मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले से एक अत्यंत मर्मस्पर्शी और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां के मड़िहान थाना क्षेत्र में एक महिला ने पारिवारिक विवाद से तंग आकर आत्मघाती कदम उठा लिया। महिला ने पहले अपनी तीन मासूम बेटियों को रात के खाने में घातक जहर दे दिया और उसके बाद स्वयं भी जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। इस भयावह वारदात में मां समेत दो बेटियों की मौके पर ही और रास्ते में मौत हो गई, जबकि एक अन्य मासूम बेटी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। इस सामूहिक हत्याकांड और आत्महत्या की घटना के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और हर कोई इस खौफनाक कदम से स्तब्ध है।
पति की दूसरी शादी के शक ने वैवाहिक जीवन में घोला जहर
पुलिस प्रशासन से प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, यह हृदयविदारक वारदात मड़िहान थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले परसौना गांव की है। मामले की जानकारी देते हुए अपर पुलिस अधीक्षक राजकुमार मीणा ने बताया कि गांव के निवासी धर्मेंद्र धरिकार अपनी आजीविका चलाने के लिए देश की राजधानी दिल्ली में रहकर मजदूरी का काम करते हैं। धर्मेंद्र के परिवार में उनकी 38 वर्षीय पत्नी कुसुम और चार बेटियां—सुनैना, मधु, राधिका और सत्या शामिल थीं।
पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में यह बात प्रकाश में आई है कि मृतका कुसुम को अपने पति पर यह गहरा संदेह था कि उसने दिल्ली में गुपचुप तरीके से दूसरी शादी रचा ली है। इसी कथित दूसरी शादी की आशंका को लेकर पति-पत्नी के बीच पिछले एक लंबे अरसे से गंभीर पारिवारिक कलह और अशांति चल रही थी। इस रोज-रोज के विवाद और मानसिक तनाव के कारण कुसुम काफी समय से अपने बच्चों को साथ लेकर संतनगर थाना क्षेत्र के शीतलगढ़ गांव स्थित अपने मायके में शरण लिए हुए थी।
समझौते के बाद लौटी थी ससुराल, बड़ी बेटी की गैरमौजूदगी में रची खौफनाक साजिश
अपर पुलिस अधीक्षक राजकुमार मीणा ने बताया कि इस विवाद को सुलझाने के लिए सोमवार को ही दोनों पक्षों के परिजनों और गणमान्य लोगों की मौजूदगी में एक समझौता कराया गया था। आपसी सुलह और सहमति बन जाने के बाद कुसुम अपने मायके से वापस परसौना गांव स्थित अपनी ससुराल लौट आई थी। सब कुछ सामान्य होता दिख रहा था, लेकिन देर रात जब पति घर पर मौजूद नहीं था, तब स्थिति पूरी तरह बदल गई।
देर रात कुसुम की सबसे बड़ी बेटी सुनैना अपने पिता धर्मेंद्र को ढूंढने के लिए घर से बाहर निकली हुई थी। घर में बड़ी बेटी की अनुपस्थिति और सन्नाटे का फायदा उठाते हुए कुसुम ने अपनी तीन छोटी बेटियों—राधिका (12 वर्ष), मधु (10 वर्ष) और सत्या (8 वर्ष) को रात के भोजन में जहरीला पदार्थ मिलाकर खिला दिया। मासूम बच्चों को विष देने के तुरंत बाद कुसुम ने खुद भी बचे हुए विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया।
तीन जिंदगियों ने तोड़ा दम, अस्पताल में अंतिम सांसें गिन रही एक मासूम
जब बड़ी बेटी सुनैना अपने पिता को तलाश कर घर वापस लौटी, तो भीतर का नजारा देखकर उसके होश उड़ गए। मां और तीनों बहनें जमीन पर अचेत पड़ी तड़प रही थीं। सुनैना की चीख-पुकार सुनकर दौड़े परिजनों और ग्रामीणों ने आनन-फानन में सभी को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने जांच के बाद कुसुम और उसकी बेटी मधु को मृत घोषित कर दिया।
वहीं दूसरी ओर, बेहद गंभीर हालत को देखते हुए मासूम सत्या और राधिका को तुरंत मिर्जापुर जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया। अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण रहा कि अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही 8 वर्षीय सत्या ने भी दम तोड़ दिया। तीसरी बेटी राधिका की हालत लगातार अत्यंत नाजुक बनी हुई है और चिकित्सक उसे बचाने का भरसक प्रयास कर रहे हैं। स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस संवेदनशील मामले में सभी संभावित कानूनी और पारिवारिक पहलुओं को ध्यान में रखकर विस्तृत जांच की जा रही है।





















































