उत्तर प्रदेश के मेरठ से रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां महज कुछ बीघा जमीन के टुकड़े के लिए एक सगे बड़े भाई ने अपने ही छोटे भाई की गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी। कातिल भाई ने वारदात को इस कदर शातिराना अंदाज में अंजाम दिया कि हत्या के बाद लाश को खेत में दफना दिया और 23 दिनों तक किसी को भनक नहीं लगने दी। इस खौफनाक साजिश का पर्दाफाश जब हुआ, तो पुलिस से लेकर गांव के हर शख्स की रूह कांप गई।
- दिल दहला देने वाली वारदात: मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के महमूदपुर सिखेड़ा गांव में जमीनी विवाद ने लिया खूनी रूप।
- 23 दिन बाद खुलासा: 30 वर्षीय मृतक अंकुर बीते 5 मई से अचानक लापता था, जिसका शव अब बरामद किया गया है।
- अपनों ने उठाया पर्दा: मृतक की मौसी जगबीरी ने जब बड़े भाई कपिल पर शक जताते हुए शिकायत दर्ज कराई, तब मामले की गुत्थी सुलझी।
- खेत बना कब्रिस्तान: हत्यारे भाई कपिल ने अंकुर को गोली मारने के बाद अपने ही खेत में गहरा गड्ढा खोदकर शव को दफन कर दिया था।
- पुलिस की सख्त कार्रवाई: एसपी ग्रामीण अभिजीत कुमार के नेतृत्व में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और फॉरेंसिक टीम साक्ष्य जुटा रही है।
चंद बीघा जमीन के लिए सगा भाई बना जान का दुश्मन
मेरठ के महमूदपुर सिखेड़ा गांव में घटित यह वारदात समाज में बढ़ते लालच और टूटते पारिवारिक मूल्यों की एक दर्दनाक बानगी पेश करती है। 30 वर्षीय अंकुर और उसका बड़ा भाई कपिल एक ही परिवार का हिस्सा थे, लेकिन उनके बीच पिछले काफी समय से पैतृक जमीन के बंटवारे और हक को लेकर तनातनी चल रही थी।
विवाद इस कदर बढ़ चुका था कि कपिल के मन में अपने ही सगे भाई के प्रति नफरत का जहर घुल गया। चंद बीघा जमीन के लिए कपिल ने वह खौफनाक रास्ता चुना जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। 5 मई को दोनों के बीच फिर से तीखी बहस हुई, जिसके बाद कपिल ने आव देखा न ताव और अंकुर पर सीधे गोली चला दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
लाश को ठिकाने लगाने के लिए चुना शातिराना तरीका
गोली मारने के बाद कपिल के सिर पर खून सवार था, लेकिन वह कानून की गिरफ्त से बचने के लिए बेहद सतर्क भी था। उसने हत्या को छुपाने के लिए किसी सुनसान जगह को चुनने के बजाय अपने ही खेत को इस्तेमाल करने की साजिश रची।
रात के अंधेरे में कपिल ने खेत के बीचो-बीच एक गहरा गड्ढा खोदा और अंकुर के शव को उसमें डालकर ऊपर से मिट्टी भर दी ताकि किसी राहगीर या ग्रामीण को वहां किसी भी तरह की हलचल का अंदेशा न हो। वारदात के बाद वह गांव में इस तरह सामान्य बनकर घूमता रहा, जैसे कुछ हुआ ही न हो। जब भी कोई अंकुर के बारे में पूछता, वह अनजान बन जाता था।
मौसी के एक शक ने 23 दिन बाद खोला खौफनाक राज
समय बीतने के साथ अंकुर का कोई सुराग न मिलने पर परिवार के कुछ सदस्यों को अनहोनी की आशंका सताने लगी थी। इस बीच, मृतक की मौसी जगबीरी को बड़े भाई कपिल के बदले हुए हाव-भाव और बयानों पर गहरा शक हुआ। गुरुवार की सुबह जगबीरी ने हिम्मत जुटाई और बहसूमा थाने पहुंचकर पुलिस को एक लिखित तहरीर दी।
शिकायत में उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अंकुर 5 मई से लापता है और उन्हें पूरा यकीन है कि उसके बड़े भाई कपिल ने ही किसी न किसी बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। मौसी की इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए बहसूमा थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई और बिना देर किए एक टीम महमूदपुर सिखेड़ा गांव के लिए रवाना हो गई।
पुलिस की सख्ती के आगे टूटा कातिल, उगल दिया सच
पुलिस ने गांव पहुंचते ही आरोपी कपिल को हिरासत में ले लिया और थाने लाकर कड़ाई से पूछताछ शुरू की। शुरुआत में तो कपिल पुलिस को गुमराह करने और मनगढ़ंत कहानियां सुनाने का प्रयास करता रहा, लेकिन जब पुलिस ने मनोवैज्ञानिक तरीके से सख्ती बरती, तो वह ज्यादा देर तक टिक नहीं सका।
कपिल ने रोते हुए अपना गुनाह कबूल कर लिया और बताया कि कैसे उसने 5 मई को जमीनी रंजिश के चलते अंकुर को गोली मारकर मौत की नींद सुला दिया था। जब उसने पुलिस को बताया कि अंकुर की लाश कहीं बाहर नहीं, बल्कि उसी के खेत में दफन है, तो पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए।
खेत से बरामद हुआ शव, फॉरेंसिक टीम जुटा रही सबूत
आरोपी कपिल की निशानदेही पर पुलिस प्रशासन, मजिस्ट्रेट और ग्रामीणों की मौजूदगी में खेत में खुदाई का काम शुरू किया गया। 23 दिन बीत जाने के कारण शव काफी हद तक क्षत-विक्षत हो चुका था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स और डॉग स्क्वायड की टीम को भी मौके पर बुला लिया गया।
फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से मिट्टी के नमूने, खून के निशान और अन्य महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए हैं, ताकि अदालत में आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके। इस खौफनाक मंजर को देखने के लिए पूरे गांव की भीड़ खेत के चारों तरफ जमा हो गई थी और हर कोई बड़े भाई की इस हैवानियत पर थू-थू कर रहा था।
पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अभिजीत कुमार ने बताया कि आरोपी कपिल को आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत हत्या और साक्ष्य मिटाने का संगीन मुकदमा दर्ज कर लिया है। मेरठ की यह दिल दहला देने वाली वारदात चीख-चीख कर कह रही है कि जब रिश्तों पर लालच का पर्दा पड़ जाता है, तो इंसान अपनी इंसानियत भूलकर सगे भाई के खून का प्यासा भी बन सकता है। फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलू की गहनता से तफ्तीश कर रही है।





















































