वाराणसी। धर्मनगरी काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए उमड़ने वाले श्रद्धालुओं और सैलानियों की आस्था से खिलवाड़ करने वाले एक शातिर गिरोह पर वाराणसी पुलिस ने सख्त शिकंजा कसा है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में ‘वीआईपी और शीघ्र दर्शन’ कराने का लालच देकर देश-विदेश से आने वाले भक्तों से धन ऐंठने और उनके साथ बदसलूकी करने वाले 5 जालसाजों को पुलिस ने धर दबोचा है। मंदिर प्रशासन और पुलिस की सक्रिय निगरानी के दौरान सीसीटीवी फुटेज व मुखबिर तंत्र की मदद से इन आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा गया।
गेट नंबर-4 के पास सक्रिय था सिंडिकेट, विरोध पर करते थे अभद्रता
वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट द्वारा अपराधियों पर नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत थाना चौक पुलिस को मंदिर क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। मंदिर के गेट संख्या-4 के आसपास कुछ बिचौलिए दर्शनार्थियों को कतार से बचाकर सीधे गर्भगृह में सुगम दर्शन कराने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूल रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि जब कोई श्रद्धालु अवैध वसूली का विरोध करता था, तो ये आरोपी संगठित होकर उनके साथ अभद्र व्यवहार और धक्का-मुक्की करने पर उतारू हो जाते थे। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस टीम ने जाल बिछाकर पांचों को दबोच लिया।
तकनीकी निगरानी और सीसीटीवी फुटेज से खुले राज
पुलिस की साइबर और सर्विलांस टीम ने मंदिर परिसर एवं प्रवेश द्वारों पर लगे हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग को खंगाला। फुटेज में साफ देखा गया कि ये लोग लगातार भोले-भाले पर्यटकों को चिन्हित कर उनसे संपर्क साधते थे और दर्शन के नाम पर अवैध लेन-देन करते थे। पुख्ता सबूत मिलने के उपरांत पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत विधिक कार्रवाई करते हुए सभी को हिरासत में ले लिया।
बिहार, मध्य प्रदेश और यूपी से जुड़े हैं आरोपियों के तार
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अंतरराज्यीय नेटवर्क के सदस्य शामिल हैं, जो संगठित होकर इस गोरखधंधे को संचालित कर रहे थे। पकड़े गए व्यक्तियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- लाल बाबू पाण्डेय (35 वर्ष) – निवासी ग्राम पिपरपाती, थाना कृष्णानगर, जिला आरा (बिहार)
- आशीष पाण्डेय (24 वर्ष) – निवासी लहरतारा नई बस्ती, थाना मंडुवाडीह (वाराणसी)
- दिलीप पाण्डेय (44 वर्ष) – निवासी सूजाबाद नई बस्ती, थाना रामनगर (वाराणसी)
- यश दुबे (20 वर्ष) – निवासी भरत कॉलोनी, थाना रांझी, जिला जबलपुर (मध्य प्रदेश)
- सुशील कुमार दास (21 वर्ष) – निवासी ग्राम हाबीभुआर, थाना बेहरा, जिला दरभंगा (बिहार)
गिरोह के बाकी संपर्कों और वित्तीय लेन-देन की गहन पड़ताल
चौक थाना पुलिस अब इस नेटवर्क की गहराई से छानबीन कर रही है। पुलिस अधिकारी इस बिंदु की तफ्तीश में जुटे हैं कि मंदिर परिसर के आसपास इस गिरोह को किसका संरक्षण प्राप्त था और यह नेटवर्क कब से सक्रिय था। साथ ही इस बात की भी जांच की जा रही है कि आरोपियों ने अब तक कितने श्रद्धालुओं को अपना शिकार बनाकर ठगी की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि तीर्थयात्रियों के साथ धोखाधड़ी करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।





















































