उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। विजयादशमी के पावन पर्व पर मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के उल्लास के बीच एक गंभीर हादसा हो गया, जहां बिजली के 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार की चपेट में आने से दो सगे भाइयों समेत तीन युवाओं की जान चली गई। इस भीषण दुर्घटना में एक पुलिसकर्मी सहित नौ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस आकस्मिक त्रासदी के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया और प्रशासन में हड़कंप मच गया।
डीजे की रेलिंग से छू गया हाईटेंशन तार
यह दुखद घटना बुधवार शाम करीब साढ़े चार बजे गुलरिहा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जंगल अयोध्या प्रसाद गांव के चौहान टोला की है। यहां से मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के लिए एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई थी, जो कोल्हुआ घाट की तरफ आगे बढ़ रही थी। यात्रा जब राजही चौराहे के पास पहुंची, तो वहां चल रहे डीजे वाहन के ऊपर बनी लोहे की रेलिंग अचानक ऊपर से गुजर रहे 11,000 वोल्ट के हाईटेंशन विद्युत तार के संपर्क में आ गई। वाहन के ठीक पास मौजूद कुल 12 लोग इस भयंकर करंट की चपेट में झुलस गए। आनन-फानन में सभी घायलों को इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने विक्की (18), लकी (17) और चंदन (21) को मृत घोषित कर दिया। मृतकों में विक्की और लकी सगे भाई थे।
घायलों में बीट कांस्टेबल भी शामिल, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
दुर्घटना में घायल होने वालों में पुष्पा देवी, नंदिनी, धीरेंद्र उर्फ मोनू, अंशिका चौहान, शनि चौहान, प्रियांशु, शिवानी और शांतनु के अलावा सुरक्षा में तैनात बीट कांस्टेबल धनंजय पांडे भी शामिल हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बाद में स्पष्ट किया कि सभी नौ घायल खतरे से बाहर हैं। हालांकि, इस घटना ने स्थानीय ग्रामीणों को बुरी तरह झकझोर दिया और उनका गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शोभायात्रा निकलने से पहले ही बिजली आपूर्ति बंद करने का आग्रह किया गया था, लेकिन बिजली विभाग की लापरवाही के कारण आपूर्ति चालू रही। आक्रोशित भीड़ ने शाम करीब छह बजे बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बाहर गोरखपुर-महराजगंज फोरलेन मार्ग को जाम कर दिया, जिससे सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। तनाव को देखते हुए इलाके की 50 से अधिक दुकानें बंद करा दी गईं और सुरक्षा के मद्देनजर पीएसी की दो बटालियन तैनात करनी पड़ीं।
प्रशासनिक कार्रवाई और तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कौस्तुभ भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की गई सूझबूझ और करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद प्रदर्शनकारियों को शांत कराया गया और यातायात बहाल हुआ। लापरवाही को बेहद गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कनिष्ठ अभियंता और दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है, जबकि संबंधित लाइनमैन को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। इस पूरे हादसे की पारदर्शी जांच के लिए अपर जिलाधिकारी (नगर), अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) और अधीक्षण अभियंता (ग्रामीण विद्युत) को शामिल करते हुए एक तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है, जिसे आगामी तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।














































