उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्षी दलों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दोनों राजनीतिक दलों को गुंडाराज, जंगलराज, भ्रष्टाचार और वंशवाद की राजनीति का सबसे बड़ा पैरोकार करार दिया। डिप्टी सीएम ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सदस्य विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का नया संगठन प्रभारी बनाए जाने के बाद से समाजवादी पार्टी के भीतर जबरदस्त घबराहट और राजनीतिक बेचैनी का माहौल है।
‘सपा और राजद की राजनीतिक कुंडली एक समान’
रविवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी अपने विस्तृत बयान में उपमुख्यमंत्री ने सपा और राजद के राजनीतिक स्वरूप की तुलना की। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि इन दोनों दलों के चरित्र, आचरण और चेहरे में कोई अंतर नहीं है। दोनों दल राजनीति में अराजकता, भ्रष्टाचार और केवल अपने परिवार के हितों को प्राथमिकता देने की कार्यशैली के प्रतीक रहे हैं। मौर्य के मुताबिक, जनता अब इस प्रकार की विभाजनकारी और वंशवादी राजनीति को पूरी तरह नकार चुकी है।
बिहार के सियासी समर का दिया हवाला
केशव प्रसाद मौर्य ने पिछले बिहार विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने रेखांकित किया कि उस चुनाव में समाजवादी पार्टी का अपना एक भी प्रत्याशी चुनावी मैदान में नहीं था, फिर भी अखिलेश यादव ने वहां पहुंचकर राजनीतिक हवा बनाने का प्रयास किया, जिसे राज्य की जनता ने भली-भांति देखा और खारिज कर दिया।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय भाजपा को सत्ता से बाहर करने के उद्देश्य से राजद, कांग्रेस और सपा ने मिलकर एक त्रिकोणीय मोर्चा बनाया था। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व और तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की विश्वस्त जोड़ी ने जनसमर्थन के बल पर इस गठबंधन के मंसूबों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया था।
विनोद तावड़े के अनुभव और संगठनात्मक प्रभाव पर जोर
भाजपा के वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े के लखनऊ प्रवास का स्वागत करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने उनकी रणनीतिक क्षमता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि तावड़े ने बिहार में पार्टी की ऐतिहासिक विजय सुनिश्चित करने में सूत्रधार के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अब जब शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी है, तो उनके राज्य में कदम रखते ही विपक्षी रणनीतिकारों के हौसले पस्त हो चुके हैं। तावड़े ने शनिवार को राजधानी लखनऊ पहुंचने के बाद रविवार से ही प्रदेश संगठन को और अधिक चुस्त-दुरुस्त करने के लिए सिलसिलेवार समीक्षा बैठकें शुरू कर दी हैं।
‘सैफई वापसी तय’: अमित शाह के दौरे को लेकर बड़ा दावा
केशव प्रसाद मौर्य ने विश्वास जताया कि आगामी समय में जब आधुनिक राजनीति के कुशल रणनीतिकार माने जाने वाले केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का उत्तर प्रदेश दौरा होगा, तब विपक्षी खेमे विशेषकर सपा का आत्मविश्वास पूरी तरह बिखर जाएगा। उन्होंने पुरजोर शब्दों में दावा किया कि राज्य में विकास और सुशासन के बलबूते भाजपा लगातार तीसरी बार पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में लौटेगी। इसके साथ ही समाजवादी पार्टी का राजनीतिक जनाधार पूरी तरह समाप्त हो जाएगा और उनका स्थायी रूप से सैफई लौटना सुनिश्चित है।



















































