उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों एक नई और बेहद खूबसूरत प्रेम कहानी की गूंज है। मेरठ के कद्दावर भाजपा नेता व जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी और फर्रुखाबाद की जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव एक दूजे के हो गए हैं। अतीत के उतार-चढ़ावों को पीछे छोड़ते हुए, दोनों राजनीतिक दिग्गजों ने हिमाचल प्रदेश की हसीन वादियों में सात फेरे लेकर अपनी जिंदगी की एक नई और नई शुरुआत की है।
सियासी गलियारों से निकलकर पहाड़ों की वादियों तक पहुंची प्रेम कहानी
उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हल्कों में इस समय मेरठ के जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी और फर्रुखाबाद की जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव की शादी सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बनी हुई है। उत्तर प्रदेश के दो अलग-अलग जिलों में पंचायती राज व्यवस्था के शीर्ष पदों पर आसीन इन दो युवा नेताओं ने अपने रिश्ते को एक नया नाम दे दिया है। 28 मई को दोनों ने तमाम राजनीतिक व्यस्तताओं से दूर जाकर एक-दूसरे का हाथ थाम लिया और 29 मई को औपचारिक रूप से अपने विवाह का एलान कर पूरी दुनिया से अपनी खुशियां साझा कीं।
सोलन के खूबसूरत रिसॉर्ट में बेहद सादगी से संपन्न हुआ विवाह
इस हाई-प्रोफाइल शादी को बेहद निजी और गोपनीय रखा गया था। उत्तर प्रदेश की भारी राजनीतिक हलचल से दूर, दोनों ने विवाह के लिए देवभूमि हिमाचल प्रदेश को चुना। सोलन जिले के एक अत्यंत खूबसूरत और शांत वादियों में स्थित रिसॉर्ट में हिंदू रीति-रिवाज के साथ दोनों ने सात फेरे लिए। इस खास मौके पर कोई बड़ा राजनीतिक तामझाम देखने को नहीं मिला। समारोह में केवल दोनों परिवारों के बेहद करीबी सदस्य और कुछ चुनिंदा मित्र ही साक्षी बने।
जब अतीत के अधूरे पन्नों को मिला एक खूबसूरत मुकम्मल मोड़
यह विवाह गौरव चौधरी और मोनिका यादव दोनों के लिए ही जीवन का एक नया अध्याय है, क्योंकि यह दोनों की ही दूसरी शादी है। राजनीति में आने से पहले गौरव चौधरी का जीवन काफी अलग था। उन्होंने अपनी पहली शादी जर्मनी में रहते हुए की थी। इस शादी से उनकी एक प्यारी सी बेटी भी है। हालांकि, जब वे भारत वापस लौटे, तो निजी कारणों के चलते उनका अपनी पहली पत्नी से तलाक हो गया। इसके बाद उन्होंने मेरठ में अपनी राजनीतिक जमीन तैयार की और भाजपा के टिकट पर जिला पंचायत अध्यक्ष बने।
ठीक इसी तरह, फर्रुखाबाद की जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव के जीवन में भी अतीत में कुछ ऐसे ही मोड़ आए थे। मोनिका का भी पहला विवाह कुछ समय चलने के बाद टूट गया था। इसके बाद उन्होंने खुद को पूरी तरह से राजनीति और सामाजिक कार्यों में व्यस्त कर लिया था।
लंबे समय की दोस्ती और आपसी सहमति से लिया बड़ा फैसला
राजनीति के मैदान में सक्रिय रहने के दौरान गौरव चौधरी और मोनिका यादव एक-दूसरे के संपर्क में आए थे। समान पृष्ठभूमि और जीवन के एक जैसे उतार-चढ़ाव देखने के कारण दोनों के बीच पहले गहरी दोस्ती हुई। उन्होंने एक-दूसरे के अतीत का सम्मान किया और काफी समय तक एक-दूसरे को समझने के बाद यह महसूस किया कि वे एक साथ आगे बढ़ सकते हैं। दोनों ने अपने परिवारों की रजामंदी और आपसी समझ के बाद जिंदगी को एक और मौका देने का फैसला किया, जिसकी हर तरफ सराहना हो रही है।
गौरव चौधरी और मोनिका यादव का यह विवाह केवल दो राजनीतिक चेहरों का मिलन नहीं है, बल्कि यह इस बात का भी प्रमाण है कि यदि आपमें हौसला हो, तो जिंदगी हर मोड़ पर आपको खुश रहने का दूसरा मौका जरूर देती है। उत्तर प्रदेश के दो अलग-अलग कोनों (मेरठ और फर्रुखाबाद) का प्रतिनिधित्व करने वाली यह जोड़ी अब अपनी नई पारिवारिक पारी की शुरुआत कर चुकी है। सोशल मीडिया पर दोनों को आम जनता से लेकर उनके राजनीतिक सहयोगियों तक की ढेरों बधाइयां और शुभकामनाएं मिल रही हैं।



















































