शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व के मद्देनज़र उत्तर प्रदेश में आम उपभोक्ताओं को शुद्ध, पौष्टिक और सुरक्षित फलाहारी सामग्री उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (यूपीएफएसडीए) ने कमर कस ली है। शासन द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘शुद्ध ही शुभ है’ के अंतर्गत विभागीय टीमों ने पूरे प्रदेश में मिलावटखोरों और गैर-मानक खाद्य उत्पादों का कारोबार करने वालों के खिलाफ व्यापक स्तर पर छापेमारी शुरू की है। 9 अक्टूबर की देर रात तक चले इस सघन प्रवर्तन अभियान में राज्य और जिला स्तरीय निगरानी दस्तों ने निर्माण इकाइयों, थोक गोदामों और खुदरा दुकानों की बारीकी से जांच की। इस औचक निरीक्षण के दौरान विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों से 20,924 किलोग्राम से अधिक खाद्य पदार्थ जब्त किए, जिनका बाजार मूल्य 66 लाख 87 हजार 58 रुपये आंका गया है। साथ ही, स्वास्थ्य के लिए सीधे तौर पर हानिकारक पाए गए 4,273 किलोग्राम दूषित खाद्य उत्पादों को मौके पर ही नष्ट करवा दिया गया।
मिलावट के विरुद्ध सख्त कार्रवाई: नमूने सील, नोटिस और मुकदमे की तैयारी
विभाग ने इस व्यापक कार्रवाई के तहत प्रयोगशाला परीक्षण के लिए विभिन्न प्रकार की खाद्य सामग्रियों के कुल 176 नमूने एकत्र किए हैं। स्वास्थ्य मानकों पर पूरी तरह विफल रहे जिन 4,273 किलोग्राम खाद्य उत्पादों को विनष्ट किया गया, उनका अनुमानित मूल्य लगभग 63,900 रुपये है। गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर दो प्रमुख खाद्य कारोबारियों के लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जबकि बिना किसी वैध लाइसेंस के अवैध रूप से संचालित हो रहे एक अन्य प्रतिष्ठान के विरुद्ध न्यायालय में परिवाद दायर किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, व्यवस्था में सुधार लाने के उद्देश्य से विभिन्न प्रतिष्ठानों को 58 सुधारात्मक नोटिस भी थमाए गए हैं। नवरात्रि के व्रत में व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाले कुट्टू व सिंघाड़े का आटा, साबूदाना, देसी घी, खाद्य तेल, वनस्पति और अन्य फलाहारी वस्तुओं की गुणवत्ता को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कड़ाई से परखा गया।
बरेली से एटा तक: लाखों रुपये का संदिग्ध घी और मक्खन बरामद
व्रत और धार्मिक अनुष्ठानों में देसी घी की अत्यधिक मांग को देखते हुए अधिकारियों ने इसकी प्रामाणिकता पर विशेष नजर रखी। बरेली में तीन अलग-अलग ठिकानों पर दबिश देकर 21 लाख 22 हजार 120 रुपये मूल्य का कुल 3,281 किलोग्राम घी जब्त किया गया। इसमें वीके शॉ प्रतिष्ठान से 14,52,200 रुपये का 2,280 किलोग्राम, अजय कुमार गुप्ता के प्रतिष्ठान से 2,19,800 रुपये का 319 किलोग्राम तथा भारत घी प्रतिष्ठान से 4,50,120 रुपये का 682 किलोग्राम घी शामिल है। वहीं एटा स्थित श्री बाबा डेयरी में जांच के दौरान अधिकारियों ने 17 लाख 16 हजार 120 रुपये मूल्य का 2,544 किलोग्राम (25 कुंतल से अधिक) घी और मक्खन अपने कब्जे में लिया।
बदायूं जिले में बाबू राम रमेश चंद्र के प्रतिष्ठान से 3,63,150 रुपये मूल्य का 538 किलोग्राम घी पकड़ा गया। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी कार्रवाई का असर दिखा, जहां भैरव घी भंडार से अनियमितताओं के चलते 4,22,629 रुपये का 748 किलोग्राम घी जब्त हुआ। लखनऊ के अन्य बाजारों से 88,260 रुपये मूल्य का 573 किलोग्राम कुट्टू का आटा एवं कुट्टू की गिरी भी कब्जे में ली गई। लखीमपुर खीरी में मंडलीय टीम ने एक केंद्र से 1,34,400 रुपये कीमत का 210 किलोग्राम घी जब्त किया।
नोएडा में मिलावटी मसालों की बड़ी खेप, गाजियाबाद में मिसब्रांडेड साबूदाना
गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में धर्मेश इंडस्ट्री पर छापा मारकर जांच दल ने मसालों में गंभीर मिलावट का भंडाफोड़ किया। यहां धनिया के डंठल, रंग और भूसी मिलाकर बनाए जा रहे 3,559 किलोग्राम पिसे हुए मसाले बरामद किए गए, जिनकी कीमत करीब 7 लाख रुपये है। इस प्रतिष्ठान का लाइसेंस निलंबित करने के साथ ही प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराने की कानूनी प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है।
गाजियाबाद में मिथ्या छाप (मिसब्रांडिंग) के आरोप में 1,35,564 रुपये मूल्य का 2,848 किलोग्राम साबूदाना जब्त किया गया। साथ ही वहां 58,500 रुपये मूल्य का 75 किलोग्राम डेरी क्राफ्ट घी तथा 24,750 रुपये का 76 किलोग्राम कुट्टू का आटा पकड़ा गया। गाजियाबाद के एसएसजीटी रोड स्थित प्लॉट नंबर 1/1 पर संचालित मेट्रो कैश एंड कैरी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से घी के दो नमूने जांच हेतु लिए गए, जबकि वहां से 2 लाख रुपये मूल्य का 210 लीटर अन्नपूर्णा ब्रांड घी और 48,148 रुपये का 76 लीटर परम ब्रांड घी जब्त किया गया।
सहारनपुर, कानपुर और अन्य जनपदों में सघन निरीक्षण
सहारनपुर में बेहद अस्वच्छ और दूषित वातावरण में भंडारित 6 लाख 83 हजार 772 रुपये मूल्य की लगभग 6,000 किलोग्राम हल्दी पकड़ी गई। इसके साथ ही 17,284 रुपये कीमत का 298 किलोग्राम संदिग्ध कुट्टू का आटा भी विभाग ने कब्जे में लिया।
औद्योगिक नगरी कानपुर में विभिन्न विक्रय केंद्रों से 81,300 रुपये का 390 किलोग्राम कुट्टू व कुट्टू का आटा जब्त किया गया। कानपुर के हरि कृष्णा इंटरप्राइजेज में गंदगी के बीच रखा 60 किलोग्राम साबुत कुट्टू पाया गया, जिसे विभागीय रिकॉर्ड में 1.50 लाख रुपये मूल्य के साथ जब्त दर्शाया गया है।
मऊ जनपद में निरीक्षण के दौरान संदूषित व दुर्गंधयुक्त पाया गया 3,600 रुपये का 60 किलोग्राम दूध और 18,000 रुपये मूल्य का 90 किलोग्राम मिल्क केक जनस्वास्थ्य के हित में तुरंत नष्ट करवाया गया।
उन्नाव में आगरा एक्सप्रेसवे पर निगरानी के दौरान लखनऊ की ओर जा रहे एक पिकअप वाहन से 4 कुंतल दूषित खाद्य सामग्री पकड़ी गई। इसके अलावा विभागीय टीमों ने फर्रुखाबाद स्थित अरिनशा मिल्क प्रोडक्ट्स लिमिटेड, अलीगढ़ और कासगंज के विभिन्न खाद्य व्यापार केंद्रों पर भी छापेमारी कर विधिक नमूने जुटाए।
छोटे व्यापारियों का न हो उत्पीड़न: आयुक्त का स्पष्ट संदेश
राज्यभर में जारी इस महाभियान के बीच यूपीएफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने सभी जनपदीय व मंडलीय प्रवर्तन अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने साफ किया कि मिलावटखोरी के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी, लेकिन इस कार्रवाई की आड़ में छोटे दुकानदारों, पटरी व्यवसायियों अथवा खुदरा व्यापारियों का किसी भी प्रकार से अनावश्यक उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य त्योहारों पर उपभोक्ताओं तक केवल गुणवत्तापूर्ण और प्रामाणिक उत्पाद पहुंचाना है।




















































