दिल्ली-एनसीआर समेत नोएडा में पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश अब लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बनने लगी है। लगातार हो रही इस बारिश के चलते नोएडा के सेक्टर-12 में एक बेहद डरावना हादसा सामने आया है, जहां वाई ब्लॉक में स्थित एक पुरानी और कमजोर दीवार अचानक ढह गई। दीवार गिरने की इस घटना से वहां हड़कंप मच गया और उसके ठीक नीचे पार्क की गई कई गाड़ियां मलबे की चपेट में आ गईं। गनीमत यह रही कि जब यह हादसा हुआ, उस समय वहां से कोई राहगीर नहीं गुजर रहा था और न ही कोई व्यक्ति वाहनों के भीतर मौजूद था, जिसके चलते एक बड़ा और जानलेवा हादसा होते-होते टल गया।
तेज आवाज के साथ ढहा ढांचा, वाहनों के टूटे शीशे
चश्मदीदों से मिली जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में सुबह से ही रुक-रुककर तेज बारिश हो रही थी, जिसके कारण इस पुरानी दीवार की नींव में काफी पानी भर गया था और वह बेहद कमजोर हो चुकी थी। अचानक एक जोरदार आवाज के साथ दीवार का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे खड़ी कारों पर आ गिरा। मलबे के भारी वजन के कारण वहां खड़ी तीन से चार कारें बुरी तरह पिचक गईं। वाहनों के शीशे चकनाचूर हो गए और उनकी बॉडी को भारी नुकसान पहुंचा है। घटना की तेज आवाज सुनते ही इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया और वाई ब्लॉक के स्थानीय निवासी बड़ी संख्या में घटनास्थल पर जमा हो गए।
जर्जर दीवार को लेकर लोगों में भारी आक्रोश
इस हादसे के बाद से सेक्टर-12 के निवासियों में स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग के खिलाफ गहरा गुस्सा देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह बाउंड्री वॉल काफी लंबे समय से जर्जर और बेहद खतरनाक स्थिति में खड़ी थी। सोसायटी के लोगों ने पहले भी कई बार इसकी मरम्मत कराने या इसे सुरक्षित तरीके से हटाने के लिए संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया था। इसके बावजूद प्रशासन ने इस संभावित खतरे को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। निवासियों का कहना है कि अगर समय रहते उनकी शिकायतों पर संज्ञान लेकर प्रभावी कदम उठाए गए होते, तो आज यह बड़ा आर्थिक नुकसान होने से बचाया जा सकता था।
मौके पर पहुंची सेक्टर-24 पुलिस, शुरू हुआ रेस्क्यू
दीवार गिरने और वाहनों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलते ही थाना सेक्टर-24 की पुलिस टीम तुरंत हरकत में आई और दलबल के साथ मौके पर पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और स्थिति को नियंत्रण में लिया। इसके बाद स्थानीय निवासियों के सहयोग से मलबे को हटाने का काम युद्धस्तर पर शुरू किया गया, ताकि पत्थरों और सीमेंट के नीचे दबे वाहनों को बाहर निकाला जा सके और ब्लॉक के भीतर बाधित हुए आवागमन को दोबारा सामान्य किया जा सके।
मुआवजे और सुरक्षा सर्वे की उठी मांग
हादसे से नाराज रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन और पीड़ित वाहन स्वामियों ने अथॉरिटी से मुआवजे की मांग की है। लोगों ने पुरजोर तरीके से यह मांग उठाई है कि जिन नागरिकों की गाड़ियां इस प्रशासनिक लापरवाही के कारण क्षतिग्रस्त हुई हैं, उन्हें उचित हर्जाना दिया जाए। इसके साथ ही, मानसून के इस मौसम में आगे किसी बड़ी अनहोनी को रोकने के लिए सेक्टर के सभी हिस्सों में मौजूद पुरानी, जर्जर दीवारों और कमजोर ढांचों का तत्काल एक व्यापक सर्वे कराया जाए, जिससे खतरनाक ढांचों को समय रहते चिन्हित कर ध्वस्त किया जा सके।
नोएडा प्रशासन के सामने खड़ी हुई बड़ी चुनौती
उल्लेखनीय है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा के विभिन्न इलाकों में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने ड्रेनेज सिस्टम और नागरिक सुविधाओं की पोल खोलकर रख दी है। जगह-जगह जलभराव की गंभीर स्थिति बनी हुई है, कई स्थानों पर मुख्य सड़कें धंस रही हैं और कमजोर बाउंड्री वॉल गिरने की घटनाएं लगातार रिपोर्ट की जा रही हैं। ऐसे में बारिश के इस मौसम में शहर के भीतर मौजूद अति-जर्जर भवनों और असुरक्षित निर्माणों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित करना नोएडा प्राधिकरण और जिला प्रशासन के लिए एक बेहद गंभीर चुनौती बन चुका है।





















































