उत्तर प्रदेश के वाराणसी से रिश्तों को तार-तार करने वाला और मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक सिरफिरे आशिक ने शादी का पवित्र झांसा देकर एक युवती की जिंदगी इस कदर बर्बाद कर दी कि वह कहीं की नहीं रही। गर्भवती होने की जानकारी मिलने पर पहले तो नवविवाहित युवती को उसके पति ने अपनाने से इनकार कर दिया और जब वह अपने पुराने प्रेमी के पास इंसाफ मांगने पहुंची तो उसने भी पल्ला झाड़ लिया। पीड़िता की तहरीर पर वाराणसी की सिगरा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
- आरोपी की गिरफ्तारी: वाराणसी की सिगरा पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर आरोपी संदीप मौर्या (26 वर्ष) को मालगोदाम रोड से गिरफ्तार किया।
- धोखे की शुरुआत: आरोपी ने दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 में मलदहिया के एक गेस्ट हाउस में शादी का झांसा देकर पीड़िता से संबंध बनाए।
- ससुराल से मिला दर्द: फरवरी 2026 में पीड़िता की शादी दूसरे युवक से हुई, लेकिन गर्भावस्था की बात सामने आने पर पति ने साथ रखने से साफ मना कर दिया।
- प्रेमी की बेरुखी: हर तरफ से दुत्कारी गई पीड़िता जब मदद की आस में अपने प्रेमी के पास पहुंची, तो उसने भी जिम्मेदारी लेने और शादी करने से इनकार कर दिया।
- पुलिस का कड़ा ऐक्शन: पुलिस आयुक्त के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सिगरा पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपी को दबोचा।
दुर्गाकुंड से शुरू हुई दोस्ती जो बन गई जिंदगी का अभिशाप
यह पूरा मामला वाराणसी के खोहवा इलाके की रहने वाली पीड़ित युवती से जुड़ा हुआ है। कुछ समय पहले गुरुधाम दुर्गाकुंड क्षेत्र में पीड़िता की मुलाकात संदीप मौर्या नाम के युवक से हुई थी। शुरुआती मुलाकात धीरे-धीरे गहरी दोस्ती में बदल गई और दोनों के बीच मोबाइल पर लंबी बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया। संदीप ने अपनी मीठी बातों से युवती को इस कदर अपने जाल में फंसाया कि वह उस पर आंख मूंदकर भरोसा करने लगी। इसी अंधविश्वास का फायदा उठाकर संदीप ने उसे अपनी हवस का शिकार बनाने की साजिश रच डाली।
गेस्ट हाउस का वो खेल और शादी का झूठा वादा
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी संदीप मौर्या दिसंबर 2025 और फिर जनवरी 2026 में पीड़िता को बहला-फुसलाकर मलदहिया स्थित एक गेस्ट हाउस में ले गया। वहां उसने युवती के सामने शादी का प्रस्ताव रखा और जल्द ही सात फेरे लेने का अटूट वादा किया। इसी वादे की आड़ में आरोपी ने उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। युवती संदीप के इरादों से पूरी तरह अनजान थी और उसे लग रहा था कि संदीप जल्द ही उसे अपनी जीवनसंगिनी बना लेगा, लेकिन वह केवल उसका शारीरिक शोषण कर रहा था।
शादी के बाद फूटा गर्भावस्था का बम, पति ने तोड़ा नाता
इस बीच, पारिवारिक सामाजिक ताने-बाने के तहत फरवरी 2026 में पीड़िता के परिजनों ने उसकी शादी पियरी क्षेत्र के एक अन्य युवक से तय कर दी और रीति-रिवाजों के साथ उसकी शादी संपन्न हो गई। शादी के कुछ ही दिनों बाद जब युवती की तबीयत बिगड़ी, तो उसे अपने गर्भवती होने की बात पता चली। यह खबर सुनते ही ससुराल में हड़कंप मच गया। शादी के तुरंत बाद पत्नी के गर्भवती होने की सच्चाई सामने आने पर पियरी निवासी पति ने गहरे सदमे और सामाजिक लोकलाज के डर से उसे अपने साथ रखने से साफ इनकार कर दिया और उसे घर से निकाल दिया।
जब अपनों ने दुत्कारा तो प्रेमी भी बदला, पुलिस ने सिखाया सबक
ससुराल से निकाले जाने के बाद पीड़िता पूरी तरह टूट चुकी थी। आखरी उम्मीद के साथ वह अपने उसी प्रेमी संदीप मौर्या के पास पहुंची जिसने उससे शादी का वादा किया था। पीड़िता ने संदीप को अपनी गर्भावस्था और पति द्वारा छोड़े जाने की पूरी आपबीती सुनाई और उससे तुरंत शादी करने की गुहार लगाई। लेकिन जैसे ही संदीप को उसके गर्भवती होने और सामाजिक विवाद की भनक लगी, उसने अपना असली रंग दिखा दिया और शादी करने से साफ मुकर गया।
हर तरफ से निराश और छली गई पीड़िता ने न्याय के लिए सिगरा थाने का दरवाजा खटखटाया। वाराणसी के पुलिस आयुक्त द्वारा महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे कड़े अभियान के अंतर्गत सिगरा पुलिस ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तुरंत जाल बिछाया और मुखबिर की सूचना पर आरोपी संदीप मौर्या को मालगोदाम रोड से रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
मजबूत समापन पैराग्राफ
वाराणसी की यह हृदय विदारक घटना इस बात का ज्वलंत उदाहरण है कि कैसे प्यार और शादी के झूठे वादे किसी मासूम की पूरी जिंदगी को अंधकार में धकेल देते हैं। इस मामले ने एक बार फिर समाज में महिलाओं की सुरक्षा और उनके साथ होने वाले मानसिक व शारीरिक शोषण पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कानून ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाकर न्याय की उम्मीद तो जगाई है, लेकिन पीड़िता को जो सामाजिक और मानसिक दंश झेलना पड़ रहा है, उसकी भरपाई कर पाना नामुमकिन है। ऐसे मामलों में कठोरतम कानूनी कार्रवाई ही समाज में एक कड़ा संदेश दे सकती है ताकि भविष्य में कोई भी किसी की जिंदगी से खेलने का दुस्साहस न कर सके।





















































