प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों की व्यूहरचना को अमलीजामा पहनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने जमीनी स्तर पर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में पार्टी आलाकमान ने प्रयागराज के संगठनात्मक ढांचे को धार देते हुए तीन अनुभवी नेताओं को नए प्रभारियों के रूप में जिम्मेदारी सौंपी है। महानगर, यमुनापार और गंगापार के लिए अलग-अलग प्रभारी नियुक्त कर भाजपा ने चुनावी तैयारियों, सांगठनिक तालमेल और बूथ प्रबंधन को चाक-चौबंद करने की बड़ी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।
तीन प्रमुख क्षेत्रों में बंटी जिम्मेदारी, इन्हें मिला दायित्व
पार्टी नेतृत्व ने संगठनात्मक दृष्टि से बेहद अहम माने जाने वाले प्रयागराज को तीन हिस्सों में बांटकर अनुभवी चेहरों पर दांव लगाया है। इसके तहत प्रयागराज महानगर क्षेत्र की कमान राकेश त्रिवेदी को सौंपी गई है। वहीं, यमुनापार इलाके के सांगठनिक कामकाज की बागडोर अनिल सिंह के हाथों में दी गई है, जबकि गंगापार क्षेत्र के प्रभारी पद पर अशोक मिश्रा को तैनात किया गया है। इन तीनों ही पदाधिकारियों की नियुक्ति आगामी चुनावी समर में भाजपा के संगठनात्मक तंत्र को नई ऊर्जा और स्पष्ट दिशा देने के उद्देश्य से की गई है।
प्रदेश नेतृत्व को सीधे रिपोर्ट करेंगे प्रभारी, ऐसा रहेगा कार्यक्षेत्र
नवनियुक्त प्रभारियों की भूमिका केवल औपचारिक गतिविधियों या सामान्य निगरानी तक सीमित नहीं रहेगी। ये नेता सीधे तौर पर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह के संपर्क में रहेंगे और अपनी रिपोर्ट सीधे उन्हें ही सौंपेंगे। इसका सीधा अर्थ यह है कि महानगर, यमुनापार और गंगापार के संगठनात्मक कामकाज, जमीनी हलचल और चुनावी तैयारियों का वास्तविक इनपुट बिना किसी विलंब के सीधे प्रदेश हाईकमान तक पहुंचेगा। इसके अलावा प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया में स्थानीय फीडबैक जुटाने और चुनाव प्रबंधन की रूपरेखा तय करने में भी इन प्रभारियों की राय बेहद निर्णायक साबित होगी।
स्थानीय जिला इकाइयों और आलाकमान के बीच सेतु का कार्य
प्रयागराज के इन तीनों सांगठनिक क्षेत्रों में पहले से ही जिलाध्यक्ष और स्थानीय इकाइयां अपने-अपने स्तर पर कार्य कर रही हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, नए प्रभारी मौजूदा जिलाध्यक्षों के अधिकारों में कोई दखल नहीं देंगे और न ही उनका स्थान लेंगे। इनका मुख्य दायित्व प्रांतीय नेतृत्व और स्थानीय स्तर के कार्यकर्ताओं के मध्य एक मजबूत समन्वय स्थापित करने का होगा। प्रभारी मंडल स्तर से लेकर बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रियता, जनसंपर्क अभियानों की गति और संगठनात्मक कार्यक्रमों की प्रभावशीलता की नियमित समीक्षा करेंगे, ताकि चुनावी रणनीति पूरी मजबूती से धरातल पर उतर सके।
सांगठनिक अनुभव से लैस हैं तीनों चेहरे
जिम्मेदारी संभालने वाले तीनों ही नेता सांगठनिक पृष्ठभूमि के माहिर खिलाड़ी माने जाते हैं। महानगर प्रभारी बनाए गए राकेश त्रिवेदी मूल रूप से वाराणसी के निवासी हैं और पूर्व में प्रदेश उपाध्यक्ष जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का निर्वहन कर चुके हैं। यमुनापार का प्रभार पाने वाले अनिल सिंह मिर्जापुर के रहने वाले हैं; वे वहां पार्टी के जिलाध्यक्ष रह चुके हैं और पहले भी यमुनापार के प्रभारी के रूप में काम करने का अनुभव रखते हैं। वहीं गंगापार की जिम्मेदारी संभाल रहे अशोक मिश्रा मूल रूप से सोनभद्र के हैं और वहां भाजपा के जिलाध्यक्ष पद पर अपनी संगठनात्मक क्षमता साबित कर चुके हैं। अब इन तीनों नेताओं के सुदीर्घ सांगठनिक अनुभव का लाभ भाजपा प्रयागराज के राजनीतिक समर में लेने जा रही है।





















































