उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। चंद हजार रुपयों की खातिर एक पूर्व कर्मचारी ने उसी घर की महिला की बेरहमी से हत्या कर दी, जिसका नमक उसने कभी खाया था। पुलिस ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए मुख्य आरोपी को एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है, जिसके पैर में पुलिस की गोली लगी है।
- सनसनीखेज वारदात: कन्नौज के छिबरामऊ में 25 मई को घर में अकेली मंजू वर्मा की मुक्कों से मारकर हत्या कर दी गई थी।
- विश्वासघात का एंगल: आरोपी शालू उर्फ शल्लू मृतका के पति की दुकान पर 3 साल पहले काम करता था, उसे घर के सारे गुप्त रास्ते और समय पता था।
- हत्या की वजह: आरोपी पर 6 से 7 लाख रुपये का कर्ज था, महज 30 हजार रुपये उधार न मिलने पर उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।
- एनकाउंटर में गिरफ्तारी: छिबरामऊ-फर्रुखाबाद रोड पर हुई मुठभेड़ में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे दबोच लिया गया।
- माल बरामदगी: पुलिस ने आरोपी के पास से लूटे गए सारे सोने-चांदी के गहने, बाइक, अवैध तमंचा और कारतूस बरामद कर लिए हैं।
बंद कमरे में खून से लथपथ मिली थी लाश, सीसीटीवी ने खोला राज
कन्नौज जिले के छिबरामऊ थाना क्षेत्र के बनवारी नगर में बीती 25 मई की दोपहर को एक ऐसी वारदात हुई जिसने पूरे इलाके को सख्ते में डाल दिया। राजीव वर्मा नाम के स्थानीय व्यापारी जब अपने बेटे सुभांशु के साथ दुकान से वापस घर लौटे, तो घर का मुख्य दरवाजा खुला हुआ था। अंदर जाने पर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। कमरे के भीतर बिस्तर पर उनकी पत्नी मंजू वर्मा मृत अवस्था में पड़ी थीं। उनकी नाक से खून बह रहा था और चेहरे पर बेरहमी से मारपीट किए जाने के गहरे निशान थे। घर से सोने-चांदी के गहने और मोटरसाइकिल भी गायब थी।
राजीव वर्मा की तहरीर पर छिबरामऊ पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या और लूट का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार के निर्देश पर गठित टीमों ने जब घटनास्थल के आसपास और गली में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तो एक बड़ा सुराग हाथ लगा। फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति लाल रंग की मोटरसाइकिल लेकर पैदल जाता हुआ दिखाई दिया। इसी सुराग को पकड़कर पुलिस कातिल की तलाश में जुट गई।
7 लाख का कर्ज और 30 हजार का इनकार: वफादार से कातिल बनने की इनसाइड स्टोरी
पुलिस की गिरफ्त में आए 37 वर्षीय आरोपी शालू उर्फ शल्लू ने पूछताछ में जो खुलासा किया, वह बेहद चौंकाने वाला है। शालू कोई पेशेवर अपराधी नहीं था और न ही उसका कोई पुराना आपराधिक इतिहास है। वह करीब 3 साल पहले मृतका के पति राजीव वर्मा के पास ही काम करता था। इसी वजह से उसे इस बात की पूरी जानकारी थी कि राजीव और उनका बेटा किस समय दुकान पर रहते हैं और घर में मंजू कब अकेली होती हैं।
वारदात वाले दिन यानी 25 मई की दोपहर करीब 1:45 बजे शालू सीधे राजीव वर्मा के घर पहुंचा। मंजू ने पुराने संबंध होने के कारण उसे घर के अंदर बुला लिया। आरोपी करीब 2 घंटे तक वहां बैठकर सामान्य घरेलू बातें करता रहा ताकि किसी को शक न हो। इसी बातचीत के दौरान उसने मंजू से 30 हजार रुपये उधार मांगे। शालू ने बताया कि उस पर अलग-अलग लोगों का 6 से 7 लाख रुपये का कर्ज था और लेनदार उसे लगातार परेशान कर रहे थे।
जब मंजू वर्मा ने रकम देने से साफ इनकार कर दिया, तो कर्ज के तनाव में डूबा शालू अचानक हैवान बन गया। उसने मंजू के चेहरे और नाक पर ताबड़तोड़ कई घूंसे मारे। सिर और चेहरे पर गंभीर चोट लगने के कारण मंजू बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ीं और अत्यधिक ब्लीडिंग के कारण उनकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी ने मंजू के शरीर पर पहने हुए सारे गहने उतारे, घर की चाबी ढूंढकर वहां खड़ी मोटरसाइकिल ली और फरार हो गया।
छिबरामऊ-फर्रुखाबाद रोड पर मुठभेड़, पुलिस की जवाबी कार्रवाई में ढेर हुआ गुरूर
कन्नौज पुलिस और विशेष अभियान समूह (SOG)/सर्विलांस की संयुक्त टीम लगातार आरोपी की लोकेशन ट्रेस कर रही थी। गुरुवार की सुबह पुलिस को सटीक मुखबिर से सूचना मिली कि मंजू वर्मा का हत्यारा छिबरामऊ-फर्रुखाबाद रोड पर इंडियन पेट्रोल पंप के पास किसी का इंतजार कर रहा है और वह शहर से भागने की फिराक में है।
पुलिस टीम ने जैसे ही घेराबंदी की, खुद को घिरा देख आरोपी शालू ने आत्मसमर्पण करने के बजाय अपने पास मौजूद अवैध तमंचे से पुलिस टीम पर सीधी फायरिंग झोंक दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक गोली सीधे आरोपी शालू के पैर में जा लगी। पैर में गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़ा, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया।
लूट का शत-प्रतिशत सामान और हथियार बरामद
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किए गए आरोपी के पास से लूट का शत-प्रतिशत सामान बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने उसके कब्जे से 6 सोने की अंगूठियां, 1 ब्रेसलेट, 1 जोड़ी झुमकी, 1 जोड़ी टॉप्स, 1 सोने की चेन, लूटी गई मोटरसाइकिल, 500 रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन बरामद किया है। इसके अलावा पुलिस पर फायरिंग करने के लिए इस्तेमाल किया गया 315 बोर का एक अवैध तमंचा, एक खोखा और दो जिंदा कारतूस भी जब्त किए गए हैं।
कन्नौज पुलिस की इस त्वरित और साहसिक कार्रवाई ने महज 72 घंटे के भीतर एक अंधे कत्ल का पर्दाफाश कर दिया है। यह घटना समाज के सामने एक बड़ा सवाल छोड़ती है कि कैसे कर्ज का दलदल और चंद रुपयों का लालच एक आम इंसान को पल भर में खूंखार कातिल बना देता है। घर के ही एक पुराने और भरोसेमंद कर्मचारी द्वारा किए गए इस विश्वासघात ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। फिलहाल आरोपी अस्पताल में पुलिस कस्टडी में है और उसके ठीक होते ही उसे जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।





















































