उत्तर प्रदेश के एटा जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां आधी रात को पारिवारिक कलह ने दो जिंदगियों को दर्दनाक अंत तक पहुंचा दिया। अवागढ़ कस्बे के यादव नगर मोहल्ले में एक व्यक्ति ने अपने पिता के साथ मिलकर अपनी पत्नी और सास की बेरहमी से हत्या कर दी। इस खौफनाक वारदात के वक्त कमरे में मौजूद तीन मासूम बच्चों ने अपनी आंखों के सामने अपनी मां और नानी को तड़पते देखा और बाद में पुलिस के सामने पिता और दादा की करतूत बयां कर पूरे मामले का पर्दाफाश किया।
आधी रात को घर में घुसकर धारदार हथियार से हमला
यह सनसनीखेज घटना सोमवार देर रात लगभग 12 बजे की है। यादव नगर मोहल्ले में 65 वर्षीय कमला देवी अपनी 35 वर्षीया विवाहिता पुत्री प्रियंका और तीन नाती-पोतों के साथ रह रही थीं। बताया जा रहा है कि देर रात आरोपी पक्ष अचानक घर में दाखिल हुआ और भारी व नुकीले हथियारों से सो रही कमला देवी और प्रियंका पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। अचानक हुए इस जानलेवा हमले में दोनों महिलाओं को संभलने तक का मौका नहीं मिला और गंभीर चोटों के कारण दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
पारिवारिक कलह के चलते मायके में रह रही थी प्रियंका
अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पाण्डेय ने घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि प्रियंका का अपने पति रुकुम पाल के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी घरेलू कलह के कारण प्रियंका अपने तीन बच्चों को साथ लेकर पति का घर छोड़कर अवागढ़ स्थित अपने मायके में मां के पास रहने लगी थी। इसी रंजिश के चलते सोमवार रात को रुकुम पाल अपने पिता के साथ ससुराल पहुंचा और इस वीभत्स दोहरे हत्याकांड को अंजाम देकर फरार हो गया।
मासूम बच्चों की जुबानी सामने आया खूनी सच
वारदात के बाद रात करीब 12:30 बजे पुलिस को दोहरी हत्या की सूचना दी गई। जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो वहां का दृश्य विचलित कर देने वाला था। घटना के वक्त घर में मौजूद प्रियंका के तीनों मासूम बच्चे बेहद सहमे हुए थे। जब पुलिस अधिकारियों ने बच्चों से बातचीत की, तो उन्होंने रोते हुए साफ तौर पर बताया कि उनकी मां और नानी पर जानलेवा हमला किसी बाहरी ने नहीं, बल्कि उनके अपने पिता और दादा ने किया है। बच्चों के इस प्रत्यक्षदर्शी बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
एसएसपी ने संभाला मोर्चा, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड ने जुटाए साक्ष्य
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलामारन तुरंत उच्चाधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। स्थिति की गंभीरता के मद्देनजर जलेसर सर्किल के सभी थानों का पुलिस बल तत्काल प्रभाव से अवागढ़ में तैनात कर दिया गया। मौके पर फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम और श्वान दस्ता (डॉग स्क्वायड) बुलाया गया, जिन्होंने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट्स और अन्य महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए।
शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, आरोपियों की तलाश में दबिश
पुलिस ने दोनों मृतकाओं के शवों का पंचनामा भरकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। एसएसपी ने फरार आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीमों का गठन किया है और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।





















































