फिरोजाबाद। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर अपने बयानों के चलते गंभीर कानूनी व सामाजिक संकट में घिरते नजर आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा ने भगवान श्रीकृष्ण के संदर्भ में दी गई उनकी एक कथित टिप्पणी को लेकर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। संगठन के शीर्ष पदाधिकारियों ने गुरुवार को प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा, जिसमें धीरेंद्र शास्त्री के आचरण की तीखी निंदा करते हुए उनके सभी आगामी धार्मिक कार्यक्रमों पर अविलंब प्रतिबंध लगाने तथा उन्हें धाम के प्रमुख पद से अपदस्थ करने की पुरजोर मांग उठाई गई है।
आस्था के राजनीतिकरण पर आपत्ति, सभी आराध्यों के समान आदर की वकालत
शिकहाबाद क्षेत्र के अंतर्गत प्रशासनिक केंद्र पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को अपनी विस्तृत आपत्तियां दर्ज कराईं। महासभा के वक्ताओं ने स्पष्ट शब्दों में रेखांकित किया कि सनातन परंपरा में पूजनीय देवी-देवताओं को किसी भी सूरत में राजनीतिक या व्यक्तिगत प्रचार का माध्यम नहीं बनने दिया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि भगवान श्रीराम, योगेश्वर श्रीकृष्ण, देवाधिदेव महादेव अथवा अन्य सभी ईश्वरीय स्वरूपों में श्रद्धा रखने वाले समस्त सनातनियों के धार्मिक सरोकारों का समान रूप से आदर होना चाहिए। किसी भी कथावाचक अथवा मंचीय व्यक्तित्व द्वारा एक आराध्य की तुलना में दूसरे आराध्य के प्रति अनुचित दृष्टिकोण अपनाना न केवल असहनीय है, बल्कि यह सदियों पुरानी सनातन मर्यादा को भी खंडित करता है।
सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक ताने-बाने को ठेस पहुंचाने का आरोप
महासभा के सदस्यों ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति की मूल आत्मा सामाजिक समरसता, सह-अस्तित्व और पारस्परिक सम्मान पर टिकी है। किसी एक ईश्वरीय सत्ता की प्रतिष्ठा को दूसरे पूज्य रूप के विपरीत खड़ा करने का प्रयास भारतीय चिंतन, आपसी सद्भाव और सामूहिक एकता के पूरी तरह खिलाफ है। संगठन के अनुसार, लोकप्रियता और व्यापक जनसमर्थन का उपभोग कर रहे किसी भी सार्वजनिक चेहरे को यह छूट नहीं मिल सकती कि वह मंच के प्रभाव का अनुचित उपयोग करके करोड़ों भक्तों के मन को आहत करे। सार्वजनिक मंचों से मर्यादा की सीमाओं का उल्लंघन किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
कानूनी कार्रवाई, पदमुक्ति और तीन दिन का कड़ा अल्टीमेटम
अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा ने प्रशासनिक ज्ञापन में धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ सुसंगत कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग रखी है। इसके अलावा, संगठन ने यह भी प्रस्ताव रखा कि बागेश्वर धाम जैसे प्रतिष्ठित धार्मिक केंद्र का दायित्व किसी ऐसे निष्पक्ष, सात्विक आचरण वाले और धर्मशास्त्रों के गहन ज्ञाता विद्वान को सौंपा जाए जो समाज को जोड़ने का कार्य करे। संगठन ने सख्त चेतावनी देते हुए शासन-प्रशासन को तीन दिन का समय दिया है। महासभा के पदाधिकारियों ने दो-टूक कहा कि यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर ठोस दंडात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो वे सड़क पर उतरकर बड़े पैमाने पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन और जनांदोलन छेड़ने के लिए विवश होंगे।


















































