कानपुर। लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण कोचिंग सेंटर अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश का प्रशासनिक अमला बेहद सतर्क हो गया है। इस दर्दनाक हादसे से सबक लेते हुए कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने शहर में नियमों को ताक पर रखकर चल रहे कोचिंग संस्थानों के खिलाफ एक बड़ा और कड़ा अभियान शुरू कर दिया है। कानपुर के प्रमुख शैक्षणिक हब कहे जाने वाले काकादेव इलाके में केडीए की टीमों ने भारी पुलिस बल के साथ औचक छापेमारी की। इस दौरान सुरक्षा मानकों और भवन निर्माण नियमों का घोर उल्लंघन पाए जाने पर हड़कंप मच गया। प्राधिकरण ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक करीब 30 व्यावसायिक इमारतों को सील कर दिया है, जिससे अवैध रूप से संचालित हो रहे संस्थान संचालकों में खलबली मच गई है।
अचानक खाली कराई गईं क्लास, सहमे छात्र बोले– ‘जान से बढ़कर कुछ नहीं’
काकादेव क्षेत्र में जब केडीए की प्रवर्तन टीम जांच के लिए पहुंची, तो कई संस्थानों में क्षमता से अधिक छात्र ठसाठस भरे मिले। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण अधिकारियों ने तुरंत कोचिंग परिसरों को खाली कराने के निर्देश दिए। बीच क्लास में हुई इस कार्रवाई से छात्र-छात्राएं हैरान रह गए।
वहां पढ़ रहे एक छात्र ने बताया कि उसके बैच में ही करीब 40 से 50 विद्यार्थी मौजूद थे। छात्र के मुताबिक, लखनऊ में जो भीषण अग्निकांड हुआ है, उसने सबको डरा दिया है। ऐसी जानलेवा लापरवाही के बीच बच्चों के भविष्य और जीवन को सुरक्षित करने के लिए सभी कोचिंग संस्थानों की सघन जांच होना बेहद जरूरी है।
छात्रों ने किया प्रशासनिक कार्रवाई का स्वागत, व्यवस्था सुधारने की उठाई मांग
छापेमारी के दौरान अचानक कक्षा से बाहर निकाली गई एक छात्रा ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें शिक्षकों द्वारा अचानक सूचित किया गया कि कोचिंग को सील किया जा रहा है, इसलिए वे फौरन बाहर निकल जाएं। छात्रा ने बताया कि उसके बैच में लगभग 60 विद्यार्थी एक साथ बैठकर पढ़ाई कर रहे थे। उसने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि यदि किसी संस्थान को सील किया जा रहा है, तो निश्चित रूप से वहां बच्चों की सुरक्षा में कोई न कोई गंभीर कमी रही होगी।
इसी तरह, एक अन्य छात्र प्रतुमन यादव ने भी इस कड़े प्रशासनिक कदम का पुरजोर समर्थन किया। प्रतुमन ने कहा कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते ही यह सीलिंग की कार्रवाई हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जब ये संस्थान अग्नि सुरक्षा से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज और कानूनी मानक पूरे कर लेंगे, तभी इन्हें दोबारा खोलने की अनुमति दी जानी चाहिए।
बेसमेंट और अवैध गतिविधियों पर केडीए की पैनी नजर, लगातार जारी रहेगा अभियान
इस महा-अभियान की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए केडीए सचिव अभय पांडे ने बताया कि लखनऊ की दुखद घटना को शासन ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बाद पूरे कानपुर विकास प्राधिकरण क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को लेकर विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है।
केडीए सचिव ने स्पष्ट किया कि जिन भी संवेदनशील इलाकों में कमर्शियल कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं या जहां बेसमेंट का इस्तेमाल नियमों के विरुद्ध जाकर पढ़ाया जा रहा है, वहां हमारी टीमें विशेष तौर पर पैनी नजर रख रही हैं।
30 इमारतें सील, कई को नोटिस; केडीए सचिव की सख्त चेतावनी
प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, सोमवार से शुरू हुआ यह एक्शन प्लान रुकने वाला नहीं है। अब तक हुई कार्रवाई के तहत करीब 30 इमारतों को सील करने की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। इसके अलावा, कई अन्य संदिग्ध संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तय समय सीमा के भीतर जवाब और वैध प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने को कहा गया है।
केडीए सचिव अभय पांडे ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि चिह्नित किए गए अवैध भवनों और कोचिंग संचालकों के खिलाफ यह दंडात्मक कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। छात्रों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने वाले सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।





















































