लखनऊ में 19 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ का भव्य उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय सुरक्षा और देश की संप्रभुता को लेकर एक बेहद कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। सीएम योगी ने सनातन ऋषि परंपरा का हवाला देते हुए ‘अहिंसा’ की अधूरी परिभाषा को सुधारा और कहा कि जो ताकतें देश और समाज की सुरक्षा के लिए खतरा बनती हैं, उनके खिलाफ सख्त से सख्त रवैया अपनाना ही हमारा वास्तविक राष्ट्रीय धर्म है।
सनातन परंपरा और राष्ट्रीय सुरक्षा: ‘अहिंसा’ की पूरी परिभाषा जानना क्यों जरूरी?
शनिवार को राजधानी लखनऊ में आयोजित सैन्य समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैचारिक स्पष्टता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि अक्सर जब हम किसी विषय पर अधूरी बात कहते हैं, तो उसका अर्थ का अनर्थ हो जाता है। भारत की गौरवशाली ऋषि परंपरा हमें केवल आधा सच नहीं, बल्कि पूर्ण सत्य सिखाती है।
सीएम योगी ने प्रसिद्ध सूक्त का उल्लेख करते हुए कहा— “अहिंसा परमो धर्मः, धर्म हिंसा तथैव च”। इसका अर्थ समझाते हुए उन्होंने कहा कि सामान्य मानवीय जीवन में और आपसी व्यवहार में अहिंसा ही हमारा सर्वोच्च धर्म होना चाहिए। लेकिन, यदि कोई बाहरी या आंतरिक शत्रु देश की अखंडता, समाज की सुरक्षा और निर्दोष नागरिकों के जीवन के लिए खतरा बन जाए, तो उसके दमन के लिए अंततः कड़ा और आक्रामक रुख अपनाना ही सबसे बड़ा धर्म बन जाता है। हमारी भारतीय सेना इसी नीति के साथ सीमाओं पर देश के दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दे रही है।
वैश्विक मंच पर शक्ति का सम्मान: कमजोर से कोई मैत्री नहीं करता
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और वैश्विक परिदृश्य पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने व्यावहारिक सच को सामने रखा। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में शांति और मैत्री केवल तभी संभव है, जब आप आंतरिक और बाहरी दोनों मोर्चों पर पूरी तरह सुरक्षित और शक्तिशाली हों।
“जब हम सुरक्षा के मोर्चे पर अभेद्य और मजबूत होंगे, तभी दुनिया हमसे हाथ मिलाएगी और मैत्री करेगी। इतिहास गवाह है कि कमजोर के आगे कोई नहीं झुकता और न ही कोई उसकी संप्रभुता का सम्मान करता है। इसलिए देश को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर और शक्तिशाली बनाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सबसे बड़ा संकल्प है।” – योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, यूपी
सीएम ने कहा कि बड़ी सोच और विराट लक्ष्यों के साथ ही हम समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। वायुसेना के आदर्श वाक्य “नभः स्पृशं दीप्तम्” का उदाहरण देते हुए उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया कि संकुचित सोच से कभी भी बड़े मुकाम हासिल नहीं किए जा सकते।
140 करोड़ भारतीयों की चैन की नींद और सैनिकों का सर्वोच्च बलिदान
विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए ‘पंच प्रण’ का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने नागरिकों से वर्दीधारी बलों के प्रति सम्मान की संस्कृति विकसित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों को इस बात का अहसास होना चाहिए कि उनका सुरक्षित जीवन कितना मूल्यवान है।
जब भारतीय सेना का एक जवान माइनस डिग्री के जानलेवा तापमान में बर्फ के बीच, थार मरुस्थल की झुलसा देने वाली लू में या समुद्र की उफनती लहरों के बीच चौबीसों घंटे मुस्तैद रहता है, तभी देश के 140 करोड़ नागरिक अपने घरों में चैन की नींद सो पाते हैं। ऐसे में सेना और उसके प्रतीकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना हर भारतीय का परम कर्तव्य है।
2017 से पहले का ‘कर्फ्यू राज’ बनाम आज का सुरक्षित उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री ने सुरक्षा को चौमुखी विकास और जन-कल्याण की पहली और अनिवार्य शर्त बताया। उन्होंने उत्तर प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक इतिहास का तुलनात्मक खाका खींचते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले राज्य की स्थिति बेहद दयनीय थी।
उत्तर प्रदेश में आए दिन दंगे होते थे और हर छोटे-बड़े शहर में अघोषित कर्फ्यू लगा रहता था। पेशेवर अपराधियों और माफियाओं ने आम जनता का जीना हराम कर रखा था। इस असुरक्षित माहौल का सबसे बुरा असर उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास पर पड़ा, क्योंकि कोई भी निवेशक यहां पूंजी लगाने को तैयार नहीं था। लेकिन जब कानून का राज स्थापित हुआ और सुरक्षा के प्रति zero-tolerance की नीति अपनाई गई, तो आज उत्तर प्रदेश विकास और भारी-भरकम निवेश का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है।
आईएनएस गोमती का गौरव और चौराहों पर सजेंगे सेना के टैंक
लखनऊ के गोमती तट पर स्थापित यह नौसेना शौर्य वाटिका केवल एक पर्यटन स्थल नहीं है, बल्कि यह देश की समुद्री सीमा की रक्षा करने वाले पराक्रमी युद्धपोत ‘INS गोमती’ के स्वर्णिम इतिहास को खुद में समेटे हुए है। वर्ष 2022 में अपनी शानदार सेवा के बाद रिटायर हुए इस युद्धपोत के वास्तविक अवशेषों को यहां बेहद सलीके से प्रदर्शित किया गया है।
इस अवसर पर सीएम योगी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में एक बेहद शानदार प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि भारतीय सेना के वे टैंक जो अब वर्किंग कंडीशन (कार्यशील अवस्था) में नहीं हैं, उन्हें उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों के मुख्य चौराहों पर सम्मानजनक रूप से प्रदर्शित किया जाए। जब भी देश की भावी पीढ़ी और युवा इन टैंकों को देखेंगे, तो उनके भीतर राष्ट्रभक्ति का संचार होगा और भारतीय सेना में शामिल होकर देश की सेवा करने का जज्बा पैदा होगा।
लखनऊ में गोमती नदी के पावन तट पर निर्मित यह ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ आने वाले समय में केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के पर्यटकों के लिए राष्ट्रीय गौरव का एक बड़ा केंद्र बनेगी। यह वाटिका हमें यह याद दिलाती रहेगी कि शांति की बातें केवल शौर्य और पराक्रम की पृष्ठभूमि पर ही शोभा देती हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह संदेश कि “सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ाई ही असली धर्म है”, बदलते और आत्मनिर्भर होते भारत की उस नई रणनीति को दर्शाता है जहां राष्ट्र की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसके लिए कोई भी समझौता स्वीकार्य नहीं है।



















































