मथुरा: पवित्र श्रावण मास के पावन पर्व हरियाली तीज के उपलक्ष्य में धर्मनगरी वृंदावन स्थित विश्वप्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में आस्था, भक्ति और उल्लास का अनुपम संगम देखने को मिला। इस पावन अवसर पर आयोजित मंगला दर्शन के लिए देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु मंदिर प्रांगण में एकत्रित हुए। भक्तों के लाडले ठाकुर बांके बिहारी जी को हरियाली तीज की पारंपरिक रीति के अनुसार अत्यंत मनमोहक हरे रंग की पोशाक और आभूषणों से अलंकृत किया गया। इसके उपरांत आराध्य प्रभु को राधा रानी के साथ स्वर्ण और रजत से निर्मित भव्य झूले में विराजमान कराया गया, जिसके दर्शन पाकर उपस्थित जनसैलाब भावविभोर हो उठा।
स्वर्ण-रजत झूले में चार सखियों संग विराजे युगल सरकार
मंदिर प्रांगण में उपस्थित एक श्रद्धालु ने आईएएनएस से अनुभव साझा करते हुए बताया कि हरियाली तीज पर ठाकुर जी का स्वरूप अत्यंत दिव्य और अलौकिक प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा कि हरे वस्त्रों में सुशोभित ठाकुर जी और किशोरी राधा रानी स्वर्ण-चांदी से बने विशेष हिंडोले में झूल रहे हैं। झूले के चारों ओर चार सखियों की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जो पूरे परिवेश को द्वापर युग की लीला का अहसास करा रही हैं। अपने बाल रूप में दर्शन दे रहे ठाकुर जी के इस मनोहारी स्वरूप को निहारने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
घेवर, छप्पन भोग और अलौकिक सेवा परंपराएं
तीज उत्सव के दौरान सेवायत परंपरा और ठाकुर जी की दिनचर्या का उल्लेख करते हुए श्रद्धालु ने बताया कि इस विशेष तिथि पर भगवान को पारंपरिक घेवर और छप्पन भोग अर्पित किए जा रहे हैं। झूले से जुड़ी प्राचीन मान्यताओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि झूले के ठीक पीछे एक विशेष सेज की व्यवस्था रहती है। मान्यता है कि झूलते समय जब राधा रानी का शृंगार शिथिल हो जाता है अथवा वे थक जाती हैं, तब युगल सरकार को उस सेज पर ले जाया जाता है। वहां ठाकुर जी स्वयं राधा रानी के केश संवारते हैं और उनके विश्राम के समय चरण सेवा भी करते हैं।
देश-विदेश से जुटे श्रद्धालु, हरे रंग में रंगी कान्हा की नगरी
मंदिर में दर्शन करने पहुंचीं एक महिला श्रद्धालु ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि सावन के रिमझिम मौसम में अपने नारायण को हिंडोले में झूलते देखना हृदय को असीम शांति और परमानंद प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि इस अलौकिक छवि के साक्षी बनने के लिए भारत के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी भारी संख्या में भक्त पहुंचे हैं।
अन्य भक्तों ने भी दर्शन लाभ मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि युगल सरकार की विशेष कृपा से ही ऐसे पावन क्षणों के दर्शन सुलभ हो पाते हैं। हरियाली तीज के इस दिव्य उत्सव में शामिल होने आए लगभग सभी श्रद्धालु भी हरे वस्त्रों में नजर आए, जिससे पूरा मंदिर परिसर बांके बिहारी जी की भक्ति के अनूठे रंग में रंगा दिखाई दिया।





















































