वाराणसी: भारतीय जनता पार्टी की सांसद और प्रख्यात सिने अभिनेत्री कंगना रनौत धार्मिक व सांस्कृतिक नगरी काशी के दौरे पर पहुंची हैं। यहां संवाददाताओं से मुखातिब होते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश और विशेष रूप से बनारस में हुए व्यापक बदलावों की जमकर सराहना की। कंगना ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश के भीतर जिस स्तर पर चौतरफा तरक्की हुई है, वह किसी से छिपी नहीं है और समूचा विश्व इस अभूतपूर्व विकास का साक्षी बन रहा है।
बनारस हमेशा से दिल के बेहद करीब: कंगना
मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा के दौरान अभिनेत्री ने स्पष्ट किया कि काशी की यह यात्रा उनके व्यक्तिगत कार्यों के सिलसिले में तय हुई है। शहर से अपने गहरे भावनात्मक जुड़ाव को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि बनारस का आध्यात्मिक वातावरण सदैव उनके मन को छूता रहा है। कंगना ने कहा कि यहां जब भी कदम पड़ते हैं, तो नगर के विभिन्न ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों का भ्रमण करने की स्वाभाविक उत्सुकता जाग उठती है। उन्होंने यह भी साझा किया कि अपनी इस यात्रा के दौरान वह स्थानीय बाजारों से पारंपरिक खरीदारी करेंगी और इस प्राचीन पावन नगरी के अनूठे परिवेश का पूरा आनंद लेंगी।
अखिलेश यादव के ‘मेट्रो’ वाले चुनावी वादे पर पलटवार
कंगना रनौत का यह बयान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की हालिया टिप्पणियों की पृष्ठभूमि में आया है। दरअसल, काशी प्रवास के दौरान अखिलेश यादव ने दावा किया था कि राज्य में समाजवादी पार्टी की सत्ता में वापसी होते ही बनारस को जाम और भीषण ट्रैफिक की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए मेट्रो रेल परियोजना शुरू की जाएगी। सपा प्रमुख का कहना था कि यह योजना उनकी पिछली सरकार के दौरान लगभग 10-11 वर्ष पहले ही तैयार कर ली गई थी। इसके साथ ही अखिलेश ने यह आश्वासन भी दिया था कि सपा सरकार बनते ही वरुणा नदी रिवरफ्रंट के अधूरे कार्य को पुनः गति दी जाएगी और इसे साबरमती से भी अधिक आकर्षक स्वरूप प्रदान किया जाएगा।
‘लाखों-करोड़ों के निवेश से बदला काशी का स्वरूप, पुरानी सरकारों का दौर सबने देखा’
सपा मुखिया के इन दावों पर जोरदार पलटवार करते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और प्रयासों से काशी में पहले ही लाखों-करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं का निवेश हो चुका है, जिसने समूचे बनारस का कायाकल्प कर दिया है। पूर्ववर्ती समाजवादी सरकार पर सवाल उठाते हुए उन्होंने तंज कसा कि उस दौर में बनारस की क्या स्थिति थी और तब की हुकूमत ने यहां के लिए क्या योगदान दिया था, यह सब जानते हैं। उन्होंने अतीत की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके पिता और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के समय किस प्रकार गोलियां चलवाई गई थीं और तत्कालीन हालात कैसे थे, यह जनता भूली नहीं है। कंगना ने पुरजोर शब्दों में रेखांकित किया कि काशी से लेकर अयोध्या तक उत्तर प्रदेश के हर कोने का जिस तीव्रता से कायापलट हो रहा है, उसे साबित करने के लिए किसी के वक्तव्य की आवश्यकता नहीं है, बल्कि यह धरातल पर पूरी दुनिया के सामने स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।




















































