उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को उस समय राष्ट्रभक्ति का ऐतिहासिक ज्वार देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काकोरी ट्रेन कार्रवाई की 101वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में विशाल तिरंगा यात्रा का नेतृत्व किया। इस भव्य समारोह के दौरान एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में संदेश दिया कि अब वह दौर बीत चुका है जब कोई भारत की धरती पर रहकर देश के राष्ट्रीय प्रतीकों, महापुरुषों, राष्ट्रगान या राष्ट्रगीत का अनादर करके बच निकलता था। सीएम योगी ने साफ तौर पर कहा कि देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय अस्मिता से खिलवाड़ करने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी।
पीएम मोदी के फैसलों की सराहना, राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान अब संज्ञेय अपराध
अपने प्रभावी संबोधन में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का मान-सम्मान पूरी दुनिया में बढ़ाने के लिए क्रांतिकारी कदम उठाए हैं। कानून में बदलाव करके राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान को संज्ञेय और गंभीर अपराध की श्रेणी में लाया गया है, जिससे इनकी गरिमा और सुदृढ़ हुई है। सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि भारत की माटी का अन्न खाने वाले हर नागरिक को देश के महान कर्णधारों, प्रतीकों और संविधान का सहर्ष सम्मान करना ही होगा, क्योंकि यह प्रत्येक भारतवासी का नैतिक और संवैधानिक दायित्व है।
सीएम आवास से विधान भवन तक उफना जनसैलाब, 30 हजार से ज्यादा युवा हुए शामिल
यह तिरंगा यात्रा मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास 5, कालिदास मार्ग से प्रारंभ होकर भव्य रूप में विधान भवन तक पहुंची। यात्रा में उमड़ी अप्रत्याशित भीड़ पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सुबह से ही युवाओं में अभूतपूर्व उत्साह देखा गया। उम्मीद जताई जा रही थी कि लगभग 25 से 30 हजार युवा जुटेंगे, लेकिन सुबह साढ़े आठ बजे ही यह आंकड़ा 25 हजार पार कर चुका था और देखते ही देखते 30 हजार से अधिक अनुशासित युवाओं का जनसैलाब सड़क पर उतर आया। इस यात्रा में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक समेत कई मंत्रियों व जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
काकोरी के अमर बलिदानियों को नमन, अंग्रेजों की नींव हिलाने वाली घटना को किया याद
ऐतिहासिक काकोरी ट्रेन एक्शन के वीरों को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्लाह खान और ठाकुर रोशन सिंह जैसे महान क्रांतिकारियों के अदम्य साहस का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1925 में घटी इस ऐतिहासिक घटना ने ब्रिटिश हुकूमत की जड़ें हिलाकर रख दी थीं। आज 101 वर्षों बाद यह तिरंगा यात्रा केवल एक आयोजन नहीं है, बल्कि उन सभी ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों और सीमाओं की रक्षा में प्राण न्योछावर करने वाले जांबाज सैनिकों के प्रति देश की कृतज्ञता की अभिव्यक्ति है। यह यात्रा पीएम मोदी के ‘नेशन फर्स्ट’ (राष्ट्र प्रथम) के महामंत्र को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त संकल्प है।
‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष और युवा शक्ति को उचित मंच देने का आह्वान
संबोधन के दौरान सीएम योगी ने रेखांकित किया कि यह वर्ष राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ का भी साक्षी बन रहा है, जो हर नागरिक के भीतर देशप्रेम की अलख जगाता है। उन्होंने भारत की युवा शक्ति पर गहरा विश्वास जताते हुए कहा कि देश का युवा अपार मेधा और ऊर्जा से परिपूर्ण है। यदि युवा शक्ति को सही दिशा और उपयुक्त मंच प्रदान किया जाए, तो वे भारत के सामने आने वाली किसी भी वैश्विक चुनौती को ध्वस्त करने का सामर्थ्य रखते हैं। अंत में उन्होंने 15 अगस्त के अवसर पर प्रदेश के हर नागरिक से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को ऐतिहासिक बनाने और अपने-अपने घरों पर तिरंगा फहराने का पुरजोर आह्वान किया।





















































