लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया और ग्रामीण उत्थान को लेकर विपक्षी खेमे, विशेष रूप से समाजवादी पार्टी पर बड़ा हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि जिन राजनीतिक दलों ने अपने शासनकाल में युवाओं के अधिकारों का हनन किया, दलितों और शोषितों को जनकल्याणकारी नीतियों से दूर रखा तथा पिछड़ों के अवसरों पर डाका डाला, वे आज जनता को भ्रमित करने के लिए नए-नए नारों का सहारा ले रहे हैं और गिरगिट की भांति रंग बदल रहे हैं। राजधानी लखनऊ में ‘मिशन रोजगार’ के अंतर्गत उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा पारदर्शी ढंग से चयनित 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने विपक्ष को खुली चुनौती दी कि सरकार अगले छह माह के भीतर एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने जा रही है; विपक्ष गिनती करता रहे और सरकार नियुक्तियां बांटती रहेगी।
2017 से पहले विज्ञापनों में भ्रष्टाचार, आज साढ़े नौ लाख युवाओं को मिला रोजगार
समारोह में नवचयनित अभ्यर्थियों और उनके परिजनों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोग ने पूरी शुचिता, निष्पक्षता और तय समय-सीमा के भीतर इस चयन प्रक्रिया को पूरा किया है। उन्होंने पूर्ववर्ती व्यवस्था पर कड़ा प्रहार करते हुए स्मरण कराया कि साल 2017 से पहले जैसे ही किसी सरकारी भर्ती का विज्ञापन निकलता था, वैसे ही युवाओं के मन में धांधली और भ्रष्टाचार की आशंकाएं घर कर जाती थीं। उस दौर में साधनहीन, निर्धन और बिना राजनीतिक पहुंच वाले परिवारों के होनहार युवा अपनी योग्यता के बावजूद नौकरियों से वंचित रह जाते थे। प्रदेश में सत्ता संभालने के बाद सरकार ने इस भ्रष्ट तंत्र और जकड़न को जड़ से समाप्त किया। इसी पारदर्शी व्यवस्था का सुपरिणाम है कि आज प्रदेश के साढ़े नौ लाख युवा बिना किसी सिफारिश और रिश्वत के सरकारी नौकरियों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
‘विपक्ष के लिए सैफई ही प्रदेश था, केंद्र की योजनाओं को रोकने का हुआ काम’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के शासनकाल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उस समय विकास की अवधारणा सिर्फ सैफई तक सिमट कर रह गई थी। तत्कालीन हुकूमत को उत्तर प्रदेश के शेष जनपदों और गांवों की बुनियादी जरूरतों से कोई सरोकार नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि जब केंद्र सरकार गरीबों के लिए पक्के मकान और शौचालय स्वीकृत करती थी, तब तत्कालीन राज्य सरकार उन योजनाओं को धरातल पर उतरने नहीं देती थी। आवास आवंटन में भी अपने पार्टी कार्यकर्ताओं और कैडर को लाभ पहुंचाने की संकीर्ण मानसिकता हावी रहती थी। इसके विपरीत, आज उत्तर प्रदेश देश के पांच सबसे पिछड़े राज्यों की श्रेणी से निकलकर देश की शीर्ष तीन प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में मजबूती से स्थापित हो चुका है। राज्य की अर्थव्यवस्था, बजट का आकार और प्रति व्यक्ति आय पिछले साढ़े सात वर्षों में तीन गुना तक बढ़ चुकी है।
माफिया राज का खात्मा, छह महीने में एक लाख युवाओं को नियुक्ति का संकल्प
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले हर जिले में माफिया तत्वों की समानांतर हुकूमत चलती थी। सड़कों पर असलहे लहराते हुए गाड़ियों के काफिले निकला करते थे और त्योहारों से ऐन पहले दंगों और उपद्रव का माहौल बना दिया जाता था। सरकार ने माफिया तंत्र और उपद्रवियों पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कठोर कार्रवाई की, जिसके चलते आज यूपी दंगा, कर्फ्यू और माफिया से मुक्त होकर शांति और विकास के पथ पर अग्रसर है। सपा अध्यक्ष के बयानों का खंडन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल सितंबर माह में ही नियुक्ति पत्र वितरण का यह चौथा बड़ा कार्यक्रम है और अक्टूबर के प्रथम सप्ताह से पुनः यह प्रक्रिया जारी रहेगी। अगले छह महीनों में एक लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र देने का लक्ष्य निर्धारित है। शहीद भगत सिंह के 23 वर्ष की आयु में दिए गए सर्वोच्च बलिदान का स्मरण कराते हुए उन्होंने 20 से 27 वर्ष की आयु के नवनियुक्त अधिकारियों से अपनी पूरी ऊर्जा राज्य के नव-निर्माण में लगाने का आह्वान किया।
ग्राम सचिवालय बने सशक्तिकरण का केंद्र, मॉडल व आत्मनिर्भर गांव बनाने का आह्वान
ग्रामीण विकास की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के गांवों में अब अत्याधुनिक ग्राम सचिवालय स्थापित किए जा चुके हैं। यहां ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी, लेखपाल, पंचायत सहायक और बीसी सखी के एक साथ बैठने की सुचारु व्यवस्था की गई है, साथ ही डिजिटल लाइब्रेरी और कॉन्फ्रेंस रूम भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे ग्रामीणों को आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेजों के लिए ब्लॉक और तहसील के चक्कर लगाने से मुक्ति मिली है। उन्होंने ग्राम पंचायतों को अपनी रिक्त भूमि, दुकानों और गैर-धार्मिक तालाबों में मत्स्य पालन के जरिए अपनी आय बढ़ाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जो ग्राम पंचायतें अपने आंतरिक स्रोत से जितना राजस्व जुटाएंगी, सरकार उन्हें विकास के लिए उतनी ही अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकसित भारत का संकल्प विकसित उत्तर प्रदेश से और विकसित उत्तर प्रदेश का सपना आत्मनिर्भर व सशक्त ग्राम पंचायतों के माध्यम से ही साकार होगा, जिसमें नवनियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारी महत्वपूर्ण सारथी की भूमिका निभाएंगे।



















































