अलीगढ़: उत्तर प्रदेश को औद्योगिक और तकनीकी रूप से अग्रणी बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अलीगढ़ जिले के लिए विकास का एक नया रोडमैप देश के सामने रखा। मुख्यमंत्री ने अलीगढ़ के विकास को नए पंख देते हुए 462 करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित लागत वाली कुल 85 जनकल्याणकारी व ढांचागत विकास परियोजनाओं का भव्य लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश का यह ऐतिहासिक शहर अब सिर्फ पारंपरिक तालों के लिए नहीं, बल्कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले आधुनिक हथियारों और सैन्य उपकरणों के निर्माण के लिए दुनिया भर में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाने जा रहा है।
डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से अलीगढ़ को मिली नई वैश्विक पहचान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अलीगढ़ के सामर्थ्य को पहचानते हुए यहां के लिए ‘डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर’ (रक्षा विनिर्माण गलियारा) को मंजूरी दी थी, जिसने इस पूरे क्षेत्र के औद्योगिक परिदृश्य को एक नई और सकारात्मक दिशा दे दी है। मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि अलीगढ़ बहुत जल्द भारतीय सेनाओं के लिए रक्षा उपकरणों और हथियारों के उत्पादन व उनकी आपूर्ति का एक सबसे महत्वपूर्ण और भरोसेमंद केंद्र बनकर उभरेगा। यह कदम न केवल स्थानीय स्तर पर हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा, बल्कि भारत को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने के राष्ट्रीय संकल्प में भी मील का पत्थर साबित होगा।
थमेगी नहीं विकास की रफ्तार, अनवरत जारी रहेगा बुनियादी ढांचे का कायाकल्प
जनता को आश्वस्त करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि डबल इंजन की सरकार में अलीगढ़ की प्रगति और आधुनिकीकरण का जो पहिया एक बार घूमना शुरू हुआ है, वह अब किसी भी कीमत पर थमने वाला नहीं है। उन्होंने कहा, “अलीगढ़ में विकास की यह बहुआयामी प्रक्रिया रुकेगी नहीं, थमेगी नहीं, यह अनवरत आगे बढ़ती रहेगी।” जिन 85 परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई और उद्घाटन हुआ, वे बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, कनेक्टिविटी में सुधार लाने, स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने और स्थानीय नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने से सीधे जुड़ी हुई हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को भी निर्देश दिया कि सभी परियोजनाओं को पूरी पारदर्शिता और तय समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।
राजा महेंद्र प्रताप सिंह और बाबूजी कल्याण सिंह को दी भावभीनी श्रद्धांजलि
अपने भाषण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भावुक भी नजर आए, जब उन्होंने इस माटी के महान सपूतों को याद किया। उन्होंने महान स्वतंत्रता सेनानी और राष्ट्रनायक राजा महेंद्र प्रताप सिंह के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्रद्धेय कल्याण सिंह (बाबूजी) को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ की जनता की यह बहुत पुरानी और जायज मांग थी कि देश के निर्माण में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर एक भव्य शैक्षणिक संस्थान हो। सरकार ने इस जनभावना का सम्मान करते हुए ‘राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय’ की स्थापना का कार्य रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिया है, और अब वहां शिक्षा के स्तर को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने के लिए लगातार अत्याधुनिक सुविधाएं और नए शैक्षणिक पाठ्यक्रम तेजी से उपलब्ध कराए जा रहे हैं।





















































