उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले से एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां अवैध संबंधों के चलते एक सुहागन ने ही अपने पति की मौत की खूनी साजिश रच डाली। करीब तीन महीने पहले लापता हुए एक शख्स की गुमशुदगी के पीछे छिपे कत्ल के इस राज से पुलिस ने शुक्रवार को पूरी तरह पर्दा उठा दिया है। अपनी मोहब्बत के रास्ते से पति को हटाने के लिए महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर न केवल उसकी हत्या की, बल्कि साक्ष्य मिटाने के लिए लाश को एक सुनसान बाग में दफना दिया था। पुलिस ने दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर जमीन खोदकर शव को बाहर निकाल लिया है।
कोर्ट की तारीख पर निकला था ओमकार, फिर कभी नहीं लौटा
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत फरवरी महीने में हुई थी। पुलिस अधीक्षक (एसपी) सौरभ दीक्षित ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सेहरामऊ दक्षिणी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम मानपुर मलिकापुर के रहने वाले सत्यवीर सिंह ने अपने भाई ओमकार के अचानक गायब होने की शिकायत दर्ज कराई थी। ओमकार गत 23 फरवरी को तिलहर न्यायालय में किसी मामले की तारीख पर जाने की बात कहकर अपने घर से रवाना हुआ था। इसके बाद जब वह देर रात तक वापस नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी काफी खोजबीन की। कोई सुराग न मिलने पर पीड़ित भाई सत्यवीर सिंह ने 6 मार्च को थाने में ओमकार की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई।
शक के घेरे में आई पत्नी: अपहरण के मुकदमे से खुला राज
महीनों बीत जाने के बाद भी जब ओमकार का कोई पता नहीं चला, तो परिवार का शक उसकी पत्नी की संदिग्ध गतिविधियों पर गहराने लगा। इसके बाद 4 जून को भाई सत्यवीर ने अनहोनी की आशंका जताते हुए ओमकार की पत्नी ओमा भारती और उसके कथित प्रेमी नन्हे (निवासी ग्राम लिनथरा) के खिलाफ साजिश के तहत भाई का अपहरण करने का आरोप लगाते हुए धारा 140 (1) के तहत नामजद मुकदमा दर्ज करा दिया। मुकदमा दर्ज होते ही हरकत में आई सेहरामऊ दक्षिणी पुलिस ने जब ओमा भारती और नन्हे को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो दोनों टूट गए। उन्होंने पुलिस के सामने जो कबूलनामा किया, उसे सुनकर अधिकारियों के भी होश उड़ गए।
पहले पिलाई छककर शराब, फिर केले के बाग में दफनाई लाश
पुलिस की तफ्तीश में यह बात पूरी तरह साफ हो गई कि ओमा भारती और नन्हे के बीच काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। ओमकार को अपनी पत्नी के इस अवैध रिश्ते की भनक लग चुकी थी, जिसके कारण वह दोनों के प्रेम संबंधों के बीच सबसे बड़ा रोड़ा बन रहा था। उसे रास्ते से हटाने के लिए दोनों प्रेमियों ने एक सोची-समझी खूनी साजिश तैयार की।
योजना के मुताबिक, आरोपियों ने ओमकार को झांसा देकर ग्राम लिनथरा स्थित एक बगीचे में बुलाया। वहां उन्होंने पहले ओमकार को अत्यधिक मात्रा में शराब पिलाई। जब वह पूरी तरह नशे में धुत्त होकर बेसुध हो गया, तो दोनों ने मिलकर बेरहमी से उसकी जीवनलीला समाप्त कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद पकड़े जाने के डर से उन्होंने साक्ष्य मिटाने की नीयत से बाग में ही केले के पेड़ के पास एक गहरा गड्ढा खोदा और ओमकार के शव को नमक व मिट्टी डालकर दफन कर दिया, ताकि किसी को भनक न लग सके।
कड़े कानूनी प्रावधानों के तहत कोर्ट में पेशी
शुक्रवार को पुलिस की एक विशेष टीम दोनों आरोपियों को साथ लेकर वारदात स्थल यानी लिनथरा गांव के उसी बगीचे में पहुंची। मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में कराई गई खुदाई के बाद केले के पेड़ के पास से ओमकार का सड़ा-गला शव बरामद कर लिया गया। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए शव को तुरंत पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।
एसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि आरोपियों के कबूलनामे और मौके से मिले पुख्ता सबूतों के आधार पर दर्ज मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या और साक्ष्य मिटाने से जुड़ी कड़ी धाराएं 103(1), 238, 3(5) और 61 (2) बढ़ा दी गई हैं। पकड़े गए दोनों हत्यारोपियों को पुलिस अभिरक्षा में न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की सख्त विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।





















































