कुशीनगर। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद में एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है, जहां राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रियों से खचाखच भरी एक बस के दुर्घटनाग्रस्त होने से कोहराम मच गया। यह दुखद घटना लबनिया चौराहे के समीप घटित हुई, जब राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से बिहार की ओर जा रही निजी यात्री बस अचानक हादसे का शिकार हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन में सवार एक मासूम बच्ची समेत तीन लोगों की मौके पर ही जान चली गई, जबकि अनेक यात्री गंभीर चोटों के शिकार हो गए। हादसे के फौरन बाद मौके पर मची चीख-पुकार सुनकर आसपास के स्थानीय ग्रामीण मदद के लिए दौड़े और पुलिस प्रशासन के पहुंचने से पूर्व ही लोगों को क्षतिग्रस्त बस से बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया।
राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर, घायलों को पहुंचाया गया अस्पताल
घटना की सूचना प्रसारित होते ही स्थानीय पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। प्रशासन ने आनन-फानन में एंबुलेंस और निजी वाहनों के माध्यम से सभी आहत यात्रियों को नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा कुशीनगर मेडिकल कॉलेज भेजने की व्यवस्था की। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस को क्रेन की मदद से सड़क किनारे करवाकर यातायात को सुचारु कराया, जिससे मार्ग पर लंबा जाम लगने से बच सका। वहीं पुलिस ने विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम गृह भिजवा दिया है ताकि अग्रिम कार्रवाई पूरी की जा सके।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने की हताहतों की स्थिति स्पष्ट
कुशीनगर मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेंटर प्रभारी डॉ. पुष्कर पाठक ने हताहतों के संदर्भ में विस्तृत चिकित्सकीय ब्यौरा साझा किया। उन्होंने बताया कि अस्पताल में कुल चार घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए लाया गया था। इनमें से एक अज्ञात व्यक्ति को चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित (ब्रॉट डेड) कर दिया गया, जिसके शव को मर्चरी हाउस में सुरक्षित रखवाया गया है। इसके अतिरिक्त, दो मरीजों की अत्यंत नाजुक स्थिति को देखते हुए प्राथमिक चिकित्सा के उपरांत बेहतर उपचार के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर रेफर कर दिया गया है।
डॉ. पाठक ने आगे अवगत कराया कि सात वर्षीय बालिका आकृति कुशवाहा का उपचार इसी मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों की सघन निगरानी में चल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यद्यपि उनके केंद्र पर केवल एक ही व्यक्ति को मृत अवस्था में लाया गया था, परंतु स्थानीय सीएचसी से दो अन्य मृतकों के शवों को सीधे पोस्टमार्टम हाउस भेजे जाने की आधिकारिक पुष्टि हुई है, जिससे इस दुर्घटना में कुल मृतकों की संख्या तीन हो गई है।
हादसे के तकनीकी कारणों की पड़ताल में जुटी पुलिस
क्षेत्रीय पुलिस महकमा अब दुर्घटना के मूल कारणों की बारीकी से जांच कर रहा है। शुरुआती तकनीकी आकलन और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर अंदेशा जताया जा रहा है कि बस की रफ्तार अत्यधिक तेज थी, जिसके चलते चालक मोड़ या अचानक सामने आई रुकावट पर नियंत्रण खो बैठा। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वाहन की यांत्रिक स्थिति, चालक की मानसिक व शारीरिक स्थिति और सड़क की परिस्थितियों की संपूर्ण विवेचना के बाद ही स्पष्ट कारणों का खुलासा हो सकेगा।
सप्ताह भर के भीतर जनपद में दूसरा बड़ा सड़क हादसा
जनपद में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं से क्षेत्रवासी गहरे सदमे और भय में हैं। उल्लेखनीय है कि इसी कुशीनगर में बीते रविवार को भी एक दिल दहला देने वाली दुर्घटना सामने आई थी, जब हाटा कोतवाली क्षेत्र के थरुडीह गांव के पास एक वैन अनियंत्रित ट्रेलर से जा टकराई थी। उस हृदयविदारक हादसे में एक ही परिवार के पांच सदस्यों सहित कुल छह लोगों की असामयिक मृत्यु हो गई थी, जबकि दो अन्य जिंदगी और मौत से जूझ रहे थे। उस त्रासद घटना का गम अभी शांत भी नहीं हुआ था कि एक हफ्ते के भीतर ही इस दूसरे भीषण सड़क हादसे ने जनपद को फिर से शोक संतप्त कर दिया है।


















































