धर्मनगरी चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के विकराल रूप से उपजी जलप्रलय की स्थिति के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद ग्राउंड जीरो पर उतरे। रविवार को अपने एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने न केवल हवाई और जमीनी स्तर पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया, बल्कि संकट में घिरे सैकड़ों परिवारों से सीधे संवाद कर उनके आंसू पोंछे। प्राकृतिक आपदा से बेघर हो चुके लोगों को तात्कालिक आर्थिक संबल प्रदान करते हुए सीएम ने प्रभावितों को राहत सामग्री, चेक और आवासीय पट्टे वितरित किए।
हवाई और स्थलीय निरीक्षण कर परखा नुकसान का दायरा
चित्रकूट आगमन के तुरंत बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदाकिनी नदी के जलस्तर में हुई भारी वृद्धि से घिरे बस्तियों और गांवों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके पश्चात उन्होंने जमीनी स्तर पर पहुंचकर जलभराव वाले क्षेत्रों की वास्तविकता देखी। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक अमले से अब तक चलाए गए बचाव अभियानों, राहत शिविरों की स्थिति और प्रभावितों तक पहुंचाई जा रही आवश्यक रसद सामग्री का संपूर्ण ब्योरा तलब किया।
रामायण मेला प्रांगण में पीड़ितों को बांटी आर्थिक मदद और राशन किट
चित्रकूट स्थित ऐतिहासिक रामायण मेला परिसर में एक विशेष राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मंच से मुख्यमंत्री ने आपदा में पूरी तरह धराशायी हो चुके मकानों के स्वामियों—मुकेश, लल्लू और चुन्नीलाल को फौरी राहत के रूप में 1 लाख 20 हजार-1 लाख 20 हजार रुपये के सहायता चेक प्रदान किए। इसके अतिरिक्त, आशियाना गंवा चुके राम सूरज और सूरज कली को भूमि आवंटन के औपचारिक प्रमाण पत्र सौंपे गए, ताकि वे अपने जीवन को पुनः पटरी पर ला सकें। कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों जरूरतमंद परिवारों को आवश्यक खाद्य सामग्रियों से युक्त राशन किट भी बांटी गई।
संकट में हर नागरिक के साथ खड़ी है सरकार: मुख्यमंत्री
मंच से जनसंवाद करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस गंभीर प्राकृतिक आपदा के समय राज्य सरकार पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा व पुनर्वास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जनमानस को आश्वस्त करते हुए कहा कि किसी भी परिवार को घबराने अथवा मायूस होने की आवश्यकता नहीं है; शासन बिना किसी भेदभाव के समाज के अंतिम व्यक्ति तक हर जरूरी सहायता पहुंचाएगा।
सीएम ने मंच से ही उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों को कड़े शब्दों में चेताया कि संकट की इस घड़ी में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही अक्षम्य होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व टीमें क्षेत्र में निरंतर सर्वेक्षण कर रही हैं और नुकसान का सटीक आकलन होते ही शेष सभी प्रभावितों को भी इसी तर्ज पर मुआवजा और सहायता राशि जारी की जाएगी।
पीड़ितों ने साझा किया दर्द, त्वरित सरकारी मदद की सराहना
राहत सामग्री और पुनर्वास का आश्वासन पाने के बाद बाढ़ पीड़ितों ने सरकार की संवेदनशीलता के प्रति आभार व्यक्त किया। सीतापुर मलकाना क्षेत्र की निवासी रानी और मंजू ने बताया कि सैलाब में उनकी गृहस्थी का सारा सामान बह गया था, लेकिन स्वयं मुख्यमंत्री द्वारा राशन किट सौंपे जाने और नया आशियाना बनवाने के भरोसे ने उनके भीतर नई उम्मीद जगाई है।
कटरा गूजर गांव की आशा ने प्रशासन की सक्रियता पर संतोष जताते हुए कहा कि बाढ़ के पहले ही दिन से राशन और भोजन की निर्बाध व्यवस्था की गई थी, जिसके चलते आपदा के दौरान भी किसी को भूखा नहीं रहना पड़ा। वहीं, अपना कच्चा घर गंवा चुके ज्ञान सिंह ने भावुक होकर कहा कि किसी संकटग्रस्त परिस्थिति में राज्य के मुखिया को इतनी तत्परता से जनता के बीच आकर हाथ थामते उन्होंने पहली बार देखा है।
समीक्षा बैठक में पुनर्वास कार्यों को तेज करने की हिदायत
राहत सामग्री वितरण के पश्चात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को जलस्तर घटते ही प्रभावित इलाकों में व्यापक स्तर पर स्वच्छता अभियान, कीटनाशक छिड़काव, शुद्ध पेयजल आपूर्ति और संक्रामक रोगों से बचाव के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि जनजीवन को शीघ्र सामान्य बनाया जा सके।



















































