प्रयागराज। संगम नगरी प्रयागराज के धूमनगंज इलाके में शनिवार की शाम एक दर्दनाक और सनसनीखेज वारदात सामने आई, जहां एक प्रतिष्ठित शराब कारोबारी के परिवार की बहू हर्षिता श्रीवास्तव (31) ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। घटना के वक्त महिला अपनी डेढ़ वर्षीय मासूम बच्ची को नीचे छोड़कर मकान के ऊपरी तल पर स्थित कमरे में गई थी। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिलने और काफी देर तक कोई हलचल न होने पर जब दरवाजा तोड़ा गया, तो अंदर का दृश्य देख परिजनों के होश उड़ गए। मृतका के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसके आधार पर पुलिस अब पूरे मामले की गहन पड़ताल में जुट गई है।
बच्ची के रोने पर हुआ अनहोनी का अहसास
परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, शनिवार दोपहर करीब एक बजे हर्षिता अपनी डेढ़ साल की बेटी को भूतल पर सास और ननद के पास छोड़कर पहली मंजिल पर स्थित अपने कमरे की ओर गई थी। काफी वक्त बीत जाने के बाद भी जब वह नीचे नहीं लौटी, तो बच्ची मां को न पाकर बिलखने लगी। बच्ची को रोता देख ननद ने हर्षिता को पुकारते हुए ऊपरी मंजिल का रुख किया। ऊपर पहुंचने पर उसने देखा कि कमरे की कुंडी भीतर से लगी हुई थी। ननद ने कई बार दरवाजा खटखटाया और नाम लेकर आवाज दी, मगर भीतर से किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया या आवाज नहीं आई।
फोन न उठने पर पति को दी गई सूचना, दरवाजा तोड़ते ही उड़े होश
कमरे से कोई जवाब न मिलने पर परिजनों की घबराहट बढ़ गई। ननद ने हर्षिता के मोबाइल नंबर पर लगातार कई फोन किए, लेकिन मोबाइल बजता रहा और किसी ने कॉल रिसीव नहीं की। अनहोनी की आशंका गहराते ही घटना की जानकारी तुरंत हर्षिता के पति शिशिर को दी गई। पति के आनन-फानन में घर पहुंचने के बाद परिजनों ने मिलकर कमरे का दरवाजा जोर लगाकर तोड़ा। जैसे ही दरवाजा खुला, सामने हर्षिता का शव फंदे के सहारे झूलता हुआ दिखाई दिया। इस खौफनाक मंजर को देखते ही पूरे परिवार में चीख-पुकार मच गई।
मौके पर पहुंची पुलिस, सुसाइड नोट कब्जे में लेकर शुरू की जांच
घटना की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही धूमनगंज थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सील करते हुए साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारकर पंचनामा भरा और उसे पोस्टमार्टम परीक्षण के लिए भेज दिया। कमरे की बारीकी से ली गई तलाशी के दौरान पुलिस को मृतका द्वारा लिखा गया एक सुसाइड नोट भी हाथ लगा है। पत्र में हर्षिता ने गंभीर मानसिक तनाव और अवसाद का जिक्र करते हुए लिखा है कि वह अब इस दुनिया में जीना नहीं चाहती। पुलिस ने इस पत्र को अपने कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रख लिया है।
ढाई साल पहले हुई थी शादी, ससुराल पक्ष भी वजह से अंजान
पुलिस की प्राथमिक छानबीन के अनुसार, हर्षिता और शिशिर का विवाह लगभग ढाई वर्ष पूर्व हुआ था और दांपत्य जीवन के दौरान उनके यहां डेढ़ साल की एक बेटी ने जन्म लिया। अचानक उठाए गए इस खौफनाक कदम को लेकर ससुराल पक्ष के लोग भी कोई ठोस कारण स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं। धूमनगंज थाना प्रभारी राजीव कुमार बैस ने बताया कि परिजनों और ससुराल के सदस्यों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुसाइड नोट में दर्ज एक-एक बिंदु, कमरे के हालात और घटना से पूर्व महिला के व्यवहार का पूरा ब्योरा खंगाला जा रहा है, ताकि आत्महत्या के वास्तविक कारणों तक पहुंचा जा सके।





















































