प्रयागराज। आसमान में मौत के साए के बीच सैकड़ों बेकसूर मुसाफिरों की जान बचाने वाले भारतीय जांबाज पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की सलामती के लिए तीर्थराज प्रयागराज में प्रार्थनाओं का दौर शुरू हो गया है। संगम नगरी के पवित्र दशाश्वमेध घाट पर स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों ने एकजुट होकर फ्लाईदुबई के इस शूरवीर को-पायलट के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ तथा लंबी उम्र के लिए मां भागीरथी और देवाधिदेव महादेव की भव्य आरती की। घाट पर मौजूद हर आंख में इस भारतीय सपूत के प्रति आदर और उनके जल्द तंदुरुस्त होने की प्रबल कामना साफ झलक रही थी।
गंगा तट पर भक्ति और कृतज्ञता का अद्भुत संगम
दशाश्वमेध घाट की सीढ़ियों पर आयोजित इस विशेष प्रार्थना सभा में वैदिक मंत्रोच्चार और शंखनाद के बीच भगवान शिव का जलाभिषेक किया गया। उपस्थित जनसमूह ने गंगा आरती के दीप प्रज्वलित कर कैप्टन स्मित के अदम्य साहस, असाधारण कर्तव्यनिष्ठा और पेशेवर सूझबूझ को नमन किया। प्रार्थना में शामिल स्थानीय नागरिक अनामिका ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि विपरीत से विपरीत हालात में भी अपने प्राणों की परवाह किए बिना दूसरों की रक्षा करना ही सच्ची मानवता है। कैप्टन स्मित ने जिस दिलेरी और मानसिक संतुलन के साथ 174 से अधिक नागरिकों को सुरक्षित धरती पर उतारा, वह ईश्वरीय कृपा और असीम पराक्रम का जीवंत प्रमाण है। इसी कृतज्ञता भाव से प्रेरित होकर संगम तट पर भोलेनाथ और मां गंगा से उनके पूर्ण स्वास्थ्य लाभ की गुहार लगाई गई है।
30 सितंबर का वह खौफनाक मंजर और पायलट का फौलादी संकल्प
यह पूरा घटनाक्रम 30 सितंबर को उस वक्त पेश आया जब फ्लाईदुबई का एक वाणिज्यिक विमान दुबई से तेल अवीव की नियमित उड़ान पर था। उड़ान के दौरान अचानक रची गई एक खतरनाक साजिश के तहत विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने का प्रयास किया गया, जिससे विमान में सवार करीब 180 यात्रियों का जीवन अत्यंत गंभीर खतरे में पड़ गया। स्थिति तब और भयावह हो गई जब हमलावर ने केबिन में घुसकर भारतीय मूल के को-पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर नुकीले चाकू से प्राणघातक वार कर दिया।
जख्मी हालत में भी संभाली कमान, टला भयावह विमान हादसा
शरीर से बहते खून और असहनीय दर्द के बावजूद कैप्टन स्मित ने अपना आपा नहीं खोया। उन्होंने असाधारण पेशेवर संयम, फौलादी आत्मबल और त्वरित निर्णय क्षमता का प्रदर्शन करते हुए स्थिति को बिगड़ने नहीं दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने विमान पर से अपना नियंत्रण नहीं हटने दिया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बचाते हुए विमान की आपातकालीन सफल लैंडिंग सुनिश्चित की।
वर्तमान में कैप्टन स्मित मच्छार गंभीर चोटों के कारण अस्पताल के सघन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में उपचाराधीन हैं। घाट पर प्रार्थना में शामिल एक अन्य स्थानीय प्रत्यक्षदर्शी ने भावुक होते हुए कहा कि पूरे देश को अपने इस वीर बेटे के शौर्य पर नाज है। जब तक वह पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर नहीं लौट आते, तब तक देश के कोने-कोने से उनके लिए इसी तरह दुआएं और प्रार्थनाएं जारी रहेंगी।





















































