देशभर में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर जारी सियासी घमासान के मध्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का जोरदार समर्थन किया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एक पारदर्शी और त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार करना राष्ट्र की संप्रभुता से जुड़ा विषय है। उन्होंने मतदाता सूची से अनुचित और अवैध नामों को नियमानुसार हटाए जाने को देश की एकता, अखंडता तथा आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण कदम करार दिया है। इसके साथ ही उन्होंने लोकतंत्र के महापर्व में नए मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश व देश के युवाओं से विशेष आग्रह भी किया।
‘लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए मतदाता सूची का शुद्धिकरण आवश्यक’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार की सुबह अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी बात साझा करते हुए लिखा कि भारत सदियों से लोकतांत्रिक मान्यताओं और जीवन मूल्यों का ध्वजवाहक रहा है। निर्वाचन आयोग की पहल पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित किया जा रहा ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) हमारे समृद्ध लोकतांत्रिक ढांचे को और अधिक मजबूती प्रदान करने की दिशा में उठाया गया एक अहम कदम है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि दिवंगत नागरिकों, स्थाई रूप से अन्यत्र जा चुके व्यक्तियों और सूची में मौजूद दोहरी (डुप्लीकेट) प्रविष्टियों की नियमानुसार जांच और सत्यापन किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
सुरक्षा और अखंडता से नहीं हो सकता समझौता: मुख्यमंत्री
जागरूक नागरिकों और मतदाताओं का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि मतदाता सूची में यदि कोई अपात्र नाम गैरकानूनी ढंग से शामिल है, तो उसकी सही पहचान कर उसे विधिवत हटाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनावी नामावली की पवित्रता बनाए रखना केवल एक प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि भारत की सुरक्षा, संप्रभुता और अखंडता की रक्षा के लिए भी एक अनिवार्य आवश्यकता है। सीएम ने नागरिकों को आगाह किया कि एक स्वच्छ नामावली ही निष्पक्ष चुनावी व्यवस्था का आधार बन सकती है।
नए मतदाताओं से सीएम योगी का आह्वान: 18 वर्ष होते ही जुड़वाएं नाम
अपने वक्तव्य के अंतिम हिस्से में मुख्यमंत्री ने युवा पीढ़ी को लोकतांत्रिक व्यवस्था से सक्रिय रूप से जुड़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जो भी युवा 18 वर्ष की आयु सीमा पूर्ण कर चुके हैं, वे बिना किसी संकोच के मतदाता सूची में अपना पंजीकरण अवश्य कराएं। सीएम योगी ने जनसामान्य से अपील करते हुए कहा कि एक शुद्ध, सशक्त, निष्पक्ष और पारदर्शी मतदाता सूची के निर्माण में हर नागरिक को अपनी सहभागिता निभानी चाहिए, जिससे देश का लोकतंत्र और अधिक सशक्त हो सके।
सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध के बीच आया बयान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह बयान ऐसे संवेदनशील राजनीतिक माहौल में सामने आया है जब कांग्रेस सहित प्रमुख विपक्षी दल निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के निर्णयों के खिलाफ पूरे देश में आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी विपक्षी नेताओं द्वारा जोरदार प्रदर्शन किया जा चुका है। विपक्ष का सीधा आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण की आड़ में दुर्भावनापूर्ण तरीके से मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं, जिसका सीधा लाभ सत्ताधारी दल भाजपा को पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर निष्पक्षता से समझौता करने का आरोप लगाते हुए इस पूरी पुनरीक्षण प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की है। हालांकि, सत्तारूढ़ दल ने इन सभी आरोपों को तथ्यहीन और बेबुनियाद बताते हुए साफ खारिज कर दिया है और स्पष्ट किया है कि आयोग पूरी निष्पक्षता व पारदर्शिता के साथ नियमों के तहत काम कर रहा है।




















































