गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से वैवाहिक रिश्ते को कलंकित करने वाला एक बेहद चौंकाने वाला और अजीबोगरीब मामला प्रकाश में आया है। यहां गोरखनाथ थाना इलाके की रहने वाली एक 30 वर्षीय विवाहिता ने अपने शौहर (पति) और ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ बेहद गंभीर और संगीन आरोप लगाते हुए पुलिस की शरण ली है। पीड़िता का सनसनीखेज दावा है कि विवाह के 2 वर्ष का लंबा समय बीत जाने के बाद भी उसके पति ने आज तक उसके साथ वैवाहिक संबंध (शारीरिक संबंध) स्थापित नहीं किए। जब भी वह इस बारे में बात करती, तो बीमारी और दवाइयों का बहाना बनाकर मामले को टाल दिया जाता था। आखिरकार संदेह होने पर जब पत्नी अपने पति को चिकित्सीय जांच के लिए एक निजी अस्पताल ले गई, तो वहां पति की एक अजीब हरकत ने पत्नी के पूरे शक को हकीकत में तब्दील कर दिया। डॉक्टर द्वारा जांच प्रक्रिया के तहत स्पर्म सैंपल (शुक्राणु का नमूना) मांगते ही आरोपी पति आपा खो बैठा और सैंपल देने से साफ मना करते हुए अस्पताल से रफूचक्कर हो गया।
उपचार के बहाने मायके से 5 लाख लाने का दबाव, प्रताड़ित कर घर से निकाला
पीड़िता का आरोप है कि जब उसने अस्पताल की इस घटना के बाद अपने पति की शारीरिक अक्षमता और कमजोरी को लेकर ससुराल के अन्य सदस्यों से खुलकर बात की, तो उन्होंने बहू के प्रति संवेदनशीलता दिखाने के बजाय उसे ही प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। ससुराल वालों ने सहानुभूति जताने के विपरीत उल्टे पैसों की एक नई मांग सामने रख दी। पीड़िता के मुताबिक, उसके सास-ससुर और अन्य परिजनों ने दो टूक लहजे में कह दिया कि यदि पति का आगे इलाज करवाना है, तो अपने मायके से ₹5,00,000 (पांच लाख रुपये) नकद लेकर आओ, अन्यथा कोई इलाज नहीं होगा।
अमानवीयता की हद तो तब पार हो गई जब महिला को जबरन घर से बाहर निकाल दिया गया और धमकी दी गई कि यदि वह मायके से पांच लाख रुपये लेकर नहीं लौटती है, तो उसे दोबारा कभी ससुराल की दहलीज लांघने नहीं दी जाएगी। ससुराल पक्ष के इस क्रूर व्यवहार और लगातार मिल रहे मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न से पूरी तरह टूट चुकी महिला ने आखिरकार कानून का दरवाजा खटखटाया। पीड़िता ने 12 जुलाई की शाम को गोरखपुर के गोरखनाथ पुलिस थाने में पहुंचकर पति और ससुराल वालों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और धमकी देने समेत कई गंभीर आपराधिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया।
₹15 लाख की भारी-भरकम राशि खर्च कर लखनऊ में धूमधाम से हुई थी शादी
न्याय की गुहार लगाने वाली पीड़िता ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उसका विवाह 19 नवंबर 2021 को देश की राजधानी से सटे लखनऊ के पॉश इलाके महानगर के रहने वाले एक युवक के साथ पूरे रीति-रिवाज से संपन्न हुआ था। इस शादी को यादगार बनाने के लिए वधू पक्ष (लड़की वालों) ने अपनी हैसियत से बढ़कर दिल खोलकर लगभग ₹15,00,000 (पंद्रह लाख रुपये) का भारी-भरकम खर्च किया था। उपहार और दान-दहेज देने के बावजूद, महिला का आरोप है कि विवाह के पहले ही दिन से ससुराल में उसे पूरी तरह से नजरअंदाज और उपेक्षित किया जाने लगा था।
दैनिक जीवन की छोटी-मोटी आवश्यक वस्तुएं भी उसे मुहैया नहीं कराई जाती थीं और छोटी-छोटी बातों पर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। पीड़िता ने बताया, “जब भी मैं एकांत में अपने पति से हमारे बीच की इस अस्वाभाविक दूरी का कारण पूछती थी, तो वह हमेशा एक ही रटा-रटाया जवाब देते थे कि अभी उनका किसी गुप्त रोग का इलाज चल रहा है और डॉक्टरों का कोर्स पूरा होते ही सब कुछ सामान्य हो जाएगा।” इसी झूठे झांसे और उम्मीद के सहारे महिला ने अपने जीवन के दो कीमती साल काट दिए, लेकिन उनके बीच कभी पति-पत्नी जैसा सामान्य रिश्ता कायम नहीं हो सका।
पुलिस ने तत्परता से दर्ज की नामजद एफआईआर, 5 आरोपियों की तलाश शुरू
इस पूरे संवेदनशील और गंभीर पारिवारिक मामले पर आधिकारिक जानकारी देते हुए गोरखनाथ थाने के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) विजय प्रताप सिंह ने बताया कि पीड़ित महिला द्वारा दिए गए लिखित शिकायती पत्र (तहरीर) के आधार पर पुलिस ने तुरंत वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी पति, सास, देवर और ननद समेत कुल पांच नामजद लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कर ली है। थाना प्रभारी ने आश्वस्त किया कि पुलिस की एक विशेष टीम इस पूरे घटनाक्रम के हर पहलू की गहराई और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से तफ्तीश कर रही है। बहुत जल्द सभी आरोपियों को कानून के दायरे में लाकर उनके खिलाफ सख्त से सख्त दंडात्मक विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।





















































