यादा फिक्र की बात यह है कि उनकी रक्तशर्करा (ब्लड शुगर) का स्तर घटकर महज 67 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर रह गया है, जो किसी भी सामान्य व्यक्ति के लिए बेहद जोखिम भरा माना जाता है।
‘जिंदगियां दांव पर लगी हैं’: कॉजपा संस्थापक की सरकार से गुहार
लद्दाख को विशेष दर्जा दिलाने और पर्यावरण संरक्षण की मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर धरना दे रही ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी सोनम वांगचुक और अन्य प्रदर्शनकारियों की स्थिति पर गहरा दुख प्रकट किया है। उन्होंने केंद्र सरकार से हठधर्मिता छोड़कर प्रदर्शनकारियों की जायज मांगों पर तुरंत सकारात्मक विचार करने की पुरजोर अपील की है। दीपके ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इस समय देश के लिए समर्पित लोगों की जिंदगियां पूरी तरह से दांव पर लगी हुई हैं और सरकार को बिना किसी देरी के इस पूरे मामले में हस्तक्षेप कर संवाद स्थापित करना चाहिए, ताकि किसी अनहोनी को टाला जा सके।





















































