भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सांसद बृजलाल ने विपक्षी दलों पर एक बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। कर्नाटक में मचे सियासी घमासान और पश्चिम बंगाल के हालातों का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया है कि कांग्रेस के भीतर एक ऐसा आंतरिक विस्फोट होने जा रहा है, जो पूरी पार्टी के अस्तित्व को हिलाकर रख देगा।
- कांग्रेस में अंदरूनी कलह: सांसद बृजलाल का दावा कि कांग्रेस नेतृत्व से कोई खुश नहीं है, जल्द ही टीएमसी जैसा बड़ा विस्फोट होगा।
- कर्नाटक का सियासी समीकरण: सिद्दारमैया के इस्तीफे के बाद डीके शिवकुमार को कमान सौंपने की तैयारी, सिद्दारमैया ने ठुकराया राज्यसभा का पद।
- ममता बनर्जी पर निशाना: पश्चिम बंगाल में ‘जंगलराज’ का आरोप लगाते हुए कहा कि घुसपैठियों ने वहां की डेमोग्राफी बदल दी है।
- घुसपैठ पर कड़ा रुख: भारत सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का जिक्र, घुसपैठियों को बंगाल और पूरे देश से बाहर निकालने की बात कही।
- आतंकवाद को कड़ा संदेश: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का हवाला देकर कहा कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों को घर में घुसकर मारेंगे।
कर्नाटक के सियासी संकट पर बड़ा दावा, डीके शिवकुमार संभालेंगे कमान?
देश की राजनीति में विपक्षी दलों के भीतर चल रही उठापटक पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा के राज्यसभा सांसद बृजलाल ने आईएएनएस (IANS) से खास बातचीत में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की अंदरूनी राजनीति पर गंभीर सवाल उठाए। कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से सिद्दारमैया के इस्तीफे की खबरों और वहां की राजनीतिक हलचल पर बोलते हुए बृजलाल ने कहा कि कांग्रेस के भीतर इस समय असंतोष का एक ज्वालामुखी सुलग रहा है, जो कभी भी फट सकता है।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के वर्तमान केंद्रीय नेतृत्व से पार्टी का कोई भी बड़ा नेता खुश नहीं है। इस बिखराव के चलते सिद्दारमैया को हटाकर अब डीके शिवकुमार को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। उन्होंने यह भी बड़ा खुलासा किया कि सिद्दारमैया ने राज्यसभा का पद भी पूरी तरह ठुकरा दिया है, जो पार्टी के भीतर गहरे मतभेदों को दर्शाता है।
‘ममता बनर्जी खुद को स्वयंभू समझती थीं, आज क्या हालत है?’
कांग्रेस के साथ-साथ भाजपा सांसद ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी टीएमसी पर भी जोरदार हमला बोला। उन्होंने दोनों पार्टियों की तुलना करते हुए कहा कि जो हाल टीएमसी का हुआ है, वही हाल बहुत जल्द कांग्रेस का भी होने वाला है।
ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वह एक समय में खुद को स्वयंभू समझती थीं, लेकिन आज उनकी और उनकी पार्टी की क्या स्थिति हो चुकी है, यह सबके सामने है। बृजलाल ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि कांग्रेस भी उसी रास्ते पर आगे बढ़ रही है जहां शीर्ष नेतृत्व के प्रति अविश्वास के कारण पार्टी का पतन तय माना जा रहा है।
बंगाल के दौरों का अनुभव: ‘वहां हिंदुओं पर हुए घोर अत्याचार’
बृजलाल ने अपने प्रशासनिक और राजनीतिक अनुभवों को साझा करते हुए पश्चिम बंगाल के जमीनी हालातों पर बड़ी बातें कही। उन्होंने कहा, “मुझे पश्चिम बंगाल की अंदरूनी व्यवस्था की बहुत गहरी जानकारी है। ममता बनर्जी की सरकार के दौरान वहां हुए अत्याचारों की जांच के लिए मैं 5 बार बंगाल जांच कमेटी के सदस्य के रूप में वहां गया था। इसमें से 3 बार तो मैंने खुद सांसदों की उच्चस्तरीय टीम की अध्यक्षता की थी।”
उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय बंगाल में पूरी तरह से ‘जंगलराज’ कायम था, जहां कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी थी। उन्होंने आगे कहा कि विदेशी घुसपैठियों ने बड़े पैमाने पर बंगाल की डेमोग्राफी (जनसांख्यिकी) को बदल दिया और वहां बहुसंख्यक हिंदुओं पर जमकर अत्याचार किए गए, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
राष्ट्रीय सुरक्षा और घुसपैठियों के खिलाफ आर-पार की जंग
सुरक्षा के मोर्चे पर केंद्र सरकार के कड़े रुख को दोहराते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि देश की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने पिछली बाधाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पहले भारत सरकार की ओर से अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाड़ लगाने (फेंसिंग) के लिए जमीन मांगी जाती थी, तो ममता सरकार जानबूझकर जमीन देने में आनाकानी करती थी।
लेकिन परिस्थितियां बदलते ही फेंसिंग के लिए जमीन उपलब्ध कराई गई। वर्तमान में चिकन नेक के नीचे टनल का निर्माण किया जा रहा है, जिसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सीधे तौर पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंप दी गई है। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि इस देश में अवैध घुसपैठियों को रहने का कोई नैतिक या कानूनी अधिकार नहीं है। उन्हें न सिर्फ बंगाल बल्कि देश के कोने-कोने से हर हाल में बाहर जाना होगा।
आतंकवाद पर ‘जीरो टॉलरेंस’ और ऑपरेशन सिंदूर का सख्त संदेश
राष्ट्रीय सुरक्षा के व्यापक संदर्भ में बात करते हुए बृजलाल ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की वैश्विक नीति को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने आतंकवाद को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। जब दुनिया के कई अन्य बड़े देशों में आतंकी हमले हुए, तब जाकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आतंकवाद की विभीषिका समझ में आई। उन्होंने कुछ देशों पर आतंकवादियों को पनाह देने और उनका बचाव करने का भी आरोप लगाया।
सांसद ने साफ लफ्जों में चेतावनी देते हुए कहा, “हमने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए पूरी दुनिया और भारत विरोधी ताकतों को यह साफ संदेश दे दिया है कि अगर कोई भी भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देगा, तो हम चुप नहीं बैठेंगे, बल्कि दुश्मन के घर में घुसकर मारेंगे।”
भाजपा सांसद बृजलाल का यह तीखा बयान आगामी राजनीतिक घटनाक्रमों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक तरफ जहां उन्होंने कांग्रेस और टीएमसी के भीतर नेतृत्व के संकट को उजागर कर विपक्षी एकता पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रीय सुरक्षा, घुसपैठ और आतंकवाद के मुद्दों पर केंद्र सरकार के सख्त इरादों को एक बार फिर से साफ कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कर्नाटक से लेकर बंगाल तक उठ रहे ये सियासी मुद्दे आने वाले दिनों में देश की राजनीति की दिशा और दशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे।





















































