लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद (एमएलसी) की आगामी चुनावी जंग से ठीक पहले समाजवादी पार्टी ने अचानक बड़ा राजनीतिक फेरबदल करते हुए सबको चौंका दिया है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने शिक्षक खंड की दो बेहद महत्वपूर्ण सीटों पर अपने पहले से तय प्रत्याशियों के नाम वापस लेकर नए चेहरों पर दांव लगाया है। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक क्षेत्र और आगरा शिक्षक क्षेत्र में हुए इस अप्रत्याशित बदलाव ने सूबे के सियासी पारे को एकाएक बढ़ा दिया है। खासकर भाजपा छोड़कर आए नेता को 24 घंटे के भीतर चुनावी मैदान में उतारने का निर्णय राजनीतिक गलियारों में चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन गया है।
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट: कमलेश यादव का टिकट कटा, डॉ. संजयन त्रिपाठी पर भरोसा
समाजवादी पार्टी ने गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बड़ा बदलाव करते हुए अपने पूर्व घोषित उम्मीदवार कमलेश यादव का पत्ता साफ कर दिया है। उनके स्थान पर अब डॉ. संजयन त्रिपाठी सपा के आधिकारिक प्रत्याशी के रूप में ताल ठोकेंगे। गौरतलब है कि डॉ. त्रिपाठी हालिया दिनों तक भारतीय जनता पार्टी के खेमे में सक्रिय थे और वहां से चुनावी उम्मीदवारी की प्रबल दावेदारी पेश कर रहे थे।
भाजपा की ओर से हरी झंडी न मिलने के चलते उन्होंने बगावती तेवर अपनाते हुए भगवा दल से किनारा कर लिया था। इसके बाद लखनऊ में शुक्रवार को उन्होंने विधिवत रूप से समाजवादी पार्टी की लाल टोपी धारण की। सपा नेतृत्व ने भी बिना समय गंवाए सदस्यता ग्रहण करने के अगले ही दिन उन पर विश्वास जताते हुए शिक्षक सीट का टिकट थमा दिया। इस त्वरित फैसले से इस निर्वाचन क्षेत्र की चुनावी लड़ाई अब बेहद कांटे की हो गई है।
आगरा शिक्षक सीट: MLC आकाश अग्रवाल बने नए चेहरे, राम प्रकाश गुप्ता बाहर
सपा ने दूसरा बड़ा उलटफेर आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में किया है। पार्टी ने यहां पहले घोषित किए गए प्रत्याशी राम प्रकाश गुप्ता का टिकट निरस्त कर दिया है। उनके स्थान पर वर्तमान विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) आकाश अग्रवाल को अपना नया अधिकृत उम्मीदवार घोषित किया है।
आकाश अग्रवाल के मैदान में उतरने से आगरा सीट पर समीकरण काफी दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ रखने वाले मौजूदा एमएलसी पर दांव लगाकर पार्टी इस सीट पर अपनी जीत की संभावनाओं को पूरी तरह पुख्ता करने की रणनीति पर काम कर रही है।
सपा के नए रणनीतिक दांव से गरमाई शिक्षक राजनीति
दोनों महत्वपूर्ण सीटों पर ऐन वक्त पर प्रत्याशियों को बदलने के फैसले को राजनीतिक विश्लेषक सपा की सुनियोजित चुनावी रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं। विपक्षी खेमे से आए कद्दावर चेहरों को हाथों-हाथ जिम्मेदारी सौंपकर समाजवादी पार्टी ने साफ संकेत दिया है कि वह शिक्षक और स्नातक वर्ग में भाजपा के वोट बैंक में सीधी सेंध लगाने की तैयारी में है। विशेषकर गोरखपुर-फैजाबाद सीट पर डॉ. संजयन त्रिपाठी की मजबूत उपस्थिति ने मुकाबले को त्रिकोणीय और कड़ा बना दिया है।
23 अक्टूबर को होगा 11 सीटों पर मतदान
उत्तर प्रदेश विधान परिषद के तहत शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की कुल 11 रिक्त सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान संपन्न होना है। मतदान की तिथि जैसे-जैसे निकट आ रही है, वैसे-वैसे दोनों प्रमुख दलों—भाजपा और सपा के बीच शह-मात का खेल तेज होता जा रहा है। प्रमुख दलों द्वारा ऐन वक्त पर प्रत्याशियों के चेहरे बदलने और नए समीकरणों को साधने की यह कवायद शिक्षक और स्नातक मतदाताओं के बीच चुनावी सरगर्मी को चरम पर पहुंचा चुकी है।




















































